Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग बुध 3 अप्रैल 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 06:02 तक
फिर प्रतिपदा · 07:48 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें अमावस्या यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना बुध 3 अप्रैल को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का गुरु 4 अप्रैल से अधिक भाग घेरती है। बुध 3 अप्रैल क्यों?
चैत्र नवरात्रि: Codcod में हर तारीख़3 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 3 अप्रैल
- 04:09–04:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:43 से
- 05:43–07:15लाभ चौघड़िया
- 07:15–08:47अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:18–11:50शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:26–17:57लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 19:26–20:54शुभ चौघड़िया
- 20:54–22:22अमृत चौघड़िया
-
01:15–03:00 गुरुअमृत कालरेवती में
- 02:46–04:14 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:08–04:55 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:43–07:15लाभशुभ
- 07:15–08:47अमृतयमगण्ड में
- 08:47–10:18कालअशुभ
- 10:18–11:50शुभगुलिक काल में
- 11:50–13:22रोगअशुभ
- 13:22–14:54उद्वेगअशुभ
- 14:54–16:26चरसामान्य
- 16:26–17:57लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:26उद्वेगअशुभ
- 19:26–20:54शुभ
- 20:54–22:22अमृतशुभ
- 22:22–23:50चरसामान्य
- 23:50–01:18 गुरुरोगअशुभ
- 01:18–02:46 गुरुकालअशुभ
- 02:46–04:14 गुरुलाभशुभ
- 04:14–05:42 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 3 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:56, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:43–07:15
- अमृत, शुभ, 07:15–08:47
- काल, अशुभ, 08:47–10:18
- शुभ, 10:18–11:50
- रोग, अशुभ, 11:50–13:22
- उद्वेग, अशुभ, 13:22–14:54
- चर, सामान्य, 14:54–16:26
- लाभ, शुभ, 16:26–17:57
- उद्वेग, अशुभ, 17:57–19:26
- शुभ, 19:26–20:54
- अमृत, शुभ, 20:54–22:22
- चर, सामान्य, 22:22–23:50
- रोग, अशुभ, 23:50–01:18 गुरु
- काल, अशुभ, 01:18–02:46 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:46–04:14 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:14–05:42 गुरु
- यमगण्ड, 07:15–08:47, अशुभ
- गुलिक काल, 10:18–11:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:26–12:15, अशुभ
- राहु काल, 11:50–13:22, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:55 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में चैत्र नवरात्रि बुध 3 अप्रैल को क्यों है?
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना बुध 3 अप्रैल को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का गुरु 4 अप्रैल से अधिक भाग घेरती है।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 3 अप्रैल को 06:02 से गुरु 4 अप्रैल को 07:48 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: बुध 3 अप्रैल। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
बुध 3 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। चतुर्दशी उससे पहले 04:41 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 06:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 20 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?
अमावस्या यहाँ मंगल 2 और बुध 3 अप्रैल दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 04:41 मंगल को, सूर्योदय 05:43 मंगल से पहले, शुरू हुई और 06:02 को, अगले सूर्योदय 05:43 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Codcod में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:09, अमावस्या की समाप्ति 03:32 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:43, अमावस्या की समाप्ति 06:02 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।
बुध 3 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:56।
मंगल 2 अप्रैल की रात सूर्यास्त 17:57 मंगल से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 46 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 3 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 11:26–12:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:26–12:15।
यहाँ दिन, 05:43 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:26–12:15: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 3 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:43–07:15 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:43 से 17:57, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 05:42 गुरु, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 3 अप्रैल को राहुकाल कब है? 11:50–13:22
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:50–13:22।
बुध 3 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:15–08:47
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:15–08:47।
बुध 3 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:18–11:50
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:18–11:50।
यहाँ दिन 05:43 से 17:57 तक है, 12 घं 14 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 3 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 14 मि का दिन।
बुध 3 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 14 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 348.8° पर था: रेवती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:52 गुरु को निकलेगा, अश्विनी में।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 697.7° थे, एक चक्कर और 337.7°: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 348.9° + 348.8° = 697.7°, एक पूरा चक्कर और 337.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 22:06 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 359.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 17:18 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 06:02 तक है।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:42 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 4 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 3 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
बुध 3 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 12:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 378.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 3 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:13
चंद्रमा यहाँ 18:13 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:13 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।