Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शुक्र 28 फ़रवरी 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
28 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 फ़रवरी
- 04:25–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:02 से
- 07:31–09:01लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:13–10:30अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:59–12:23अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:59–12:23शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:11–13:29शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 20:58–22:29लाभ चौघड़िया
-
21:08–22:54अमृत कालकृत्तिका में
- 23:59–01:30 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:30–03:00 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:25–05:13 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:02–07:31चरसामान्य
- 07:31–09:01लाभगुलिक काल में
- 09:01–10:30अमृतशुभ
- 10:30–11:59कालअशुभ
- 11:59–13:29शुभ
- 13:29–14:58रोगअशुभ
- 14:58–16:27उद्वेगअशुभ
- 16:27–17:57चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:27रोगअशुभ
- 19:27–20:58कालअशुभ
- 20:58–22:29लाभशुभ
- 22:29–23:59उद्वेगअशुभ
- 23:59–01:30 शनिशुभ
- 01:30–03:00 शनिअमृतशुभ
- 03:00–04:31 शनिचरसामान्य
- 04:31–06:02 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:14, शुभ
- चर, सामान्य, 06:02–07:31
- लाभ, शुभ, 07:31–09:01
- अमृत, शुभ, 09:01–10:30
- काल, अशुभ, 10:30–11:59
- शुभ, 11:59–13:29
- रोग, अशुभ, 13:29–14:58
- उद्वेग, अशुभ, 14:58–16:27
- चर, सामान्य, 16:27–17:57
- रोग, अशुभ, 17:57–19:27
- काल, अशुभ, 19:27–20:58
- लाभ, शुभ, 20:58–22:29
- उद्वेग, अशुभ, 22:29–23:59
- शुभ, 23:59–01:30 शनि
- अमृत, शुभ, 01:30–03:00 शनि
- चर, सामान्य, 03:00–04:31 शनि
- रोग, अशुभ, 04:31–06:02 शनि
- गुलिक काल, 07:31–09:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:25–09:13, अशुभ
- राहु काल, 10:30–11:59, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:23, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:23–13:11, अशुभ
- यमगण्ड, 14:58–16:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:13 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 76.3° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। षष्ठी उससे पहले 20:46 गुरु पर समाप्त हुई। सप्तमी 22:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 21 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 28 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:14।
गुरु 27 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:57 गुरु से सूर्योदय 06:02 तक थी, 12 घं 5 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 28 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:23
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:23।
शुक्र 28 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:25–09:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:25–09:13 और 12:23–13:11।
शुक्र 28 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:23–13:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:25–09:13 और 12:23–13:11।
यहाँ दिन, 06:02 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:25–09:13 और 12:23–13:11।
शुक्र 28 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:02–07:31 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:02 से 17:57, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:02 शनि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 28 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 10:30–11:59
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:30–11:59।
शुक्र 28 फ़रवरी को यमगंड कब है? 14:58–16:27
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:27।
शुक्र 28 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 07:31–09:01
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:31–09:01।
यहाँ दिन 06:02 से 17:57 तक है, 11 घं 55 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 28 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 55 मि का दिन।
शुक्र 28 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 31.1° पर था: कृत्तिका, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 23:47 को निकलेगा, रोहिणी में।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 345.9° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 314.8° + 31.1° = 345.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 07:23 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 76.3° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:43 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 22:49 तक।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:02 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 21 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 23 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
शुक्र 28 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 06:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 325.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 28 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:42
चंद्रमा यहाँ 10:42 पर उदय होता है।
शुक्र 28 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:38
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:38 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:42 पर उदय हुआ; वह फिर 23:38 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।