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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 16 दिसंबर 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 15:52 तक

फिर चतुर्थी · 13:04 शुक्र तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:13

संकष्टी चतुर्थी गुरु 16 दिसंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। गुरु 16 दिसंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:17 05:57 17:28अगला सूर्योदय 05:57 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:57–07:23शुभयमगण्ड में
  • 07:23–08:49रोगअशुभ
  • 08:49–10:16उद्वेगअशुभ
  • 10:16–11:42चरसामान्य
  • 11:42–13:08लाभशुभ
  • 13:08–14:35अमृतराहु काल में
  • 14:35–16:01कालअशुभ
  • 16:01–17:28शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:28–19:01अमृतशुभ
  • 19:01–20:35चरसामान्य
  • 20:35–22:09रोगअशुभ
  • 22:09–23:42कालअशुभ
  • 23:42–01:16 शुक्रलाभशुभ
  • 01:16–02:50 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:50–04:23 शुक्रशुभ
  • 04:23–05:57 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 16 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–05:07, शुभ
  • शुभ, 05:57–07:23
  • रोग, अशुभ, 07:23–08:49
  • उद्वेग, अशुभ, 08:49–10:16
  • चर, सामान्य, 10:16–11:42
  • लाभ, शुभ, 11:42–13:08
  • अमृत, शुभ, 13:08–14:35
  • काल, अशुभ, 14:35–16:01
  • शुभ, 16:01–17:28
  • अमृत, शुभ, 17:28–19:01
  • चर, सामान्य, 19:01–20:35
  • रोग, अशुभ, 20:35–22:09
  • काल, अशुभ, 22:09–23:42
  • लाभ, शुभ, 23:42–01:16 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:16–02:50 शुक्र
  • शुभ, 02:50–04:23 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:23–05:57 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:57–07:23, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:49–10:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:47–10:33, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:19–12:05, शुभ
  • राहु काल, 13:08–14:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:23–15:09, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–05:07 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में संकष्टी चतुर्थी गुरु 16 दिसंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी गुरु 16 दिसंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 गुरु 16 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:13
चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 गुरु 16 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:13
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी गुरु 16 दिसंबर को 15:52 से शुक्र 17 दिसंबर को 13:04 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल गुरु 16 दिसंबर को है, 20:13 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Codcod में हर तारीख़

गुरु 16 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 210.4° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 210.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। द्वितीया उससे पहले 18:43 बुध पर समाप्त हुई। तृतीया 15:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 14 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 16 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:17–05:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:17–05:07।

सूर्यास्त 17:27 बुध सूर्योदय 05:57 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 15 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:27 बुध सूर्योदय 05:57 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 15 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 15 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:27 बुध से सूर्योदय 05:57 तक थी, 12 घं 30 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 16 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:19–12:05

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:19–12:05।

गुरु 16 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:47–10:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:47–10:33 और 14:23–15:09।

गुरु 16 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:23–15:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:47–10:33 और 14:23–15:09।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:57 से 17:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:47–10:33 और 14:23–15:09।

गुरु 16 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:57–07:23 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:57 से 17:28, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:28 से 05:57 शुक्र, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 16 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:08–14:35

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:08–14:35।

गुरु 16 दिसंबर को यमगंड कब है? 05:57–07:23

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:57–07:23।

गुरु 16 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:49–10:16

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:16।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:57 से 17:28 तक है, 11 घं 31 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 16 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 17:28, 11 घं 31 मि का दिन।

गुरु 16 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 17:28, 11 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:16 चंद्रोदय 20:13
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:16 चंद्रोदय 20:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 89.8° पर था: पुनर्वसु, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 89.8° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 89.8° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:43 को निकलेगा, पुष्य में।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 329.2° थे: ब्रह्म।

सूर्य 239.4° + चंद्रमा 89.8° = 329.2° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 239.4° + चंद्रमा 89.8° = 329.2° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 239.4° + 89.8° = 329.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 12:12 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 210.4° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 210.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 05:17 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 15:52 तक है।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:57 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 28 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 28 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल गुरु 16 दिसंबर अमावस्या 28 नव॰ पूर्णिमा 14 दिस॰ अमावस्या 28 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल गुरु 16 दिसंबर अमावस्या 28 नव॰ पूर्णिमा 14 दिस॰ अमावस्या 28 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

गुरु 16 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 07:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 16 दिसंबर सूर्य 239.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 07:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 16 दिसंबर सूर्य 239.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 07:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 246.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 16 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:13

चंद्रमा यहाँ 20:13 पर उदय होता है।

गुरु 16 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:16

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:16 चंद्रोदय 20:13
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 17:28 सूर्योदय 05:57 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:16 चंद्रोदय 20:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:16 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:13 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:16 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:13 पर उदय होगा।