Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 29 मार्च 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
29 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 मार्च
- 04:11–04:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:46 से
- 05:46–07:17शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:27–12:16अभिजीत मुहूर्त
- 11:52–13:23लाभ चौघड़िया
- 13:23–14:54अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:26–17:57शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 17:57–19:26अमृत चौघड़िया
-
19:42–21:06अमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- 23:51–01:20 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:48–04:17 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:17–05:45 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:11–04:58 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:46–07:17शुभयमगण्ड में
- 07:17–08:49रोगअशुभ
- 08:49–10:20उद्वेगअशुभ
- 10:20–11:52चरसामान्य
- 11:52–13:23लाभशुभ
- 13:23–14:54अमृतराहु काल में
- 14:54–16:26कालअशुभ
- 16:26–17:57शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:26अमृतशुभ
- 19:26–20:54चरसामान्य
- 20:54–22:23रोगअशुभ
- 22:23–23:51कालअशुभ
- 23:51–01:20 शुक्रलाभशुभ
- 01:20–02:48 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:48–04:17 शुक्रशुभ
- 04:17–05:45 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:58, शुभ
- शुभ, 05:46–07:17
- रोग, अशुभ, 07:17–08:49
- उद्वेग, अशुभ, 08:49–10:20
- चर, सामान्य, 10:20–11:52
- लाभ, शुभ, 11:52–13:23
- अमृत, शुभ, 13:23–14:54
- काल, अशुभ, 14:54–16:26
- शुभ, 16:26–17:57
- अमृत, शुभ, 17:57–19:26
- चर, सामान्य, 19:26–20:54
- रोग, अशुभ, 20:54–22:23
- काल, अशुभ, 22:23–23:51
- लाभ, शुभ, 23:51–01:20 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:20–02:48 शुक्र
- शुभ, 02:48–04:17 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:17–05:45 शुक्र
- यमगण्ड, 05:46–07:17, अशुभ
- गुलिक काल, 08:49–10:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:50–10:38, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:16, शुभ
- राहु काल, 13:23–14:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:42–15:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:58 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 29 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 162.9° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:46। त्रयोदशी उससे पहले 18:05 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 14:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 29 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:11–04:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:11–04:58।
बुध 28 मार्च की रात सूर्यास्त 17:57 बुध से सूर्योदय 05:46 तक थी, 11 घं 49 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 29 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:16
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:16।
गुरु 29 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 09:50–10:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:50–10:38 और 14:42–15:31।
गुरु 29 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:42–15:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:50–10:38 और 14:42–15:31।
यहाँ दिन, 05:46 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:50–10:38 और 14:42–15:31।
गुरु 29 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:46–07:17 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:46 से 17:57, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 05:45 शुक्र, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 29 मार्च को राहुकाल कब है? 13:23–14:54
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:23–14:54।
गुरु 29 मार्च को यमगंड कब है? 05:46–07:17
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:46–07:17।
गुरु 29 मार्च को गुलिक काल कब है? 08:49–10:20
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:20।
यहाँ दिन 05:46 से 17:57 तक है, 12 घं 11 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 29 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 11 मि का दिन।
गुरु 29 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 147.1° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 146°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:59 शुक्र को निकलेगा, हस्त में।
गुरु 29 मार्च को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 491.3° थे, एक चक्कर और 131.3°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 344.2° + 147.1° = 491.3°, एक पूरा चक्कर और 131.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 08:43 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
गुरु 29 मार्च को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 162.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 04:16 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 14:22 तक है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:46, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:46 से 05:45 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 29 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 14 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 12:19 गुरु से 14 अप्रैल 05:40 शनि तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 14 अप्रैल 06:24 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 12:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 13.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 29 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:09
चंद्रमा यहाँ 17:09 पर उदय होता है।
गुरु 29 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:26 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:09 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:26 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:09 पर उदय हुआ; वह फिर 05:26 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।