Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग सोम 18 सितंबर 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 06:17 तक
फिर अमावस्या · 02:23 मंगल तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं कारण जानेंत्योहार
सर्व पितृ अमावस्या
सर्व पितृ अमावस्या सोम 18 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं। सोम 18 सितंबर क्यों?
सर्व पितृ अमावस्या: Codcod में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या सोम 18 सितंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। सोम 18 सितंबर क्यों?
अमावस्या: Codcod में हर तारीख़18 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 सितंबर
- 04:01–04:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:36 से
- 05:36–07:07अमृत चौघड़िया
- 08:38–10:10शुभ चौघड़िया
- 11:41–12:05अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
-
12:54–13:12अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 15:19–16:14लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:14–17:45अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:45 के बाद
- 22:12–23:41लाभ चौघड़िया
- 01:10–02:38 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:38–04:07 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:01–04:49 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:36–07:07अमृतशुभ
- 07:07–08:38कालअशुभ
- 08:38–10:10शुभ
- 10:10–11:41रोगअशुभ
- 11:41–13:12उद्वेगअशुभ
- 13:12–14:43चरसामान्य
- 14:43–16:14लाभशुभ
- 16:14–17:45अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:45–19:14चरसामान्य
- 19:14–20:43रोगअशुभ
- 20:43–22:12कालअशुभ
- 22:12–23:41लाभशुभ
- 23:41–01:10 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:10–02:38 मंगलशुभ
- 02:38–04:07 मंगलअमृतशुभ
- 04:07–05:36 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:49, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:36–07:07
- काल, अशुभ, 07:07–08:38
- शुभ, 08:38–10:10
- रोग, अशुभ, 10:10–11:41
- उद्वेग, अशुभ, 11:41–13:12
- चर, सामान्य, 13:12–14:43
- लाभ, शुभ, 14:43–16:14
- अमृत, शुभ, 16:14–17:45
- चर, सामान्य, 17:45–19:14
- रोग, अशुभ, 19:14–20:43
- काल, अशुभ, 20:43–22:12
- लाभ, शुभ, 22:12–23:41
- उद्वेग, अशुभ, 23:41–01:10 मंगल
- शुभ, 01:10–02:38 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:38–04:07 मंगल
- चर, सामान्य, 04:07–05:36 मंगल
- राहु काल, 07:07–08:38, अशुभ
- यमगण्ड, 10:10–11:41, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:16–12:05, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:05–12:54, अशुभ
- गुलिक काल, 13:12–14:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:31–15:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:49 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में सर्व पितृ अमावस्या सोम 18 सितंबर को क्यों है?
सर्व पितृ अमावस्या सोम 18 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं।
सब पितरों का श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। अमावस्या सोम 18 सितंबर को 06:17 से मंगल 19 सितंबर को 02:23 तक है, इसलिए केवल सोमवार का अपराह्न (12:54–15:19) उसके भीतर है। सर्व पितृ अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Codcod में अमावस्या सोम 18 सितंबर को क्यों है?
अमावस्या सोम 18 सितंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 18 सितंबर को 06:17 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और मंगल 19 सितंबर को 02:23 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 18 सितंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 18 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:36। त्रयोदशी उससे पहले 10:00 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 4 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 06:17 को शुरू हुई और 02:23 मंगल को समाप्त, 05:36 और 05:36 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को चतुर्दशी है और मंगलवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Codcod में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:07, चतुर्दशी की समाप्ति 03:47 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:36, चतुर्दशी की समाप्ति 06:17 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 02:23 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।
सोम 18 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:49।
रवि 17 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:46 रवि से सूर्योदय 05:36 तक थी, 11 घं 50 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 18 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:16–12:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:16–12:05।
सोम 18 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:05–12:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:05–12:54 और 14:31–15:19।
सोम 18 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:31–15:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:05–12:54 और 14:31–15:19।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:05–12:54 और 14:31–15:19।
सोम 18 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:36–07:07 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:45, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:45 से 05:36 मंगल, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 18 सितंबर को राहुकाल कब है? 07:07–08:38
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:07–08:38।
सोम 18 सितंबर को यमगंड कब है? 10:10–11:41
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:10–11:41।
सोम 18 सितंबर को गुलिक काल कब है? 13:12–14:43
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:12–14:43।
यहाँ दिन 05:36 से 17:45 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 18 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:45, 12 घं 9 मि का दिन।
सोम 18 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:45, 12 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 18 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 138.8° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 136°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:53 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
सोम 18 सितंबर को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 290.1° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 151.3° + 138.8° = 290.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 10:23 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
सोम 18 सितंबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 20:10 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 06:17 तक है।
सोम 18 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:36, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:36 से 05:36 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 18 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 20 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 19 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
सोम 18 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
सोम 18 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 12:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 169.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 18 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:13
चंद्रमा यहाँ 17:13 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:13 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।