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English

Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग सोम 4 जून 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:35 06:13 18:02अगला सूर्योदय 06:13 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:13–07:42अमृतशुभ
  • 07:42–09:10कालअशुभ
  • 09:10–10:39शुभ
  • 10:39–12:07रोगअशुभ
  • 12:07–13:36उद्वेगअशुभ
  • 13:36–15:05चरसामान्य
  • 15:05–16:33लाभशुभ
  • 16:33–18:02अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:02–19:33चरसामान्य
  • 19:33–21:05रोगअशुभ
  • 21:05–22:36कालअशुभ
  • 22:36–00:08 मंगललाभशुभ
  • 00:08–01:39 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:39–03:10 मंगलशुभ
  • 03:10–04:42 मंगलअमृतशुभ
  • 04:42–06:13 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:24, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:13–07:42
  • काल, अशुभ, 07:42–09:10
  • शुभ, 09:10–10:39
  • रोग, अशुभ, 10:39–12:07
  • उद्वेग, अशुभ, 12:07–13:36
  • चर, सामान्य, 13:36–15:05
  • लाभ, शुभ, 15:05–16:33
  • अमृत, शुभ, 16:33–18:02
  • चर, सामान्य, 18:02–19:33
  • रोग, अशुभ, 19:33–21:05
  • काल, अशुभ, 21:05–22:36
  • लाभ, शुभ, 22:36–00:08 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:08–01:39 मंगल
  • शुभ, 01:39–03:10 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:10–04:42 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:42–06:13 मंगल
  • राहु काल, 07:42–09:10, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:39–12:07, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:44–12:31, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:31–13:18, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:36–15:05, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:53–15:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:24 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 4 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 243.6° आगे था: कृष्ण षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 243.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 243.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:13। पञ्चमी उससे पहले 22:22 रवि पर समाप्त हुई। षष्ठी 00:46 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 29 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?

नई दिल्ली में पञ्चमी है, Davinópolis में षष्ठी।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी सोम 4 जून सुबह मंगल 5 जून सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 06:52 22:22 09:16 00:46 05:23 पञ्चमी 05:23 षष्ठी 06:13 षष्ठी 06:13 सप्तमी
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी सोम 4 जून सुबह मंगल 5 जून सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 06:52 22:22 09:16 00:46 05:23 पञ्चमी 05:23 षष्ठी 06:13 षष्ठी 06:13 सप्तमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, पञ्चमी की समाप्ति 06:52 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

Davinópolis · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:13, पञ्चमी की समाप्ति 22:22 रवि के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।

सोम 4 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:35–05:24

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:35–05:24।

सूर्यास्त 18:02 रवि सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:02 रवि सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 जून की रात सूर्यास्त 18:02 रवि से सूर्योदय 06:13 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:44–12:31

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:44–12:31।

सोम 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:31–13:18

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:31–13:18 और 14:53–15:40।

सोम 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 14:53–15:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:31–13:18 और 14:53–15:40।

सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:13 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:31–13:18 और 14:53–15:40।

सोम 4 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:13–07:42 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:13 से 18:02, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:02 से 06:13 मंगल, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 जून को राहुकाल कब है? 07:42–09:10

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:42–09:10।

सोम 4 जून को यमगंड कब है? 10:39–12:07

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:39–12:07।

सोम 4 जून को गुलिक काल कब है? 13:36–15:05

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:36–15:05।

सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:13 से 18:02 तक है, 11 घं 49 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 49 मि का दिन।

सोम 4 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:02, 11 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:53 चंद्रोदय 23:04
सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:53 चंद्रोदय 23:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 जून को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 293.2° पर था: श्रवण, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 293.2° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 293.2° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 290° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:35 को निकलेगा, धनिष्ठा में।

सोम 4 जून को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 342.8° थे: इन्द्र।

सूर्य 49.6° + चंद्रमा 293.2° = 342.8° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 49.6° + चंद्रमा 293.2° = 342.8° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 49.6° + 293.2° = 342.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 13:32 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

सोम 4 जून को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 243.6° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 243.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° गर 240°–246° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 243.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° गर 240°–246° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 11:36 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 00:46 मंगल तक।

सोम 4 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:13, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:13 से 06:13 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

15 मई और 13 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मई 08:47 मंगल से 13 जून 16:43 बुध तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 03:06 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

सोम 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 4 जून अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 29 मई अमावस्या 13 जून पूर्णिमा 28 जून
अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 4 जून अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 29 मई अमावस्या 13 जून पूर्णिमा 28 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।

सोम 4 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 10:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 जून सूर्य 49.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 10:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 जून सूर्य 49.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 10:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 76.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:04

चंद्रमा यहाँ 23:04 पर उदय होता है।

सोम 4 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:53

सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:53 चंद्रोदय 23:04
सूर्योदय 06:13 सूर्यास्त 18:02 सूर्योदय 06:13 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:53 चंद्रोदय 23:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:53 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:04 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:53 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:04 पर उदय होगा।