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English

Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग सोम 1 जुलाई 1996

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:41 06:19 18:07अगला सूर्योदय 06:19 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:19–07:47अमृतशुभ
  • 07:47–09:16कालअशुभ
  • 09:16–10:44शुभ
  • 10:44–12:13रोगअशुभ
  • 12:13–13:42उद्वेगअशुभ
  • 13:42–15:10चरसामान्य
  • 15:10–16:39लाभशुभ
  • 16:39–18:07अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:07–19:39चरसामान्य
  • 19:39–21:10रोगअशुभ
  • 21:10–22:42कालअशुभ
  • 22:42–00:13 मंगललाभशुभ
  • 00:13–01:45 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:45–03:16 मंगलशुभ
  • 03:16–04:47 मंगलअमृतशुभ
  • 04:47–06:19 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:30, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:19–07:47
  • काल, अशुभ, 07:47–09:16
  • शुभ, 09:16–10:44
  • रोग, अशुभ, 10:44–12:13
  • उद्वेग, अशुभ, 12:13–13:42
  • चर, सामान्य, 13:42–15:10
  • लाभ, शुभ, 15:10–16:39
  • अमृत, शुभ, 16:39–18:07
  • चर, सामान्य, 18:07–19:39
  • रोग, अशुभ, 19:39–21:10
  • काल, अशुभ, 21:10–22:42
  • लाभ, शुभ, 22:42–00:13 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:13–01:45 मंगल
  • शुभ, 01:45–03:16 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:16–04:47 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:47–06:19 मंगल
  • राहु काल, 07:47–09:16, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:44–12:13, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:49–12:37, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:37–13:24, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:42–15:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:58–15:46, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:30 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 183.2° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 183.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 183.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:19। पूर्णिमा उससे पहले 00:58 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 21:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 1 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?

नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Davinópolis में प्रतिपदा।

पूर्णिमा प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 1 जुलाई सुबह मंगल 2 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 09:28 00:58 05:36 21:06 05:26 पूर्णिमा 05:27 प्रतिपदा 06:19 प्रतिपदा 06:19 द्वितीया
पूर्णिमा प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 1 जुलाई सुबह मंगल 2 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 09:28 00:58 05:36 21:06 05:26 पूर्णिमा 05:27 प्रतिपदा 06:19 प्रतिपदा 06:19 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:26, पूर्णिमा की समाप्ति 09:28 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।

Davinópolis · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:19, पूर्णिमा की समाप्ति 00:58 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

सोम 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:30

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:30।

सूर्यास्त 18:07 रवि सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:07 रवि सूर्योदय 06:19 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 30 जून की रात सूर्यास्त 18:07 रवि से सूर्योदय 06:19 तक थी, 12 घं 12 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:49–12:37

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:49–12:37।

सोम 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:37–13:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:37–13:24 और 14:58–15:46।

सोम 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:58–15:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:37–13:24 और 14:58–15:46।

सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:19 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:37–13:24 और 14:58–15:46।

सोम 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:19–07:47 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:19 से 18:07, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:07 से 06:19 मंगल, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 07:47–09:16

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:47–09:16।

सोम 1 जुलाई को यमगंड कब है? 10:44–12:13

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:44–12:13।

सोम 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 13:42–15:10

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:42–15:10।

सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:19 से 18:07 तक है, 11 घं 48 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 48 मि का दिन।

सोम 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:32 चंद्रोदय 18:50
सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:32 चंद्रोदय 18:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 259.2° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 259.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 259.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:05 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

सोम 1 जुलाई को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 335.2° थे: इन्द्र।

सूर्य 76.0° + चंद्रमा 259.2° = 335.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 76.0° + चंद्रमा 259.2° = 335.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 76° + 259.2° = 335.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 23:19 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

सोम 1 जुलाई को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 183.2° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 183.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 183.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 11:02 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 21:06 तक।

सोम 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:19, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:19 से 06:19 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

15 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जून 22:35 शनि से 15 जुलाई 13:14 सोम तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 15 जुलाई 22:40 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

सोम 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 1 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 30 जुल॰
अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 1 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 30 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।

सोम 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2053 · शक 1918

विक्रम संवत 2053 19 मार्च 1996 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1996 07:44 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 1 जुलाई सूर्य 76.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1996 07:44 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 1 जुलाई सूर्य 76.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1996, 07:44 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 100.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2053 गिनता है; शक संवत 1918।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:50

चंद्रमा यहाँ 18:50 पर उदय होता है।

सोम 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:32

सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:32 चंद्रोदय 18:50
सूर्योदय 06:19 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:32 चंद्रोदय 18:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:50 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:50 पर उदय होगा।