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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 20 नवंबर 2035

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:05 05:44 17:21अगला सूर्योदय 05:44 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:44–07:11रोगअशुभ
  • 07:11–08:38उद्वेगअशुभ
  • 08:38–10:05चरसामान्य
  • 10:05–11:32लाभशुभ
  • 11:32–12:59अमृतगुलिक काल में
  • 12:59–14:26कालअशुभ
  • 14:26–15:53शुभराहु काल में
  • 15:53–17:21रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:21–18:54कालअशुभ
  • 18:54–20:26लाभशुभ
  • 20:26–21:59उद्वेगअशुभ
  • 21:59–23:32शुभ
  • 23:32–01:05 बुधअमृतशुभ
  • 01:05–02:38 बुधचरसामान्य
  • 02:38–04:11 बुधरोगअशुभ
  • 04:11–05:44 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 20 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:54, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:44–07:11
  • उद्वेग, अशुभ, 07:11–08:38
  • चर, सामान्य, 08:38–10:05
  • लाभ, शुभ, 10:05–11:32
  • अमृत, शुभ, 11:32–12:59
  • काल, अशुभ, 12:59–14:26
  • शुभ, 14:26–15:53
  • रोग, अशुभ, 15:53–17:21
  • काल, अशुभ, 17:21–18:54
  • लाभ, शुभ, 18:54–20:26
  • उद्वेग, अशुभ, 20:26–21:59
  • शुभ, 21:59–23:32
  • अमृत, शुभ, 23:32–01:05 बुध
  • चर, सामान्य, 01:05–02:38 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:38–04:11 बुध
  • काल, अशुभ, 04:11–05:44 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:03–08:49, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:38–10:05, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:09–11:55, शुभ
  • गुलिक काल, 11:32–12:59, अशुभ
  • राहु काल, 14:26–15:53, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:18–23:08, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:54 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 20 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 239.7° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 239.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 239.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:44। चतुर्थी उससे पहले 09:03 सोम पर समाप्त हुई। पञ्चमी 06:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 15 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

षष्ठी क्षय क्यों है?

षष्ठी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी मंगल 20 नवंबर सुबह बुध 21 नवंबर सुबह Codcod UTC+8 06:17 03:54 05:44 पञ्चमी 05:44 सप्तमी षष्ठी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी मंगल 20 नवंबर सुबह बुध 21 नवंबर सुबह Codcod UTC+8 06:17 03:54 05:44 पञ्चमी 05:44 सप्तमी षष्ठी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। षष्ठी 06:17 को शुरू हुई और 03:54 बुध को समाप्त, 05:44 और 05:44 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को पञ्चमी है और बुधवार को सप्तमी: षष्ठी यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?

नई दिल्ली में षष्ठी है, Codcod में पञ्चमी।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी मंगल 20 नवंबर सुबह बुध 21 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 03:47 06:17 01:24 03:54 06:47 षष्ठी 06:48 सप्तमी 05:44 पञ्चमी 05:44 सप्तमी
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी मंगल 20 नवंबर सुबह बुध 21 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 03:47 06:17 01:24 03:54 06:47 षष्ठी 06:48 सप्तमी 05:44 पञ्चमी 05:44 सप्तमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:47, पञ्चमी की समाप्ति 03:47 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:44, पञ्चमी की समाप्ति 06:17 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है। षष्ठी अगले सूर्योदय से पहले, 03:54 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता: वह क्षय है।

मंगल 20 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:54।

सूर्यास्त 17:21 सोम सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 19 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:21 सोम सूर्योदय 05:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 19 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 19 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:21 सोम से सूर्योदय 05:44 तक थी, 12 घं 23 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 20 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:09–11:55

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:09–11:55।

मंगल 20 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:03–08:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:03–08:49, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:18–23:08।

मंगल 20 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:18–23:08

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:03–08:49, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:18–23:08।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:44 से 17:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:03–08:49 और 22:18–23:08।

मंगल 20 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:44–07:11 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:44 से 17:21, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:21 से 05:44 बुध, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 20 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:26–15:53

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:26–15:53।

मंगल 20 नवंबर को यमगंड कब है? 08:38–10:05

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:38–10:05।

मंगल 20 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:32–12:59

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:32–12:59।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:44 से 17:21 तक है, 11 घं 37 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 20 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 17:21, 11 घं 37 मि का दिन।

मंगल 20 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 17:21, 11 घं 37 मि का दिन।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 22:12
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 22:12
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 92.7° पर था: पुनर्वसु, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.7° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.7° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:45 को निकलेगा, पुष्य में।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 305.7° थे: शुभ।

सूर्य 213.0° + चंद्रमा 92.7° = 305.7° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 213.0° + चंद्रमा 92.7° = 305.7° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 213° + 92.7° = 305.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 07:10 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 239.7° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 239.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° तैतिल 234°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 239.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° तैतिल 234°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 19:37 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 234° हुई; तैतिल 06:17 तक है।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:44, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:44 से 05:44 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 31 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 17 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 30 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 20 नवंबर अमावस्या 31 अक्टू॰ पूर्णिमा 15 नव॰ अमावस्या 30 नव॰ पूर्णिमा 15 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 20 नवंबर अमावस्या 31 अक्टू॰ पूर्णिमा 15 नव॰ अमावस्या 30 नव॰ पूर्णिमा 15 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

मंगल 20 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957

विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 18:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 20 नवंबर सूर्य 213.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 18:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 20 नवंबर सूर्य 213.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 18:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 218.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 20 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:12

चंद्रमा यहाँ 22:12 पर उदय होता है।

मंगल 20 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:09

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 22:12
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:09 चंद्रोदय 22:12
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:12 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:12 पर उदय होगा।