Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 21 दिसंबर 2021
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
कृष्ण पक्ष · 06:24 तक
फिर तृतीया · 08:22 बुध तक
द्वितीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें21 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 दिसंबर
- 04:21–05:08ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:54 से
- 10:34–12:07लाभ चौघड़िया
-
11:15–12:07अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · पुनर्वसु में
- 11:42–12:07अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:07–13:41अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:14–16:47शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:21 के बाद
- 19:47–21:14लाभ चौघड़िया
- 22:41–22:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:44–00:08 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:08–01:34 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:22–05:08 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:54–07:27रोगअशुभ
- 07:27–09:01उद्वेगअशुभ
- 09:01–10:34चरसामान्य
- 10:34–12:07लाभशुभ
- 12:07–13:41अमृतगुलिक काल में
- 13:41–15:14कालअशुभ
- 15:14–16:47शुभराहु काल में
- 16:47–18:21रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:21–19:47कालअशुभ
- 19:47–21:14लाभशुभ
- 21:14–22:41उद्वेगअशुभ
- 22:41–00:08 बुधशुभ
- 00:08–01:34 बुधअमृतशुभ
- 01:34–03:01 बुधचरसामान्य
- 03:01–04:28 बुधरोगअशुभ
- 04:28–05:54 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:08, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:54–07:27
- उद्वेग, अशुभ, 07:27–09:01
- चर, सामान्य, 09:01–10:34
- लाभ, शुभ, 10:34–12:07
- अमृत, शुभ, 12:07–13:41
- काल, अशुभ, 13:41–15:14
- शुभ, 15:14–16:47
- रोग, अशुभ, 16:47–18:21
- काल, अशुभ, 18:21–19:47
- लाभ, शुभ, 19:47–21:14
- उद्वेग, अशुभ, 21:14–22:41
- शुभ, 22:41–00:08 बुध
- अमृत, शुभ, 00:08–01:34 बुध
- चर, सामान्य, 01:34–03:01 बुध
- रोग, अशुभ, 03:01–04:28 बुध
- काल, अशुभ, 04:28–05:54 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:23–09:13, अशुभ
- यमगण्ड, 09:01–10:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:32, शुभ
- गुलिक काल, 12:07–13:41, अशुभ
- राहु काल, 15:14–16:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:58–23:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:08 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 21 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.8° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। प्रतिपदा उससे पहले 04:07 सोम पर समाप्त हुई। द्वितीया 06:24 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 19 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वितीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वितीया यहाँ सोम 20 और मंगल 21 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 04:07 सोम को, सूर्योदय 05:53 सोम से पहले, शुरू हुई और 06:24 को, अगले सूर्योदय 05:54 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वितीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
मंगल 21 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–05:08
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–05:08।
सोम 20 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:20 सोम से सूर्योदय 05:54 तक थी, 11 घं 34 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 21 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:32।
मंगल 21 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:23–09:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:23–09:13, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:58–23:44।
मंगल 21 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:58–23:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:23–09:13, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:58–23:44।
यहाँ दिन, 05:54 से 18:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:23–09:13 और 22:58–23:44।
मंगल 21 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:54–07:27 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:54 से 18:21, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:21 से 05:54 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 21 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:14–16:47
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:14–16:47।
मंगल 21 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:01–10:34
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:01–10:34।
मंगल 21 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:07–13:41
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:07–13:41।
यहाँ दिन 05:54 से 18:21 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 21 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:21, 12 घं 27 मि का दिन।
मंगल 21 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:21, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 89.3° पर था: पुनर्वसु, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:55 को निकलेगा, पुष्य में।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 334.8° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 245.5° + 89.3° = 334.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 03:32 बुध को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 203.8° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 17:17 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 06:24 तक है।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:54 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 4 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
मंगल 21 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943
विक्रम संवत 2078 11 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2021, 23:30 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 247.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 21 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:33
चंद्रमा यहाँ 20:33 पर उदय होता है।
मंगल 21 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:46
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:33 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:33 पर उदय होगा।