Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 10 अक्टूबर 2037
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
शुक्ल पक्ष · 06:48 तक
फिर द्वितीया · 03:20 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं कारण जानेंत्योहार
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शनि 10 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। शनि 10 अक्टूबर क्यों?
शारदीय नवरात्रि: Codcod में हर तारीख़10 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 10 अक्टूबर
- 03:59–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:35 से
- 07:11–08:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:10–11:58अभिजीत मुहूर्त
- 13:03–14:33लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:33–16:02अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:32 के बाद
- 17:32–19:02लाभ चौघड़िया
- 20:33–22:03शुभ चौघड़िया
- 22:03–23:34अमृत चौघड़िया
-
23:37–01:03 रविअमृत कालस्वाती में
- 04:05–05:35 रविलाभ चौघड़िया
- 03:59–04:47 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:35–07:05कालअशुभ
- 07:05–08:34शुभ
- 08:34–10:04रोगअशुभ
- 10:04–11:34उद्वेगअशुभ
- 11:34–13:03चरसामान्य
- 13:03–14:33लाभयमगण्ड में
- 14:33–16:02अमृतशुभ
- 16:02–17:32कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:32–19:02लाभशुभ
- 19:02–20:33उद्वेगअशुभ
- 20:33–22:03शुभ
- 22:03–23:34अमृतशुभ
- 23:34–01:04 रविचरसामान्य
- 01:04–02:34 रविरोगअशुभ
- 02:34–04:05 रविकालअशुभ
- 04:05–05:35 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 10 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47, शुभ
- काल, अशुभ, 05:35–07:05
- शुभ, 07:05–08:34
- रोग, अशुभ, 08:34–10:04
- उद्वेग, अशुभ, 10:04–11:34
- चर, सामान्य, 11:34–13:03
- लाभ, शुभ, 13:03–14:33
- अमृत, शुभ, 14:33–16:02
- काल, अशुभ, 16:02–17:32
- लाभ, शुभ, 17:32–19:02
- उद्वेग, अशुभ, 19:02–20:33
- शुभ, 20:33–22:03
- अमृत, शुभ, 22:03–23:34
- चर, सामान्य, 23:34–01:04 रवि
- रोग, अशुभ, 01:04–02:34 रवि
- काल, अशुभ, 02:34–04:05 रवि
- लाभ, शुभ, 04:05–05:35 रवि
- गुलिक काल, 05:35–07:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:35–06:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:23–07:11, अशुभ
- राहु काल, 08:34–10:04, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:10–11:58, शुभ
- यमगण्ड, 13:03–14:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में शारदीय नवरात्रि शनि 10 अक्टूबर को क्यों है?
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शनि 10 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शुक्र 9 अक्टूबर को 10:34 से शनि 10 अक्टूबर को 06:48 तक है, इसलिए वह केवल शनिवार के प्रातःकाल (05:35–07:59) को छूती है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.3° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:35। अमावस्या उससे पहले 10:34 शुक्र पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 06:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 9 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वितीया क्षय क्यों है?
द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 06:48 को शुरू हुई और 03:20 रवि को समाप्त, 05:35 और 05:35 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को प्रतिपदा है और रविवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, Codcod में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:19, प्रतिपदा की समाप्ति 04:18 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:35, प्रतिपदा की समाप्ति 06:48 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 03:20 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।
शनि 10 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:59–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:59–04:47।
शुक्र 9 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:33 शुक्र से सूर्योदय 05:35 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 10 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:10–11:58
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:10–11:58।
शनि 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:35–06:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:35–06:23 और 06:23–07:11।
शनि 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:23–07:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:35–06:23 और 06:23–07:11।
यहाँ दिन, 05:35 से 17:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:35–06:23 और 06:23–07:11।
शनि 10 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:35–07:05 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:35 से 17:32, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:32 से 05:35 रवि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 10 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:34–10:04
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:04।
शनि 10 अक्टूबर को यमगंड कब है? 13:03–14:33
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:03–14:33।
शनि 10 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 05:35–07:05
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:35–07:05।
यहाँ दिन 05:35 से 17:32 तक है, 11 घं 57 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 10 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 17:32, 11 घं 57 मि का दिन।
शनि 10 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 17:32, 11 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 183.8° पर था: चित्रा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:05 को निकलेगा, स्वाती में।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 356.4° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 172.6° + 183.8° = 356.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 10:58 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 11.3° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 20:40 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 06:48 तक है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:35, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:35 से 05:35 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 9 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 7 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2094 · शक 1959
विक्रम संवत 2094 17 मार्च 2037 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2037, 07:36 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 200.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2094 गिनता है; शक संवत 1959।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 10 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:31
चंद्रमा यहाँ 06:31 पर उदय होता है।
शनि 10 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:45
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:45 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:31 पर उदय हुआ; वह फिर 18:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।