Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 8 जून 2032
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत मंगल 8 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 8 जून क्यों?
वट सावित्री व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 8 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 8 जून क्यों?
अमावस्या: Codcod में हर तारीख़8 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 8 जून
- 03:54–04:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:24 से
-
05:51–07:31अमृत कालरोहिणी में
- 10:10–11:46लाभ चौघड़िया
- 11:20–11:46अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:46–13:21अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:57–16:32शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:08 के बाद
- 19:32–20:57लाभ चौघड़िया
- 22:21–22:38शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:23–23:46शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:46–01:11 बुधअमृत चौघड़िया
-
01:13–02:55 बुधअमृत कालमृगशिरा में
- 03:54–04:39 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:24–07:00रोगअशुभ
- 07:00–08:35उद्वेगअशुभ
- 08:35–10:10चरसामान्य
- 10:10–11:46लाभशुभ
- 11:46–13:21अमृतगुलिक काल में
- 13:21–14:57कालअशुभ
- 14:57–16:32शुभराहु काल में
- 16:32–18:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:08–19:32कालअशुभ
- 19:32–20:57लाभशुभ
- 20:57–22:21उद्वेगअशुभ
- 22:21–23:46शुभ
- 23:46–01:11 बुधअमृतशुभ
- 01:11–02:35 बुधचरसामान्य
- 02:35–04:00 बुधरोगअशुभ
- 04:00–05:24 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 8 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:39, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:24–07:00
- उद्वेग, अशुभ, 07:00–08:35
- चर, सामान्य, 08:35–10:10
- लाभ, शुभ, 10:10–11:46
- अमृत, शुभ, 11:46–13:21
- काल, अशुभ, 13:21–14:57
- शुभ, 14:57–16:32
- रोग, अशुभ, 16:32–18:08
- काल, अशुभ, 18:08–19:32
- लाभ, शुभ, 19:32–20:57
- उद्वेग, अशुभ, 20:57–22:21
- शुभ, 22:21–23:46
- अमृत, शुभ, 23:46–01:11 बुध
- चर, सामान्य, 01:11–02:35 बुध
- रोग, अशुभ, 02:35–04:00 बुध
- काल, अशुभ, 04:00–05:24 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:57–08:48, अशुभ
- यमगण्ड, 08:35–10:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:20–12:11, शुभ
- गुलिक काल, 11:46–13:21, अशुभ
- राहु काल, 14:57–16:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:38–23:23, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:39 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में वट सावित्री व्रत मंगल 8 जून को क्यों है?
वट सावित्री व्रत मंगल 8 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 7 जून को 09:18 से मंगल 8 जून को 09:32 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 8 जून के सूर्योदय (05:24) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Codcod में अमावस्या मंगल 8 जून को क्यों है?
अमावस्या मंगल 8 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 7 जून को 09:18 से मंगल 8 जून को 09:32 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 8 जून के सूर्योदय (05:24) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 8 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:24। चतुर्दशी उससे पहले 09:18 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 09:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 25 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 8 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:54–04:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:54–04:39।
सोम 7 जून की रात सूर्यास्त 18:07 सोम से सूर्योदय 05:24 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 8 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:20–12:11
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:20–12:11।
मंगल 8 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:57–08:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:57–08:48, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:38–23:23।
मंगल 8 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 22:38–23:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:57–08:48, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:38–23:23।
यहाँ दिन, 05:24 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:57–08:48 और 22:38–23:23।
मंगल 8 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:24–07:00 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:24 से 18:08, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:08 से 05:24 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 8 जून को राहुकाल कब है? 14:57–16:32
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:57–16:32।
मंगल 8 जून को यमगंड कब है? 08:35–10:10
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:35–10:10।
मंगल 8 जून को गुलिक काल कब है? 11:46–13:21
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:46–13:21।
यहाँ दिन 05:24 से 18:08 तक है, 12 घं 44 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 8 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 44 मि का दिन।
मंगल 8 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 8 जून को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 51.3° पर था: रोहिणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:10 को निकलेगा, मृगशिरा में।
मंगल 8 जून को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 104.7° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 53.4° + 51.3° = 104.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 08:52 को समाप्त होता है, फिर शूल।
मंगल 8 जून को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 358° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:21 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 09:32 तक है।
मंगल 8 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:24, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:24 से 05:24 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 8 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 9 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 8 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 8 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
मंगल 8 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 10:39 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 56.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 8 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:20
चंद्रमा यहाँ 18:20 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:20 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।