Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग बुध 19 फ़रवरी 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 08:08 तक
फिर त्रयोदशी · 05:14 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं कारण जानेंव्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 19 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 19 फ़रवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत का पारण
विजया एकादशी
19 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 19 फ़रवरी
- 04:28–05:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:06 से
- 06:06–07:34लाभ चौघड़िया
- 07:34–09:03अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:32–12:01शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:27–17:56लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:56 के बाद
-
18:57–20:24अमृत कालउत्तराषाढा में
- 19:27–20:58शुभ चौघड़िया
- 20:58–22:29अमृत चौघड़िया
- 03:03–04:34 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:28–05:17 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:06–07:34लाभशुभ
- 07:34–09:03अमृतयमगण्ड में
- 09:03–10:32कालअशुभ
- 10:32–12:01शुभगुलिक काल में
- 12:01–13:29रोगअशुभ
- 13:29–14:58उद्वेगअशुभ
- 14:58–16:27चरसामान्य
- 16:27–17:56लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:56–19:27उद्वेगअशुभ
- 19:27–20:58शुभ
- 20:58–22:29अमृतशुभ
- 22:29–00:00 गुरुचरसामान्य
- 00:00–01:32 गुरुरोगअशुभ
- 01:32–03:03 गुरुकालअशुभ
- 03:03–04:34 गुरुलाभशुभ
- 04:34–06:05 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 19 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:17, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:06–07:34
- अमृत, शुभ, 07:34–09:03
- काल, अशुभ, 09:03–10:32
- शुभ, 10:32–12:01
- रोग, अशुभ, 12:01–13:29
- उद्वेग, अशुभ, 13:29–14:58
- चर, सामान्य, 14:58–16:27
- लाभ, शुभ, 16:27–17:56
- उद्वेग, अशुभ, 17:56–19:27
- शुभ, 19:27–20:58
- अमृत, शुभ, 20:58–22:29
- चर, सामान्य, 22:29–00:00 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:00–01:32 गुरु
- काल, अशुभ, 01:32–03:03 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:03–04:34 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:34–06:05 गुरु
- यमगण्ड, 07:34–09:03, अशुभ
- गुलिक काल, 10:32–12:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:37–12:24, अशुभ
- राहु काल, 12:01–13:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:17 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में प्रदोष व्रत बुध 19 फ़रवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 19 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 19 फ़रवरी को 08:08 से गुरु 20 फ़रवरी को 05:14 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:56–20:21) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 322.8° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। एकादशी उससे पहले 10:58 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 08:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 7 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
त्रयोदशी क्षय क्यों है?
त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 08:08 को शुरू हुई और 05:14 गुरु को समाप्त, 06:06 और 06:05 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वादशी है और गुरुवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Codcod में द्वादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:56, द्वादशी की समाप्ति 05:38 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 06:06, द्वादशी की समाप्ति 08:08 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:14 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
बुध 19 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:17।
मंगल 18 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:55 मंगल से सूर्योदय 06:06 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 19 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:37–12:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:37–12:24।
यहाँ दिन, 06:06 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:37–12:24: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 19 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:06–07:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:06 से 17:56, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:56 से 06:05 गुरु, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 19 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:01–13:29
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:01–13:29।
बुध 19 फ़रवरी को यमगंड कब है? 07:34–09:03
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:34–09:03।
बुध 19 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:32–12:01
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:32–12:01।
यहाँ दिन 06:06 से 17:56 तक है, 11 घं 50 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 19 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 50 मि का दिन।
बुध 19 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 50 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 268.6° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:46 गुरु को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 574.4° थे, एक चक्कर और 214.4°: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 305.8° + 268.6° = 574.4°, एक पूरा चक्कर और 214.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 00:58 गुरु को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 322.8° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:34 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 08:08 तक है।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:05 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 23 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 21 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
बुध 19 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 06:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 316.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 19 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:31 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:31 गुरु पर उदय होता है।
बुध 19 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:37
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:31 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:31 गुरु पर उदय होगा।