Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शुक्र 11 जून 2038
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
शुक्ल पक्ष · 06:10 तक
फिर नवमी · 03:51 शनि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन नवमी नहीं कारण जानें11 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 11 जून
- 03:54–04:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:25 से
- 07:00–08:35लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:48–10:11अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:46–12:12अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:46–12:12शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:03–13:22शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
13:21–14:51अमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- सूर्यास्त 18:08 के बाद
- 20:57–22:22लाभ चौघड़िया
- 23:46–01:11 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:11–02:36 शनिअमृत चौघड़िया
- 03:54–04:40 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:25–07:00चरसामान्य
- 07:00–08:35लाभगुलिक काल में
- 08:35–10:11अमृतशुभ
- 10:11–11:46कालअशुभ
- 11:46–13:22शुभ
- 13:22–14:57रोगअशुभ
- 14:57–16:33उद्वेगअशुभ
- 16:33–18:08चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:08–19:33रोगअशुभ
- 19:33–20:57कालअशुभ
- 20:57–22:22लाभशुभ
- 22:22–23:46उद्वेगअशुभ
- 23:46–01:11 शनिशुभ
- 01:11–02:36 शनिअमृतशुभ
- 02:36–04:00 शनिचरसामान्य
- 04:00–05:25 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 11 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:39, शुभ
- चर, सामान्य, 05:25–07:00
- लाभ, शुभ, 07:00–08:35
- अमृत, शुभ, 08:35–10:11
- काल, अशुभ, 10:11–11:46
- शुभ, 11:46–13:22
- रोग, अशुभ, 13:22–14:57
- उद्वेग, अशुभ, 14:57–16:33
- चर, सामान्य, 16:33–18:08
- रोग, अशुभ, 18:08–19:33
- काल, अशुभ, 19:33–20:57
- लाभ, शुभ, 20:57–22:22
- उद्वेग, अशुभ, 22:22–23:46
- शुभ, 23:46–01:11 शनि
- अमृत, शुभ, 01:11–02:36 शनि
- चर, सामान्य, 02:36–04:00 शनि
- रोग, अशुभ, 04:00–05:25 शनि
- गुलिक काल, 07:00–08:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:57–08:48, अशुभ
- राहु काल, 10:11–11:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:21–12:12, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:12–13:03, अशुभ
- यमगण्ड, 14:57–16:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:40 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 11 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 95.6° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:25। सप्तमी उससे पहले 08:05 गुरु पर समाप्त हुई। अष्टमी 06:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 3 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नवमी क्षय क्यों है?
नवमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 06:10 को शुरू हुई और 03:51 शनि को समाप्त, 05:25 और 05:25 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को अष्टमी है और शनिवार को दशमी: नवमी यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में नवमी क्यों है?
नई दिल्ली में नवमी है, Codcod में अष्टमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:22, अष्टमी की समाप्ति 03:40 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:25, अष्टमी की समाप्ति 06:10 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है। नवमी अगले सूर्योदय से पहले, 03:51 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता: वह क्षय है।
शुक्र 11 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:54–04:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:54–04:39।
गुरु 10 जून की रात सूर्यास्त 18:08 गुरु से सूर्योदय 05:25 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 11 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:21–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:21–12:12।
शुक्र 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:57–08:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:57–08:48 और 12:12–13:03।
शुक्र 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:12–13:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:57–08:48 और 12:12–13:03।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:57–08:48 और 12:12–13:03।
शुक्र 11 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:25–07:00 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:08, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:08 से 05:25 शनि, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 11 जून को राहुकाल कब है? 10:11–11:46
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:11–11:46।
शुक्र 11 जून को यमगंड कब है? 14:57–16:33
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:57–16:33।
शुक्र 11 जून को गुलिक काल कब है? 07:00–08:35
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:00–08:35।
यहाँ दिन 05:25 से 18:08 तक है, 12 घं 43 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 11 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 43 मि का दिन।
शुक्र 11 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 43 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 11 जून को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 151.3° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 150° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:08 को निकलेगा, हस्त में।
शुक्र 11 जून को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 207° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 55.7° + 151.3° = 207°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 15:27 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
शुक्र 11 जून को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 95.6° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 19:11 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 06:10 तक है।
शुक्र 11 जून को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:25, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:25 से 05:25 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 3 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शुक्र 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
शुक्र 11 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2095 · शक 1960
विक्रम संवत 2095 5 अप्रैल 2038 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2038, 00:43 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 65.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2095 गिनता है; शक संवत 1960।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 11 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:33
चंद्रमा यहाँ 12:33 पर उदय होता है।
शुक्र 11 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:02 शनि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:33 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:02 शनि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:33 पर उदय हुआ; वह फिर 01:02 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।