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Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग सोम 1 अक्टूबर 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

द्वितीया

कृष्ण पक्ष · 03:18 मंगल तक

फिर तृतीया · 05:29 बुध तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:19 05:54 18:03अगला सूर्योदय 05:54 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:25अमृतशुभ
  • 07:25–08:56कालअशुभ
  • 08:56–10:27शुभ
  • 10:27–11:59रोगअशुभ
  • 11:59–13:30उद्वेगअशुभ
  • 13:30–15:01चरसामान्य
  • 15:01–16:32लाभशुभ
  • 16:32–18:03अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:03–19:32चरसामान्य
  • 19:32–21:01रोगअशुभ
  • 21:01–22:30कालअशुभ
  • 22:30–23:58लाभशुभ
  • 23:58–01:27 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:27–02:56 मंगलशुभ
  • 02:56–04:25 मंगलअमृतशुभ
  • 04:25–05:54 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 1 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:07, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:54–07:25
  • काल, अशुभ, 07:25–08:56
  • शुभ, 08:56–10:27
  • रोग, अशुभ, 10:27–11:59
  • उद्वेग, अशुभ, 11:59–13:30
  • चर, सामान्य, 13:30–15:01
  • लाभ, शुभ, 15:01–16:32
  • अमृत, शुभ, 16:32–18:03
  • चर, सामान्य, 18:03–19:32
  • रोग, अशुभ, 19:32–21:01
  • काल, अशुभ, 21:01–22:30
  • लाभ, शुभ, 22:30–23:58
  • उद्वेग, अशुभ, 23:58–01:27 मंगल
  • शुभ, 01:27–02:56 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:56–04:25 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:25–05:54 मंगल
  • राहु काल, 07:25–08:56, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:27–11:59, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:34–12:23, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:23–13:12, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:30–15:01, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:49–15:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:06 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 1 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 194° आगे था: कृष्ण द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 194.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 194.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। प्रतिपदा उससे पहले 01:33 पर समाप्त हुई। द्वितीया 03:18 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 30 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?

नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Davinópolis में द्वितीया।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 1 अक्टूबर सुबह मंगल 2 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 10:03 01:33 11:48 03:18 06:14 प्रतिपदा 06:14 द्वितीया 05:54 द्वितीया 05:54 तृतीया
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 1 अक्टूबर सुबह मंगल 2 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 10:03 01:33 11:48 03:18 06:14 प्रतिपदा 06:14 द्वितीया 05:54 द्वितीया 05:54 तृतीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:14, प्रतिपदा की समाप्ति 10:03 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

Davinópolis · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:54, प्रतिपदा की समाप्ति 01:33 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।

सोम 1 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:19–05:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:19–05:07।

सूर्यास्त 18:03 रवि सूर्योदय 05:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:03 रवि सूर्योदय 05:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 30 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:03 रवि से सूर्योदय 05:54 तक थी, 11 घं 51 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 1 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:34–12:23

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:34–12:23।

सोम 1 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:23–13:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:23–13:12 और 14:49–15:37।

सोम 1 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:23–13:12 और 14:49–15:37।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:54 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:23–13:12 और 14:49–15:37।

सोम 1 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:25 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 18:03, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:03 से 05:54 मंगल, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 1 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 07:25–08:56

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:25–08:56।

सोम 1 अक्टूबर को यमगंड कब है? 10:27–11:59

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:27–11:59।

सोम 1 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 13:30–15:01

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:30–15:01।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:54 से 18:03 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 1 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:03, 12 घं 9 मि का दिन।

सोम 1 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:03, 12 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:43 चंद्रोदय 19:17
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:43 चंद्रोदय 19:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 358.6° पर था: रेवती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 358.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 358.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:40 को निकलेगा, अश्विनी में।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 523.1° थे, एक चक्कर और 163.1°: व्याघात।

सूर्य 164.5° + चंद्रमा 358.6° = 523.1° एक चक्कर + 163.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 164.5° + चंद्रमा 358.6° = 523.1° एक चक्कर + 163.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 164.5° + 358.6° = 523.1°, एक पूरा चक्कर और 163.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 00:31 मंगल को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 194° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 194.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° तैतिल 192°–198° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 194.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° तैतिल 192°–198° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 14:22 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 03:18 मंगल तक।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:54 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 15 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 15 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल सोम 1 अक्टूबर अमावस्या 15 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰ अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल सोम 1 अक्टूबर अमावस्या 15 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰ अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

सोम 1 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934

विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 11:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 1 अक्टूबर सूर्य 164.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 11:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 1 अक्टूबर सूर्य 164.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 11:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 186.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 1 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:17

चंद्रमा यहाँ 19:17 पर उदय होता है।

सोम 1 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:43

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:43 चंद्रोदय 19:17
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:43 चंद्रोदय 19:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:43 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:17 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:43 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:17 पर उदय होगा।