tithika
English

Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 15 अक्टूबर 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 02:07 बुध तक

फिर पञ्चमी · 04:47 गुरु तक

त्योहार

करवा चौथ

चंद्रोदय
20:17
सरगी
03:59⁠–⁠05:35
व्रत
05:35⁠–⁠20:17
करवा चौथ पूजा मुहूर्त
17:29⁠–⁠19:55

करवा चौथ मंगल 15 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 15 अक्टूबर क्यों?

करवा चौथ: Codcod में हर तारीख़

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:17

संकष्टी चतुर्थी मंगल 15 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 15 अक्टूबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:59 05:35 17:29अगला सूर्योदय 05:36 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:35–07:05रोगअशुभ
  • 07:05–08:34उद्वेगअशुभ
  • 08:34–10:03चरसामान्य
  • 10:03–11:32लाभशुभ
  • 11:32–13:02अमृतगुलिक काल में
  • 13:02–14:31कालअशुभ
  • 14:31–16:00शुभराहु काल में
  • 16:00–17:29रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:29–19:00कालअशुभ
  • 19:00–20:31लाभशुभ
  • 20:31–22:02उद्वेगअशुभ
  • 22:02–23:32शुभ
  • 23:32–01:03 बुधअमृतशुभ
  • 01:03–02:34 बुधचरसामान्य
  • 02:34–04:05 बुधरोगअशुभ
  • 04:05–05:36 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 15 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:35–07:05
  • उद्वेग, अशुभ, 07:05–08:34
  • चर, सामान्य, 08:34–10:03
  • लाभ, शुभ, 10:03–11:32
  • अमृत, शुभ, 11:32–13:02
  • काल, अशुभ, 13:02–14:31
  • शुभ, 14:31–16:00
  • रोग, अशुभ, 16:00–17:29
  • काल, अशुभ, 17:29–19:00
  • लाभ, शुभ, 19:00–20:31
  • उद्वेग, अशुभ, 20:31–22:02
  • शुभ, 22:02–23:32
  • अमृत, शुभ, 23:32–01:03 बुध
  • चर, सामान्य, 01:03–02:34 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:34–04:05 बुध
  • काल, अशुभ, 04:05–05:36 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 07:58–08:46, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:34–10:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:09–11:56, शुभ
  • गुलिक काल, 11:32–13:02, अशुभ
  • राहु काल, 14:31–16:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:20–23:08, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में करवा चौथ मंगल 15 अक्टूबर को क्यों है?

करवा चौथ मंगल 15 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 सोम 14 अक्टूबर चंद्रोदय 19:30
तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 सोम 14 अक्टूबर चंद्रोदय 19:30
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

करवा चौथ का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 14 अक्टूबर को 23:39 से बुध 16 अक्टूबर को 02:07 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 15 अक्टूबर को है, 20:17 पर।

करवा चौथ: Codcod में हर तारीख़

Codcod में संकष्टी चतुर्थी मंगल 15 अक्टूबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी मंगल 15 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 सोम 14 अक्टूबर चंद्रोदय 19:30
तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 सोम 14 अक्टूबर चंद्रोदय 19:30
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 14 अक्टूबर को 23:39 से बुध 16 अक्टूबर को 02:07 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 15 अक्टूबर को है, 20:17 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Codcod में हर तारीख़

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 218.7° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 218.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:35। तृतीया उससे पहले 23:39 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 02:07 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 11 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 15 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:59–04:47

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:59–04:47।

सूर्यास्त 17:30 सोम सूर्योदय 05:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 14 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:30 सोम सूर्योदय 05:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 14 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 14 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:30 सोम से सूर्योदय 05:35 तक थी, 12 घं 5 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 15 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:09–11:56

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:09–11:56।

मंगल 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:58–08:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:58–08:46, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:20–23:08।

मंगल 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:20–23:08

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:58–08:46, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:20–23:08।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:35 से 17:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:58–08:46 और 22:20–23:08।

मंगल 15 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:35–07:05 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:35 से 17:29, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:29 से 05:36 बुध, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 15 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:31–16:00

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:31–16:00।

मंगल 15 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:34–10:03

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:03।

मंगल 15 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:32–13:02

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:32–13:02।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:35 से 17:29 तक है, 11 घं 54 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 15 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 17:29, 11 घं 54 मि का दिन।

मंगल 15 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 17:29, 11 घं 54 मि का दिन।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:26 चंद्रोदय 20:17
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:26 चंद्रोदय 20:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 36° पर था: कृत्तिका, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 36.0° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 36.0° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:40 को निकलेगा, रोहिणी में।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 213.3° थे: सिद्धि।

सूर्य 177.3° + चंद्रमा 36.0° = 213.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 177.3° + चंद्रमा 36.0° = 213.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 177.3° + 36° = 213.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 05:40 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 218.7° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 218.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 12:51 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 02:07 बुध तक।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:35, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:35 से 05:36 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 27 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 15 अक्टूबर अमावस्या 27 सित॰ पूर्णिमा 11 अक्टू॰ अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 15 अक्टूबर अमावस्या 27 सित॰ पूर्णिमा 11 अक्टू॰ अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

मंगल 15 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 06:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 15 अक्टूबर सूर्य 177.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 06:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 15 अक्टूबर सूर्य 177.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 06:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 188.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 15 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:17

चंद्रमा यहाँ 20:17 पर उदय होता है।

मंगल 15 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:26

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:26 चंद्रोदय 20:17
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 17:29 सूर्योदय 05:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:26 चंद्रोदय 20:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:26 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:17 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:26 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:17 पर उदय होगा।