Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 21 सितंबर 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
21 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 21 सितंबर
- 04:01–04:48ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:36 से
- 05:36–07:07शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:15–12:04अभिजीत मुहूर्त
- 11:40–13:11लाभ चौघड़िया
- 13:11–14:41अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:12–17:43शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:43 के बाद
- 17:43–19:12अमृत चौघड़िया
-
22:59–00:26 शुक्रअमृत कालस्वाती में
- 23:40–01:09 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:38–04:07 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:07–05:36 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:01–04:48 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:36–07:07शुभयमगण्ड में
- 07:07–08:38रोगअशुभ
- 08:38–10:09उद्वेगअशुभ
- 10:09–11:40चरसामान्य
- 11:40–13:11लाभशुभ
- 13:11–14:41अमृतराहु काल में
- 14:41–16:12कालअशुभ
- 16:12–17:43शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:43–19:12अमृतशुभ
- 19:12–20:41चरसामान्य
- 20:41–22:11रोगअशुभ
- 22:11–23:40कालअशुभ
- 23:40–01:09 शुक्रलाभशुभ
- 01:09–02:38 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:38–04:07 शुक्रशुभ
- 04:07–05:36 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 21 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:48, शुभ
- शुभ, 05:36–07:07
- रोग, अशुभ, 07:07–08:38
- उद्वेग, अशुभ, 08:38–10:09
- चर, सामान्य, 10:09–11:40
- लाभ, शुभ, 11:40–13:11
- अमृत, शुभ, 13:11–14:41
- काल, अशुभ, 14:41–16:12
- शुभ, 16:12–17:43
- अमृत, शुभ, 17:43–19:12
- चर, सामान्य, 19:12–20:41
- रोग, अशुभ, 20:41–22:11
- काल, अशुभ, 22:11–23:40
- लाभ, शुभ, 23:40–01:09 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:09–02:38 शुक्र
- शुभ, 02:38–04:07 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:07–05:36 शुक्र
- यमगण्ड, 05:36–07:07, अशुभ
- गुलिक काल, 08:38–10:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:38–10:27, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:15–12:04, शुभ
- राहु काल, 13:11–14:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:29–15:18, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:48 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 21 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 30.3° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:36। द्वितीया उससे पहले 18:49 बुध पर समाप्त हुई। तृतीया 15:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 19 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 21 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:48
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:48।
बुध 20 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:44 बुध से सूर्योदय 05:36 तक थी, 11 घं 52 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 21 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:15–12:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:15–12:04।
गुरु 21 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:38–10:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:38–10:27 और 14:29–15:18।
गुरु 21 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:29–15:18
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:38–10:27 और 14:29–15:18।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:38–10:27 और 14:29–15:18।
गुरु 21 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:36–07:07 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:43, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:43 से 05:36 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 21 सितंबर को राहुकाल कब है? 13:11–14:41
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:11–14:41।
गुरु 21 सितंबर को यमगंड कब है? 05:36–07:07
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:36–07:07।
गुरु 21 सितंबर को गुलिक काल कब है? 08:38–10:09
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:38–10:09।
यहाँ दिन 05:36 से 17:43 तक है, 12 घं 7 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 21 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:43, 12 घं 7 मि का दिन।
गुरु 21 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:43, 12 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 184.5° पर था: चित्रा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:08 को निकलेगा, स्वाती में।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338.7° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 154.2° + 184.5° = 338.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 17:47 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 30.3° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 05:06 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 15:30 तक है।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:36, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:36 से 05:36 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 19 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 18 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
गुरु 21 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 12:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 172.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 21 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:43
चंद्रमा यहाँ 07:43 पर उदय होता है।
गुरु 21 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:42
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:43 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:42 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:43 पर उदय हुआ; वह फिर 19:42 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।