Cuenca, अज़ुये प्रांत, इक्वाडोर का पंचांग रवि 14 जुलाई 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−5 में
त्योहार
गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 14 जुलाई क्यों?
गुरु पूर्णिमा: Cuenca में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 14 जुलाई क्यों?
पूर्णिमा: Cuenca में हर तारीख़14 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 14 जुलाई
- 04:46–05:34ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:22 से
- 09:22–10:52लाभ चौघड़िया
- 10:52–12:21अमृत चौघड़िया
- 11:58–12:21अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:51–15:21शुभ चौघड़िया
-
14:02–15:21अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- सूर्यास्त 18:20 के बाद
- 18:20–19:51शुभ चौघड़िया
- 19:51–21:21अमृत चौघड़िया
- 01:52–03:22 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:52–06:23 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:46–05:34 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:22–07:52उद्वेगअशुभ
- 07:52–09:22चरसामान्य
- 09:22–10:52लाभशुभ
- 10:52–12:21अमृतशुभ
- 12:21–13:51कालअशुभ
- 13:51–15:21शुभ
- 15:21–16:51रोगअशुभ
- 16:51–18:20उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:20–19:51शुभ
- 19:51–21:21अमृतशुभ
- 21:21–22:51चरसामान्य
- 22:51–00:22 सोमरोगअशुभ
- 00:22–01:52 सोमकालअशुभ
- 01:52–03:22 सोमलाभशुभ
- 03:22–04:52 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:52–06:23 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 14 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:34, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:22–07:52
- चर, सामान्य, 07:52–09:22
- लाभ, शुभ, 09:22–10:52
- अमृत, शुभ, 10:52–12:21
- काल, अशुभ, 12:21–13:51
- शुभ, 13:51–15:21
- रोग, अशुभ, 15:21–16:51
- उद्वेग, अशुभ, 16:51–18:20
- शुभ, 18:20–19:51
- अमृत, शुभ, 19:51–21:21
- चर, सामान्य, 21:21–22:51
- रोग, अशुभ, 22:51–00:22 सोम
- काल, अशुभ, 00:22–01:52 सोम
- लाभ, शुभ, 01:52–03:22 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:22–04:52 सोम
- शुभ, 04:52–06:23 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:45, शुभ
- यमगण्ड, 12:21–13:51, अशुभ
- गुलिक काल, 15:21–16:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:45–17:33, अशुभ
- राहु काल, 16:51–18:20, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:34 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Cuenca में गुरु पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को क्यों है?
गुरु पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
गुरु पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को 00:17 से रवि 14 जुलाई को 21:12 तक है, इसलिए वह केवल रवि 14 जुलाई के सूर्योदय (06:22) पर है। गुरु पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Cuenca में पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 14 जुलाई को 00:17 से रवि 14 जुलाई को 21:12 तक है, इसलिए वह केवल रवि 14 जुलाई के सूर्योदय (06:22) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 14 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 171.5° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। चतुर्दशी उससे पहले 00:17 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 21:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 30 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Cuenca में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:32, चतुर्दशी की समाप्ति 10:47 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Cuenca · UTC−5
यहाँ सूर्योदय, 06:22, चतुर्दशी की समाप्ति 00:17 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
रवि 14 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:34
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:34।
शनि 13 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:20 शनि से सूर्योदय 06:22 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 14 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:45
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:45।
रवि 14 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:45–17:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:45–17:33।
यहाँ दिन, 06:22 से 18:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:45–17:33।
रवि 14 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:22–07:52 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:22 से 18:20, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:20 से 06:23 सोम, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 14 जुलाई को राहुकाल कब है? 16:51–18:20
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:51–18:20।
रवि 14 जुलाई को यमगंड कब है? 12:21–13:51
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:21–13:51।
रवि 14 जुलाई को गुलिक काल कब है? 15:21–16:51
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:21–16:51।
यहाँ दिन 06:22 से 18:20 तक है, 11 घं 58 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 14 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:20, 11 घं 58 मि का दिन।
रवि 14 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:20, 11 घं 58 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 14 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 259.3° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:22 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
रवि 14 जुलाई को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 347.1° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 87.8° + 259.3° = 347.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 02:09 सोम को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
रवि 14 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 171.5° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 10:43 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 21:12 तक।
रवि 14 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:23 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 14 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 30 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 14 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
रवि 14 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 2 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2030, 17:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 98.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 14 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:09
चंद्रमा यहाँ 18:09 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:09 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।