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Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 23 सितंबर 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:23 05:58 18:05अगला सूर्योदय 05:57 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:58–07:29शुभयमगण्ड में
  • 07:29–09:00रोगअशुभ
  • 09:00–10:31उद्वेगअशुभ
  • 10:31–12:01चरसामान्य
  • 12:01–13:32लाभशुभ
  • 13:32–15:03अमृतराहु काल में
  • 15:03–16:34कालअशुभ
  • 16:34–18:05शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:05–19:34अमृतशुभ
  • 19:34–21:03चरसामान्य
  • 21:03–22:32रोगअशुभ
  • 22:32–00:01 शुक्रकालअशुभ
  • 00:01–01:30 शुक्रलाभशुभ
  • 01:30–02:59 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:59–04:28 शुक्रशुभ
  • 04:28–05:57 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 23 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:10, शुभ
  • शुभ, 05:58–07:29
  • रोग, अशुभ, 07:29–09:00
  • उद्वेग, अशुभ, 09:00–10:31
  • चर, सामान्य, 10:31–12:01
  • लाभ, शुभ, 12:01–13:32
  • अमृत, शुभ, 13:32–15:03
  • काल, अशुभ, 15:03–16:34
  • शुभ, 16:34–18:05
  • अमृत, शुभ, 18:05–19:34
  • चर, सामान्य, 19:34–21:03
  • रोग, अशुभ, 21:03–22:32
  • काल, अशुभ, 22:32–00:01 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:01–01:30 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:30–02:59 शुक्र
  • शुभ, 02:59–04:28 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:28–05:57 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:58–07:29, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:00–10:31, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:00–10:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:26, शुभ
  • राहु काल, 13:32–15:03, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:51–15:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:10 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 23 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 207.6° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 207.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 207.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। द्वितीया उससे पहले 22:24 बुध पर समाप्त हुई। तृतीया 00:00 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 20 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?

नई दिल्ली में द्वितीया है, Davinópolis में तृतीया।

द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी गुरु 23 सितंबर सुबह शुक्र 24 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 06:54 22:24 08:30 00:00 06:10 द्वितीया 06:10 तृतीया 05:58 तृतीया 05:57 चतुर्थी
द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी गुरु 23 सितंबर सुबह शुक्र 24 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 06:54 22:24 08:30 00:00 06:10 द्वितीया 06:10 तृतीया 05:58 तृतीया 05:57 चतुर्थी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:10, द्वितीया की समाप्ति 06:54 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।

Davinópolis · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:58, द्वितीया की समाप्ति 22:24 बुध के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।

गुरु 23 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:10

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:10।

सूर्यास्त 18:05 बुध सूर्योदय 05:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:05 बुध सूर्योदय 05:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 22 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:05 बुध से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 53 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 23 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:26।

गुरु 23 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:00–10:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:00–10:49 और 14:51–15:39।

गुरु 23 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:51–15:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:00–10:49 और 14:51–15:39।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:58 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:00–10:49 और 14:51–15:39।

गुरु 23 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:58–07:29 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:58 से 18:05, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:05 से 05:57 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 23 सितंबर को राहुकाल कब है? 13:32–15:03

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:32–15:03।

गुरु 23 सितंबर को यमगंड कब है? 05:58–07:29

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:58–07:29।

गुरु 23 सितंबर को गुलिक काल कब है? 09:00–10:31

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:00–10:31।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:58 से 18:05 तक है, 12 घं 7 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 23 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:05, 12 घं 7 मि का दिन।

गुरु 23 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:05, 12 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:48 चंद्रोदय 20:18
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:48 चंद्रोदय 20:18
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 4° पर था: अश्विनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 4.0° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 4.0° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:23 शुक्र को निकलेगा, भरणी में।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 160.4° थे: व्याघात।

सूर्य 156.4° + चंद्रमा 4.0° = 160.4° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 156.4° + चंद्रमा 4.0° = 160.4° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 156.4° + 4° = 160.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 05:38 शुक्र को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 207.6° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 207.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 207.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 11:08 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 00:00 शुक्र तक।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:57 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 6 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 6 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 23 सितंबर अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 20 सित॰ अमावस्या 6 अक्टू॰ पूर्णिमा 20 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 23 सितंबर अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 20 सित॰ अमावस्या 6 अक्टू॰ पूर्णिमा 20 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

गुरु 23 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943

विक्रम संवत 2078 11 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 सितंबर सूर्य 156.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2021 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 सितंबर सूर्य 156.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2021, 23:30 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 158.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 23 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:18

चंद्रमा यहाँ 20:18 पर उदय होता है।

गुरु 23 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:48

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:48 चंद्रोदय 20:18
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:48 चंद्रोदय 20:18
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:48 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:18 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:48 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:18 पर उदय होगा।