tithika
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कांस्टैंटाइन, अल्जीरिया का पंचांग रवि 8 नवंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

त्योहार

दीवाली · लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
17:51⁠–⁠19:42
प्रदोष काल 17:30⁠–⁠20:13

दीवाली · लक्ष्मी पूजा रवि 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। रवि 8 नवंबर क्यों?

दीवाली: कांस्टैंटाइन में हर तारीख़

त्योहार

नरक चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान मुहूर्त
05:27⁠–⁠07:03
अरुणोदय 05:27⁠–⁠07:03

नरक चतुर्दशी रवि 8 नवंबर को है: उस सुबह चतुर्दशी अरुणोदय का शनि 7 नवंबर से अधिक भाग घेरती है। रवि 8 नवंबर क्यों?

नरक चतुर्दशी: कांस्टैंटाइन में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या रवि 8 नवंबर को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। रवि 8 नवंबर क्यों?

अमावस्या: कांस्टैंटाइन में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:15 07:03 17:30अगला सूर्योदय 07:04 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:03–08:22उद्वेगअशुभ
  • 08:22–09:40चरसामान्य
  • 09:40–10:58लाभशुभ
  • 10:58–12:17अमृतशुभ
  • 12:17–13:35कालअशुभ
  • 13:35–14:53शुभ
  • 14:53–16:12रोगअशुभ
  • 16:12–17:30उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:30–19:12शुभ
  • 19:12–20:54अमृतशुभ
  • 20:54–22:35चरसामान्य
  • 22:35–00:17 सोमरोगअशुभ
  • 00:17–01:59 सोमकालअशुभ
  • 01:59–03:41 सोमलाभशुभ
  • 03:41–05:22 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:22–07:04 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 8 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:09, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:03–08:22
  • चर, सामान्य, 08:22–09:40
  • लाभ, शुभ, 09:40–10:58
  • अमृत, शुभ, 10:58–12:17
  • काल, अशुभ, 12:17–13:35
  • शुभ, 13:35–14:53
  • रोग, अशुभ, 14:53–16:12
  • उद्वेग, अशुभ, 16:12–17:30
  • शुभ, 17:30–19:12
  • अमृत, शुभ, 19:12–20:54
  • चर, सामान्य, 20:54–22:35
  • रोग, अशुभ, 22:35–00:17 सोम
  • काल, अशुभ, 00:17–01:59 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:59–03:41 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:41–05:22 सोम
  • शुभ, 05:22–07:04 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:38, शुभ
  • यमगण्ड, 12:17–13:35, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:53–16:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:07–16:48, अशुभ
  • राहु काल, 16:12–17:30, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–06:10 सोम

हर मान कैसे निकलता है

कांस्टैंटाइन में दीवाली रवि 8 नवंबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा रवि 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।

अमावस्या 16:00 18:00 20:00 22:00 रवि 8 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:30–20:13
अमावस्या 16:00 18:00 20:00 22:00 रवि 8 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:30–20:13
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या रवि 8 नवंबर को 06:58 से सोम 9 नवंबर को 08:02 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (17:30–20:13) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:30–20:13। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:51 से 19:42 तक उदित रहता है।

दीवाली: कांस्टैंटाइन में हर तारीख़

कांस्टैंटाइन में नरक चतुर्दशी रवि 8 नवंबर को क्यों है?

नरक चतुर्दशी रवि 8 नवंबर को है: उस सुबह चतुर्दशी अरुणोदय का शनि 7 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।

त्रयोदशी चतुर्दशी 07:02 06:18 04:00 05:00 07:00 08:00 09:00 शनि 7 नवंबर अरुणोदय 05:26–07:02
त्रयोदशी चतुर्दशी 07:02 06:18 04:00 08:00 शनि 7 नवंबर अरुणोदय 05:26–07:02
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी शनि 7 नवंबर को 06:18 से रवि 8 नवंबर को 06:58 तक है, और दोनों सुबह अरुणोदय को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका अरुणोदय उसमें अधिक है: रवि 8 नवंबर। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।

नरक चतुर्दशी: कांस्टैंटाइन में हर तारीख़

कांस्टैंटाइन में अमावस्या रवि 8 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या रवि 8 नवंबर को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।

चतुर्दशी अमावस्या 06:58 06:00 08:00 09:00 रवि 8 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:03
चतुर्दशी अमावस्या 06:58 06:00 08:00 09:00 रवि 8 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:03
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या दोनों सूर्योदयों पर है, रवि 8 नवंबर को 07:03 और सोम 9 नवंबर को 07:04। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: रवि 8 नवंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: कांस्टैंटाइन में हर तारीख़

रवि 8 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 348.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 348.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:03। चतुर्दशी उससे पहले 06:58 पर समाप्त हुई। अमावस्या 08:02 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?

अमावस्या यहाँ रवि 8 और सोम 9 नवंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा रवि 8 नवंबर सुबह सोम 9 नवंबर सुबह कांस्टैंटाइन UTC+1 06:58 08:02 07:03 अमावस्या 07:04 अमावस्या अमावस्या इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा रवि 8 नवंबर सुबह सोम 9 नवंबर सुबह कांस्टैंटाइन UTC+1 06:58 08:02 07:03 अमावस्या 07:04 अमावस्या अमावस्या इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 06:58 को, सूर्योदय 07:03 से पहले, शुरू हुई और 08:02 सोम को, अगले सूर्योदय 07:04 सोम के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, कांस्टैंटाइन में अमावस्या।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा रवि 8 नवंबर सुबह सोम 9 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST कांस्टैंटाइन UTC+1 11:28 06:58 12:32 08:02 06:38 चतुर्दशी 06:38 अमावस्या 07:03 अमावस्या 07:04 अमावस्या
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा रवि 8 नवंबर सुबह सोम 9 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST कांस्टैंटाइन UTC+1 11:28 06:58 12:32 08:02 06:38 चतुर्दशी 06:38 अमावस्या 07:03 अमावस्या 07:04 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:38, चतुर्दशी की समाप्ति 11:28 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

कांस्टैंटाइन · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 07:03, चतुर्दशी की समाप्ति 06:58 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।

रवि 8 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–06:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–06:09।

सूर्यास्त 17:31 शनि सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 7 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:31 शनि सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 7 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 7 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:31 शनि से सूर्योदय 07:03 तक थी, 13 घं 32 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 8 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:38

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:38।

रवि 8 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:07–16:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:07–16:48।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:03 से 17:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:07–16:48।

रवि 8 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:03–08:22 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:03 से 17:30, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:30 से 07:04 सोम, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 8 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:12–17:30

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:12–17:30।

रवि 8 नवंबर को यमगंड कब है? 12:17–13:35

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:17–13:35।

रवि 8 नवंबर को गुलिक काल कब है? 14:53–16:12

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:53–16:12।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:03 से 17:30 तक है, 10 घं 27 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 8 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 17:30, 10 घं 27 मि का दिन।

रवि 8 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 17:30, 10 घं 27 मि का दिन।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:42
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 8 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 189.7° पर था: स्वाती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 189.7° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 189.7° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 186°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:54 सोम को निकलेगा, विशाखा में।

रवि 8 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 391.3° थे, एक चक्कर और 31.3°: आयुष्मान्।

सूर्य 201.6° + चंद्रमा 189.7° = 391.3° एक चक्कर + 31.3° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 201.6° + चंद्रमा 189.7° = 391.3° एक चक्कर + 31.3° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 201.6° + 189.7° = 391.3°, एक पूरा चक्कर और 31.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 22:33 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

रवि 8 नवंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 348° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 348.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 348.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 19:27 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 08:02 सोम तक।

रवि 8 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:03, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:03 से 07:04 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 8 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

रवि 8 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल रवि 8 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल रवि 8 नवंबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

रवि 8 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 8 नवंबर सूर्य 201.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 8 नवंबर सूर्य 201.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 227.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 8 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:42

चंद्रमा यहाँ 16:42 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:42
सूर्योदय 07:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 16:42 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।