Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग बुध 1 अगस्त 2012
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
रक्षा बंधन
रक्षा बंधन बुध 1 अगस्त को है: उस दिन पूरे अपराह्न में पूर्णिमा है, और किसी दिन नहीं। बुध 1 अगस्त क्यों?
रक्षा बंधन: Davinópolis में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 1 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 1 अगस्त क्यों?
पूर्णिमा: Davinópolis में हर तारीख़1 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 अगस्त
- 04:42–05:31ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:19 से
- 06:19–07:48लाभ चौघड़िया
- 07:48–09:17अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:46–12:15शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:43–18:12लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:12 के बाद
- 19:43–21:14शुभ चौघड़िया
- 21:14–22:44अमृत चौघड़िया
-
02:49–04:21 गुरुअमृत कालश्रवण में
- 03:17–04:48 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:42–05:30 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:19–07:48लाभशुभ
- 07:48–09:17अमृतयमगण्ड में
- 09:17–10:46कालअशुभ
- 10:46–12:15शुभगुलिक काल में
- 12:15–13:45रोगअशुभ
- 13:45–15:14उद्वेगअशुभ
- 15:14–16:43चरसामान्य
- 16:43–18:12लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:12–19:43उद्वेगअशुभ
- 19:43–21:14शुभ
- 21:14–22:44अमृतशुभ
- 22:44–00:15 गुरुचरसामान्य
- 00:15–01:46 गुरुरोगअशुभ
- 01:46–03:17 गुरुकालअशुभ
- 03:17–04:48 गुरुलाभशुभ
- 04:48–06:19 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:31, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:19–07:48
- अमृत, शुभ, 07:48–09:17
- काल, अशुभ, 09:17–10:46
- शुभ, 10:46–12:15
- रोग, अशुभ, 12:15–13:45
- उद्वेग, अशुभ, 13:45–15:14
- चर, सामान्य, 15:14–16:43
- लाभ, शुभ, 16:43–18:12
- उद्वेग, अशुभ, 18:12–19:43
- शुभ, 19:43–21:14
- अमृत, शुभ, 21:14–22:44
- चर, सामान्य, 22:44–00:15 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:15–01:46 गुरु
- काल, अशुभ, 01:46–03:17 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:17–04:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:48–06:19 गुरु
- यमगण्ड, 07:48–09:17, अशुभ
- गुलिक काल, 10:46–12:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:52–12:39, अशुभ
- राहु काल, 12:15–13:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:30 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Davinópolis में रक्षा बंधन बुध 1 अगस्त को क्यों है?
रक्षा बंधन बुध 1 अगस्त को है: उस दिन पूरे अपराह्न में पूर्णिमा है, और किसी दिन नहीं।
राखी अपराह्न में, भद्रा के बाहर, बाँधी जाती है: दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। पूर्णिमा बुध 1 अगस्त को 02:28 से गुरु 2 अगस्त को 00:27 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अपराह्न (13:27–15:49) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
Davinópolis में पूर्णिमा बुध 1 अगस्त को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 1 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 1 अगस्त को 02:28 से गुरु 2 अगस्त को 00:27 तक है, इसलिए वह केवल बुध 1 अगस्त के सूर्योदय (06:19) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 170.1° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:19। चतुर्दशी उससे पहले 02:28 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 00:27 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 19 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Davinópolis में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:42, चतुर्दशी की समाप्ति 10:58 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:19, चतुर्दशी की समाप्ति 02:28 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
बुध 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:31
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:31।
मंगल 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:12 मंगल से सूर्योदय 06:19 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:52–12:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:52–12:39।
यहाँ दिन, 06:19 से 18:12, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:52–12:39: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:19–07:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:19 से 18:12, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:12 से 06:19 गुरु, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:15–13:45
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:15–13:45।
बुध 1 अगस्त को यमगंड कब है? 07:48–09:17
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:17।
बुध 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:46–12:15
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:46–12:15।
यहाँ दिन 06:19 से 18:12 तक है, 11 घं 53 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:12, 11 घं 53 मि का दिन।
बुध 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:12, 11 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 275.6° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:48 को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 1 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.1° थे, एक चक्कर और 21.1°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 105.5° + 275.6° = 381.1°, एक पूरा चक्कर और 21.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 15:12 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
बुध 1 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 170.1° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 13:25 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 00:27 गुरु तक।
बुध 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:19, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:19 से 06:19 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 19 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
बुध 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934
विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 11:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 127.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:51
चंद्रमा यहाँ 17:51 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:51 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।