Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 21 जनवरी 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 21 जनवरी को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। मंगल 21 जनवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 21 जनवरी को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 21 जनवरी क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Codcod में हर तारीख़21 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 जनवरी
- 04:30–05:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:10 से
- 10:31–11:58लाभ चौघड़िया
- 11:35–11:58अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:58–13:25अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
14:23–14:52अमृत कालराहु काल छोड़कर · मूल में
- 14:52–16:19शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:46 के बाद
- 19:19–20:52लाभ चौघड़िया
- 22:25–22:44शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:33–23:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:58–01:31 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:31–05:20 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:10–07:37रोगअशुभ
- 07:37–09:04उद्वेगअशुभ
- 09:04–10:31चरसामान्य
- 10:31–11:58लाभशुभ
- 11:58–13:25अमृतगुलिक काल में
- 13:25–14:52कालअशुभ
- 14:52–16:19शुभराहु काल में
- 16:19–17:46रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:46–19:19कालअशुभ
- 19:19–20:52लाभशुभ
- 20:52–22:25उद्वेगअशुभ
- 22:25–23:58शुभ
- 23:58–01:31 बुधअमृतशुभ
- 01:31–03:04 बुधचरसामान्य
- 03:04–04:37 बुधरोगअशुभ
- 04:37–06:10 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:20, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:10–07:37
- उद्वेग, अशुभ, 07:37–09:04
- चर, सामान्य, 09:04–10:31
- लाभ, शुभ, 10:31–11:58
- अमृत, शुभ, 11:58–13:25
- काल, अशुभ, 13:25–14:52
- शुभ, 14:52–16:19
- रोग, अशुभ, 16:19–17:46
- काल, अशुभ, 17:46–19:19
- लाभ, शुभ, 19:19–20:52
- उद्वेग, अशुभ, 20:52–22:25
- शुभ, 22:25–23:58
- अमृत, शुभ, 23:58–01:31 बुध
- चर, सामान्य, 01:31–03:04 बुध
- रोग, अशुभ, 03:04–04:37 बुध
- काल, अशुभ, 04:37–06:10 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:29–09:15, अशुभ
- यमगण्ड, 09:04–10:31, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:21, शुभ
- गुलिक काल, 11:58–13:25, अशुभ
- राहु काल, 14:52–16:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:44–23:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:20 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में प्रदोष व्रत मंगल 21 जनवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 21 जनवरी को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 20 जनवरी को 22:46 से मंगल 21 जनवरी को 19:25 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रदोष काल (17:46–20:15) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Codcod में मासिक शिवरात्रि मंगल 21 जनवरी को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 21 जनवरी को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 21 जनवरी को 19:25 से बुध 22 जनवरी को 15:57 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:33–00:23 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 21 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 328.3° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:10। द्वादशी उससे पहले 22:46 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 19:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 9 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 21 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:20।
सोम 20 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:46 सोम से सूर्योदय 06:10 तक थी, 12 घं 24 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 21 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:21
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:21।
मंगल 21 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:29–09:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:44–23:33।
मंगल 21 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 22:44–23:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:44–23:33।
यहाँ दिन, 06:10 से 17:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:29–09:15 और 22:44–23:33।
मंगल 21 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:10–07:37 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:10 से 17:46, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:46 से 06:10 बुध, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 21 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:52–16:19
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:52–16:19।
मंगल 21 जनवरी को यमगंड कब है? 09:04–10:31
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:31।
मंगल 21 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:58–13:25
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:58–13:25।
यहाँ दिन 06:10 से 17:46 तक है, 11 घं 36 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 21 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 17:46, 11 घं 36 मि का दिन।
मंगल 21 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 17:46, 11 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 244.6° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:05 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 521° थे, एक चक्कर और 161°: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 276.4° + 244.6° = 521°, एक पूरा चक्कर और 161°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 00:39 बुध को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 328.3° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:07 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 19:25 तक।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:10, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:10 से 06:10 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 25 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 15 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 23 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 06:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 287.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 21 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:54 बुध
चंद्रमा यहाँ 04:54 बुध पर उदय होता है।
मंगल 21 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:49
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:54 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:54 बुध पर उदय होगा।