Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग बुध 12 दिसंबर 2001
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 12 दिसंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का मंगल 11 दिसंबर से अधिक भाग घेरती है। बुध 12 दिसंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Davinópolis में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 12 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। बुध 12 दिसंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Davinópolis में हर तारीख़12 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 12 दिसंबर
- 05:17–06:03ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:50 से
- 06:50–08:23लाभ चौघड़िया
- 08:23–09:56अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:30–13:03शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:43–19:16लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:16 के बाद
- 20:43–22:10शुभ चौघड़िया
- 22:10–23:36अमृत चौघड़िया
- 03:57–05:23 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:18–06:04 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:50–08:23लाभशुभ
- 08:23–09:56अमृतयमगण्ड में
- 09:56–11:30कालअशुभ
- 11:30–13:03शुभगुलिक काल में
- 13:03–14:36रोगअशुभ
- 14:36–16:10उद्वेगअशुभ
- 16:10–17:43चरसामान्य
- 17:43–19:16लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:16–20:43उद्वेगअशुभ
- 20:43–22:10शुभ
- 22:10–23:36अमृतशुभ
- 23:36–01:03 गुरुचरसामान्य
- 01:03–02:30 गुरुरोगअशुभ
- 02:30–03:57 गुरुकालअशुभ
- 03:57–05:23 गुरुलाभशुभ
- 05:23–06:50 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 12 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–06:03, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:50–08:23
- अमृत, शुभ, 08:23–09:56
- काल, अशुभ, 09:56–11:30
- शुभ, 11:30–13:03
- रोग, अशुभ, 13:03–14:36
- उद्वेग, अशुभ, 14:36–16:10
- चर, सामान्य, 16:10–17:43
- लाभ, शुभ, 17:43–19:16
- उद्वेग, अशुभ, 19:16–20:43
- शुभ, 20:43–22:10
- अमृत, शुभ, 22:10–23:36
- चर, सामान्य, 23:36–01:03 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:03–02:30 गुरु
- काल, अशुभ, 02:30–03:57 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:57–05:23 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:23–06:50 गुरु
- यमगण्ड, 08:23–09:56, अशुभ
- गुलिक काल, 11:30–13:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:38–13:28, अशुभ
- राहु काल, 13:03–14:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–06:04 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Davinópolis में प्रदोष व्रत बुध 12 दिसंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 12 दिसंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का मंगल 11 दिसंबर से अधिक भाग घेरती है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 11 दिसंबर को 21:22 से बुध 12 दिसंबर को 20:06 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: बुध 12 दिसंबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Davinópolis में मासिक शिवरात्रि बुध 12 दिसंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 12 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 12 दिसंबर को 20:06 से गुरु 13 दिसंबर को 19:13 तक है, इसलिए केवल बुधवार की रात का निशीथ काल (00:40 गुरु–01:26 गुरु) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 12 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 329° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:50। द्वादशी उससे पहले 21:22 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 20:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 30 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 12 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:17–06:03
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:17–06:03।
मंगल 11 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:16 मंगल से सूर्योदय 06:50 तक थी, 11 घं 34 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 12 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:38–13:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:38–13:28।
यहाँ दिन, 06:50 से 19:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:38–13:28: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 12 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:50–08:23 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:50 से 19:16, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:16 से 06:50 गुरु, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 12 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:03–14:36
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:03–14:36।
बुध 12 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:23–09:56
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:23–09:56।
बुध 12 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 11:30–13:03
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:30–13:03।
यहाँ दिन 06:50 से 19:16 तक है, 12 घं 26 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 12 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 19:16, 12 घं 26 मि का दिन।
बुध 12 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 19:16, 12 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 205.5° पर था: विशाखा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:33 को निकलेगा, अनुराधा में।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 442° थे, एक चक्कर और 82°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 236.5° + 205.5° = 442°, एक पूरा चक्कर और 82°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 01:20 गुरु को समाप्त होता है, फिर धृति।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 329° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 08:41 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 20:06 तक।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:50, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:50 से 06:50 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 15 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 14 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
बुध 12 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923
विक्रम संवत 2058 24 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2001, 22:21 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 255.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 12 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:37 गुरु
चंद्रमा यहाँ 05:37 गुरु पर उदय होता है।
बुध 12 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:24
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:37 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:37 गुरु पर उदय होगा।