Cuenca, अज़ुये प्रांत, इक्वाडोर का पंचांग शनि 30 जून 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−5 में
30 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 जून
- 04:44–05:32ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:21 से
- 07:56–09:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:55–12:43अभिजीत मुहूर्त
- 13:49–15:19लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:19–16:48अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:18 के बाद
- 18:18–19:48लाभ चौघड़िया
- 21:19–22:49शुभ चौघड़िया
-
21:55–23:38अमृत कालशतभिषा में
- 22:49–00:19 रविअमृत चौघड़िया
- 04:50–06:21 रविलाभ चौघड़िया
- 04:44–05:33 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:21–07:50कालअशुभ
- 07:50–09:20शुभ
- 09:20–10:50रोगअशुभ
- 10:50–12:19उद्वेगअशुभ
- 12:19–13:49चरसामान्य
- 13:49–15:19लाभयमगण्ड में
- 15:19–16:48अमृतशुभ
- 16:48–18:18कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:18–19:48लाभशुभ
- 19:48–21:19उद्वेगअशुभ
- 21:19–22:49शुभ
- 22:49–00:19 रविअमृतशुभ
- 00:19–01:50 रविचरसामान्य
- 01:50–03:20 रविरोगअशुभ
- 03:20–04:50 रविकालअशुभ
- 04:50–06:21 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:32, शुभ
- काल, अशुभ, 06:21–07:50
- शुभ, 07:50–09:20
- रोग, अशुभ, 09:20–10:50
- उद्वेग, अशुभ, 10:50–12:19
- चर, सामान्य, 12:19–13:49
- लाभ, शुभ, 13:49–15:19
- अमृत, शुभ, 15:19–16:48
- काल, अशुभ, 16:48–18:18
- लाभ, शुभ, 18:18–19:48
- उद्वेग, अशुभ, 19:48–21:19
- शुभ, 21:19–22:49
- अमृत, शुभ, 22:49–00:19 रवि
- चर, सामान्य, 00:19–01:50 रवि
- रोग, अशुभ, 01:50–03:20 रवि
- काल, अशुभ, 03:20–04:50 रवि
- लाभ, शुभ, 04:50–06:21 रवि
- गुलिक काल, 06:21–07:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:21–07:08, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:08–07:56, अशुभ
- राहु काल, 09:20–10:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:43, शुभ
- यमगण्ड, 13:49–15:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:33 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 30 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 233.3° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:21। चतुर्थी उससे पहले 19:29 शुक्र पर समाप्त हुई। पञ्चमी 20:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 25 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Cuenca में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:26, चतुर्थी की समाप्ति 05:59 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Cuenca · UTC−5
यहाँ सूर्योदय, 06:21, चतुर्थी की समाप्ति 19:29 शुक्र के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
शनि 30 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:32
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:32।
शुक्र 29 जून की रात सूर्यास्त 18:18 शुक्र से सूर्योदय 06:21 तक थी, 12 घं 3 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 30 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:43
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:43।
शनि 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 06:21–07:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:21–07:08 और 07:08–07:56।
शनि 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:08–07:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:21–07:08 और 07:08–07:56।
यहाँ दिन, 06:21 से 18:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:21–07:08 और 07:08–07:56।
शनि 30 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:21–07:50 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:21 से 18:18, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:18 से 06:21 रवि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 30 जून को राहुकाल कब है? 09:20–10:50
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:20–10:50।
शनि 30 जून को यमगंड कब है? 13:49–15:19
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:49–15:19।
शनि 30 जून को गुलिक काल कब है? 06:21–07:50
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:21–07:50।
यहाँ दिन 06:21 से 18:18 तक है, 11 घं 57 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 30 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:18, 11 घं 57 मि का दिन।
शनि 30 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:18, 11 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 30 जून को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 308° पर था: शतभिषा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 306°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:38 रवि को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
शनि 30 जून को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 382.7° थे, एक चक्कर और 22.7°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.7° + 308° = 382.7°, एक पूरा चक्कर और 22.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 13:31 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
शनि 30 जून को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 233.3° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 07:51 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 20:23 तक।
शनि 30 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:21, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:21 से 06:21 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 11 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 11 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शनि 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
शनि 30 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 14 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 2029, 23:19 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 104.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 30 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:18
चंद्रमा यहाँ 22:18 पर उदय होता है।
शनि 30 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:58
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:58 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:18 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:58 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:18 पर उदय होगा।