Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 10 दिसंबर 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
शुक्ल पक्ष · 06:40 तक
फिर प्रतिपदा · 09:22 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें पूर्णिमा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें10 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 दिसंबर
- 04:14–05:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:53 से
- 10:13–11:39लाभ चौघड़िया
- 11:16–11:39अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:39–13:06अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:32–15:59शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:25 के बाद
- 18:59–20:32लाभ चौघड़िया
- 22:06–22:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:15–23:40शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
23:17–01:05 बुधअमृत कालमृगशिरा में
- 23:40–01:13 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:14–05:04 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:53–07:20रोगअशुभ
- 07:20–08:46उद्वेगअशुभ
- 08:46–10:13चरसामान्य
- 10:13–11:39लाभशुभ
- 11:39–13:06अमृतगुलिक काल में
- 13:06–14:32कालअशुभ
- 14:32–15:59शुभराहु काल में
- 15:59–17:25रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:25–18:59कालअशुभ
- 18:59–20:32लाभशुभ
- 20:32–22:06उद्वेगअशुभ
- 22:06–23:40शुभ
- 23:40–01:13 बुधअमृतशुभ
- 01:13–02:47 बुधचरसामान्य
- 02:47–04:20 बुधरोगअशुभ
- 04:20–05:54 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–05:04, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:53–07:20
- उद्वेग, अशुभ, 07:20–08:46
- चर, सामान्य, 08:46–10:13
- लाभ, शुभ, 10:13–11:39
- अमृत, शुभ, 11:39–13:06
- काल, अशुभ, 13:06–14:32
- शुभ, 14:32–15:59
- रोग, अशुभ, 15:59–17:25
- काल, अशुभ, 17:25–18:59
- लाभ, शुभ, 18:59–20:32
- उद्वेग, अशुभ, 20:32–22:06
- शुभ, 22:06–23:40
- अमृत, शुभ, 23:40–01:13 बुध
- चर, सामान्य, 01:13–02:47 बुध
- रोग, अशुभ, 02:47–04:20 बुध
- काल, अशुभ, 04:20–05:54 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:12–08:58, अशुभ
- यमगण्ड, 08:46–10:13, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:16–12:02, शुभ
- गुलिक काल, 11:39–13:06, अशुभ
- राहु काल, 14:32–15:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:25–23:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–05:04 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 10 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.7° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:53। चतुर्दशी उससे पहले 04:00 सोम पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 06:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 25 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
पूर्णिमा यहाँ सोम 9 और मंगल 10 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 04:00 सोम को, सूर्योदय 05:53 सोम से पहले, शुरू हुई और 06:40 को, अगले सूर्योदय 05:53 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Codcod में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:02, पूर्णिमा की समाप्ति 04:10 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:53, पूर्णिमा की समाप्ति 06:40 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
मंगल 10 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:14–05:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:14–05:04।
सोम 9 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:25 सोम से सूर्योदय 05:53 तक थी, 12 घं 28 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 10 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:16–12:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:16–12:02।
मंगल 10 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:12–08:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:12–08:58, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:25–23:15।
मंगल 10 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:25–23:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:12–08:58, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:25–23:15।
यहाँ दिन, 05:53 से 17:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:12–08:58 और 22:25–23:15।
मंगल 10 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:53–07:20 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:53 से 17:25, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:25 से 05:54 बुध, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 10 दिसंबर को राहुकाल कब है? 14:32–15:59
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:32–15:59।
मंगल 10 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:46–10:13
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:46–10:13।
मंगल 10 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 11:39–13:06
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:39–13:06।
यहाँ दिन 05:53 से 17:25 तक है, 11 घं 32 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 10 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 17:25, 11 घं 32 मि का दिन।
मंगल 10 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 17:25, 11 घं 32 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 53.2° पर था: रोहिणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:07 को निकलेगा, मृगशिरा में।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 286.8° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 233.6° + 53.2° = 286.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 18:08 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.7° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 17:19 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 06:40 तक है।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:53, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:53 से 05:54 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 25 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 25 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
मंगल 10 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 06:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 244.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 10 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:45
चंद्रमा यहाँ 17:45 पर उदय होता है।
मंगल 10 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:55
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:55 पर अस्त हुआ; वह फिर 17:45 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:55 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 17:45 पर उदय होगा।