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कुज़्को, कुस्को प्रदेश, पेरू का पंचांग बुध 4 नवंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−5 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 00:06 गुरु तक

फिर द्वादशी · 00:01 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

रमा एकादशी

पारण समय
06:04⁠–⁠17:50 गुरु
गुरु 5 नवंबर
व्रत आरंभ
05:12

रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। बुध 4 नवंबर क्यों?

रमा एकादशी: कुज़्को में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:41 05:12 17:50अगला सूर्योदय 05:12 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:12–06:47लाभशुभ
  • 06:47–08:22अमृतयमगण्ड में
  • 08:22–09:56कालअशुभ
  • 09:56–11:31शुभगुलिक काल में
  • 11:31–13:06रोगअशुभ
  • 13:06–14:41उद्वेगअशुभ
  • 14:41–16:15चरसामान्य
  • 16:15–17:50लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:50–19:15उद्वेगअशुभ
  • 19:15–20:41शुभ
  • 20:41–22:06अमृतशुभ
  • 22:06–23:31चरसामान्य
  • 23:31–00:56 गुरुरोगअशुभ
  • 00:56–02:22 गुरुकालअशुभ
  • 02:22–03:47 गुरुलाभशुभ
  • 03:47–05:12 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:41–04:27, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:12–06:47
  • अमृत, शुभ, 06:47–08:22
  • काल, अशुभ, 08:22–09:56
  • शुभ, 09:56–11:31
  • रोग, अशुभ, 11:31–13:06
  • उद्वेग, अशुभ, 13:06–14:41
  • चर, सामान्य, 14:41–16:15
  • लाभ, शुभ, 16:15–17:50
  • उद्वेग, अशुभ, 17:50–19:15
  • शुभ, 19:15–20:41
  • अमृत, शुभ, 20:41–22:06
  • चर, सामान्य, 22:06–23:31
  • रोग, अशुभ, 23:31–00:56 गुरु
  • काल, अशुभ, 00:56–02:22 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:22–03:47 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 03:47–05:12 गुरु
  • यमगण्ड, 06:47–08:22, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:56–11:31, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:06–11:56, अशुभ
  • राहु काल, 11:31–13:06, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:41–04:27 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

कुज़्को में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को क्यों है?

रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 05:12 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 4 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:36–05:12
एकादशी 05:12 02:00 04:00 06:00 बुध 4 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:36–05:12
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−5)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 4 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:12: बुध 4 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:33 पर, उससे (03:36–05:12) पहले, समाप्त हुई।

रमा एकादशी: कुज़्को में हर तारीख़

बुध 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 302.4° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 302.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 302.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:12। दशमी उससे पहले 00:33 पर समाप्त हुई। एकादशी 00:06 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 25 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, कुज़्को में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 4 नवंबर सुबह गुरु 5 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST कुज़्को UTC−5 11:03 00:33 10:36 00:06 06:35 दशमी 06:35 एकादशी 05:12 एकादशी 05:12 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 4 नवंबर सुबह गुरु 5 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST कुज़्को UTC−5 11:03 00:33 10:36 00:06 06:35 दशमी 06:35 एकादशी 05:12 एकादशी 05:12 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:35, दशमी की समाप्ति 11:03 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।

कुज़्को · UTC−5

यहाँ सूर्योदय, 05:12, दशमी की समाप्ति 00:33 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

बुध 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:41–04:27

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:41–04:27।

सूर्यास्त 17:50 मंगल सूर्योदय 05:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 3 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:50 मंगल सूर्योदय 05:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 3 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:50 मंगल से सूर्योदय 05:12 तक थी, 11 घं 22 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:06–11:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:06–11:56।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:12 से 17:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:06–11:56: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:12–06:47 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:12 से 17:50, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:50 से 05:12 गुरु, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:31–13:06

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:31–13:06।

बुध 4 नवंबर को यमगंड कब है? 06:47–08:22

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:47–08:22।

बुध 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 09:56–11:31

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 09:56–11:31।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:12 से 17:50 तक है, 12 घं 38 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:12

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 17:50, 12 घं 38 मि का दिन।

बुध 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 17:50, 12 घं 38 मि का दिन।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:06 चंद्रोदय 02:31 गुरु
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:06 चंद्रोदय 02:31 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 140.2° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 140.2° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 140.2° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:00 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

बुध 4 नवंबर को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338° थे: इन्द्र।

सूर्य 197.8° + चंद्रमा 140.2° = 338.0° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 197.8° + चंद्रमा 140.2° = 338.0° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197.8° + 140.2° = 338°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 19:56 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

बुध 4 नवंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 302.4° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 302.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 302.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 12:17 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 00:06 गुरु तक।

बुध 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:12, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:12 से 05:12 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 4 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 25 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 4 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 25 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

बुध 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 18 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 2026 20:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 4 नवंबर सूर्य 197.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 2026 20:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 4 नवंबर सूर्य 197.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 2026, 20:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 223.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:31 गुरु

चंद्रमा यहाँ 02:31 गुरु पर उदय होता है।

बुध 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:06

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:06 चंद्रोदय 02:31 गुरु
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:06 चंद्रोदय 02:31 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:31 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:31 गुरु पर उदय होगा।