Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 10 मई 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 10 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 10 मई क्यों?
प्रदोष व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत का पारण
वरूथिनी एकादशी
10 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 मई
- 03:55–04:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:26 से
- 05:26–07:00शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:18–12:08अभिजीत मुहूर्त
- 11:43–13:17लाभ चौघड़िया
- 13:17–14:52अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:26–18:00शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:00 के बाद
- 18:00–19:26अमृत चौघड़िया
- 23:43–01:09 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:34–04:00 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:00–05:26 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 03:54–04:40 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:26–07:00शुभयमगण्ड में
- 07:00–08:35रोगअशुभ
- 08:35–10:09उद्वेगअशुभ
- 10:09–11:43चरसामान्य
- 11:43–13:17लाभशुभ
- 13:17–14:52अमृतराहु काल में
- 14:52–16:26कालअशुभ
- 16:26–18:00शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:00–19:26अमृतशुभ
- 19:26–20:52चरसामान्य
- 20:52–22:17रोगअशुभ
- 22:17–23:43कालअशुभ
- 23:43–01:09 शुक्रलाभशुभ
- 01:09–02:34 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:34–04:00 शुक्रशुभ
- 04:00–05:26 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:55–04:40, शुभ
- शुभ, 05:26–07:00
- रोग, अशुभ, 07:00–08:35
- उद्वेग, अशुभ, 08:35–10:09
- चर, सामान्य, 10:09–11:43
- लाभ, शुभ, 11:43–13:17
- अमृत, शुभ, 13:17–14:52
- काल, अशुभ, 14:52–16:26
- शुभ, 16:26–18:00
- अमृत, शुभ, 18:00–19:26
- चर, सामान्य, 19:26–20:52
- रोग, अशुभ, 20:52–22:17
- काल, अशुभ, 22:17–23:43
- लाभ, शुभ, 23:43–01:09 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:09–02:34 शुक्र
- शुभ, 02:34–04:00 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:00–05:26 शुक्र
- यमगण्ड, 05:26–07:00, अशुभ
- गुलिक काल, 08:35–10:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:37–10:28, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:18–12:08, शुभ
- राहु काल, 13:17–14:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:39–15:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:40 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में प्रदोष व्रत गुरु 10 मई को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 10 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 10 मई को 15:00 से शुक्र 11 मई को 17:24 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (18:00–20:17) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 10 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 319.7° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:26। एकादशी उससे पहले 12:32 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 15:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 28 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 10 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:55–04:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:55–04:40।
बुध 9 मई की रात सूर्यास्त 18:00 बुध से सूर्योदय 05:26 तक थी, 11 घं 26 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 10 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:18–12:08
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:18–12:08।
गुरु 10 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:37–10:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:37–10:28 और 14:39–15:29।
गुरु 10 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:39–15:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:37–10:28 और 14:39–15:29।
यहाँ दिन, 05:26 से 18:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:37–10:28 और 14:39–15:29।
गुरु 10 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:26–07:00 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:26 से 18:00, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:00 से 05:26 शुक्र, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 10 मई को राहुकाल कब है? 13:17–14:52
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:17–14:52।
गुरु 10 मई को यमगंड कब है? 05:26–07:00
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:26–07:00।
गुरु 10 मई को गुलिक काल कब है? 08:35–10:09
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:35–10:09।
यहाँ दिन 05:26 से 18:00 तक है, 12 घं 34 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 10 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 18:00, 12 घं 34 मि का दिन।
गुरु 10 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 18:00, 12 घं 34 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 10 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 344.9° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:58 को निकलेगा, रेवती में।
गुरु 10 मई को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 370.2° थे, एक चक्कर और 10.2°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 25.3° + 344.9° = 370.2°, एक पूरा चक्कर और 10.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 11:20 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
गुरु 10 मई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 319.7° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 01:46 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 15:00 तक है।
गुरु 10 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:26, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:26 से 05:26 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 10 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 14 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 13 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
गुरु 10 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
गुरु 10 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 12:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 54.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 10 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:29 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 03:29 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 10 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:24
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:29 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:29 शुक्र पर उदय होगा।