Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग बुध 4 जून 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
4 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 जून
- 03:53–04:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:24 से
- 05:24–06:59लाभ चौघड़िया
- 06:59–08:34अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
08:34–09:56अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · विशाखा में
- 10:10–11:45शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:31–18:06लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:06 के बाद
- 19:31–20:56शुभ चौघड़िया
- 20:56–22:20अमृत चौघड़िया
- 02:34–03:59 गुरुलाभ चौघड़िया
-
04:44–05:24 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अनुराधा में
- 03:53–04:39 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:24–06:59लाभशुभ
- 06:59–08:34अमृतयमगण्ड में
- 08:34–10:10कालअशुभ
- 10:10–11:45शुभगुलिक काल में
- 11:45–13:20रोगअशुभ
- 13:20–14:56उद्वेगअशुभ
- 14:56–16:31चरसामान्य
- 16:31–18:06लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:06–19:31उद्वेगअशुभ
- 19:31–20:56शुभ
- 20:56–22:20अमृतशुभ
- 22:20–23:45चरसामान्य
- 23:45–01:10 गुरुरोगअशुभ
- 01:10–02:34 गुरुकालअशुभ
- 02:34–03:59 गुरुलाभशुभ
- 03:59–05:24 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:39, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:24–06:59
- अमृत, शुभ, 06:59–08:34
- काल, अशुभ, 08:34–10:10
- शुभ, 10:10–11:45
- रोग, अशुभ, 11:45–13:20
- उद्वेग, अशुभ, 13:20–14:56
- चर, सामान्य, 14:56–16:31
- लाभ, शुभ, 16:31–18:06
- उद्वेग, अशुभ, 18:06–19:31
- शुभ, 19:31–20:56
- अमृत, शुभ, 20:56–22:20
- चर, सामान्य, 22:20–23:45
- रोग, अशुभ, 23:45–01:10 गुरु
- काल, अशुभ, 01:10–02:34 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:34–03:59 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:59–05:24 गुरु
- यमगण्ड, 06:59–08:34, अशुभ
- गुलिक काल, 10:10–11:45, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:20–12:10, अशुभ
- राहु काल, 11:45–13:20, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:39 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 4 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 157.7° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:24। त्रयोदशी उससे पहले 02:21 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 23:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 21 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 4 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:53–04:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:53–04:39।
मंगल 3 जून की रात सूर्यास्त 18:06 मंगल से सूर्योदय 05:24 तक थी, 11 घं 18 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:20–12:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:20–12:10।
यहाँ दिन, 05:24 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:20–12:10: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 4 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:24–06:59 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:24 से 18:06, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:06 से 05:24 गुरु, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 4 जून को राहुकाल कब है? 11:45–13:20
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:45–13:20।
बुध 4 जून को यमगंड कब है? 06:59–08:34
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:59–08:34।
बुध 4 जून को गुलिक काल कब है? 10:10–11:45
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:10–11:45।
यहाँ दिन 05:24 से 18:06 तक है, 12 घं 42 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 4 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 42 मि का दिन।
बुध 4 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 4 जून को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 206.5° पर था: विशाखा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 16:31 को निकलेगा, अनुराधा में।
बुध 4 जून को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 255.3° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 48.8° + 206.5° = 255.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 22:44 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
बुध 4 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 157.7° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 12:54 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 23:21 तक।
बुध 4 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:24, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:24 से 05:24 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 21 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 20 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
बुध 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
बुध 4 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 11:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 70.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 4 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:55
चंद्रमा यहाँ 16:55 पर उदय होता है।
बुध 4 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:51 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:55 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:51 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:55 पर उदय हुआ; वह फिर 04:51 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।