Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग शनि 4 नवंबर 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
4 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 4 नवंबर
- 04:10–04:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:43 से
- 07:22–08:48शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:28–12:17अभिजीत मुहूर्त
-
12:16–13:25अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · भरणी में
- 13:25–14:58लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:58–16:30अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:02 के बाद
- 18:02–19:30लाभ चौघड़िया
- 20:58–22:25शुभ चौघड़िया
- 22:25–23:53अमृत चौघड़िया
- 04:15–05:43 रविलाभ चौघड़िया
- 04:10–04:56 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:43–07:16कालअशुभ
- 07:16–08:48शुभ
- 08:48–10:20रोगअशुभ
- 10:20–11:53उद्वेगअशुभ
- 11:53–13:25चरसामान्य
- 13:25–14:58लाभयमगण्ड में
- 14:58–16:30अमृतशुभ
- 16:30–18:02कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:02–19:30लाभशुभ
- 19:30–20:58उद्वेगअशुभ
- 20:58–22:25शुभ
- 22:25–23:53अमृतशुभ
- 23:53–01:20 रविचरसामान्य
- 01:20–02:48 रविरोगअशुभ
- 02:48–04:15 रविकालअशुभ
- 04:15–05:43 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:56, शुभ
- काल, अशुभ, 05:43–07:16
- शुभ, 07:16–08:48
- रोग, अशुभ, 08:48–10:20
- उद्वेग, अशुभ, 10:20–11:53
- चर, सामान्य, 11:53–13:25
- लाभ, शुभ, 13:25–14:58
- अमृत, शुभ, 14:58–16:30
- काल, अशुभ, 16:30–18:02
- लाभ, शुभ, 18:02–19:30
- उद्वेग, अशुभ, 19:30–20:58
- शुभ, 20:58–22:25
- अमृत, शुभ, 22:25–23:53
- चर, सामान्य, 23:53–01:20 रवि
- रोग, अशुभ, 01:20–02:48 रवि
- काल, अशुभ, 02:48–04:15 रवि
- लाभ, शुभ, 04:15–05:43 रवि
- गुलिक काल, 05:43–07:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:43–06:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:32–07:22, अशुभ
- राहु काल, 08:48–10:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:17, शुभ
- यमगण्ड, 13:25–14:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:56 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 181.9° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। पूर्णिमा उससे पहले 02:22 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 23:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 4 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?
नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Davinópolis में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:35, पूर्णिमा की समाप्ति 10:52 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:43, पूर्णिमा की समाप्ति 02:22 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
शनि 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:10–04:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:10–04:56।
शुक्र 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:02 शुक्र से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 41 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:17।
शनि 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:43–06:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:43–06:32 और 06:32–07:22।
शनि 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:32–07:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:43–06:32 और 06:32–07:22।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:43–06:32 और 06:32–07:22।
शनि 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:43–07:16 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:02, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:02 से 05:43 रवि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:48–10:20
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:48–10:20।
शनि 4 नवंबर को यमगंड कब है? 13:25–14:58
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:25–14:58।
शनि 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 05:43–07:16
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:43–07:16।
यहाँ दिन 05:43 से 18:02 तक है, 12 घं 19 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:02, 12 घं 19 मि का दिन।
शनि 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:02, 12 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 19.9° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 16:35 को निकलेगा, कृत्तिका में।
शनि 4 नवंबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 217.9° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 198° + 19.9° = 217.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 18:53 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
शनि 4 नवंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 181.9° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 12:48 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 23:09 तक।
शनि 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:43 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 19 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 18 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शनि 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
शनि 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 27 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2017, 23:57 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 214.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:42
चंद्रमा यहाँ 18:42 पर उदय होता है।
शनि 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:02
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:02 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:42 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:02 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:42 पर उदय होगा।