Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शुक्र 15 अप्रैल 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
15 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 15 अप्रैल
- 04:03–04:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:36 से
- 07:09–08:41लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:54–10:14अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
08:54–09:37अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · चित्रा में
- 11:47–12:12अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:47–12:12शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:01–13:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:58 के बाद
- 20:52–22:19लाभ चौघड़िया
- 23:47–01:14 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:14–02:41 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:02–04:49 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:36–07:09चरसामान्य
- 07:09–08:41लाभगुलिक काल में
- 08:41–10:14अमृतशुभ
- 10:14–11:47कालअशुभ
- 11:47–13:20शुभ
- 13:20–14:52रोगअशुभ
- 14:52–16:25उद्वेगअशुभ
- 16:25–17:58चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:58–19:25रोगअशुभ
- 19:25–20:52कालअशुभ
- 20:52–22:19लाभशुभ
- 22:19–23:47उद्वेगअशुभ
- 23:47–01:14 शनिशुभ
- 01:14–02:41 शनिअमृतशुभ
- 02:41–04:08 शनिचरसामान्य
- 04:08–05:36 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 15 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:50, शुभ
- चर, सामान्य, 05:36–07:09
- लाभ, शुभ, 07:09–08:41
- अमृत, शुभ, 08:41–10:14
- काल, अशुभ, 10:14–11:47
- शुभ, 11:47–13:20
- रोग, अशुभ, 13:20–14:52
- उद्वेग, अशुभ, 14:52–16:25
- चर, सामान्य, 16:25–17:58
- रोग, अशुभ, 17:58–19:25
- काल, अशुभ, 19:25–20:52
- लाभ, शुभ, 20:52–22:19
- उद्वेग, अशुभ, 22:19–23:47
- शुभ, 23:47–01:14 शनि
- अमृत, शुभ, 01:14–02:41 शनि
- चर, सामान्य, 02:41–04:08 शनि
- रोग, अशुभ, 04:08–05:36 शनि
- गुलिक काल, 07:09–08:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:04–08:54, अशुभ
- राहु काल, 10:14–11:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:22–12:12, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:12–13:01, अशुभ
- यमगण्ड, 14:52–16:25, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:49 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 181.1° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:36। पूर्णिमा उससे पहले 03:17 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 05:21 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 15 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 15 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:03–04:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:03–04:50।
गुरु 14 अप्रैल की रात सूर्यास्त 17:58 गुरु से सूर्योदय 05:36 तक थी, 11 घं 38 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 15 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:22–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:22–12:12।
शुक्र 15 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:04–08:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–08:54 और 12:12–13:01।
शुक्र 15 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 12:12–13:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–08:54 और 12:12–13:01।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:04–08:54 और 12:12–13:01।
शुक्र 15 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:36–07:09 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:58, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:58 से 05:36 शनि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 15 अप्रैल को राहुकाल कब है? 10:14–11:47
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:14–11:47।
शुक्र 15 अप्रैल को यमगंड कब है? 14:52–16:25
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:52–16:25।
शुक्र 15 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 07:09–08:41
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:09–08:41।
यहाँ दिन 05:36 से 17:58 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 15 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 22 मि का दिन।
शुक्र 15 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 182° पर था: चित्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:58 को निकलेगा, स्वाती में।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 182.9° थे: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 0.9° + 182° = 182.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 12:33 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 181.1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 16:21 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 05:21 शनि तक।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:36, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:36 से 05:36 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 31 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
शुक्र 15 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 31 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 31 मार्च 2033, 01:51 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 14.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 15 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:24
चंद्रमा यहाँ 18:24 पर उदय होता है।
शुक्र 15 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:24 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:24 पर उदय होगा।