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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शुक्र 4 जून 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

त्योहार

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत शुक्र 4 जून को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शुक्र 4 जून क्यों?

वट सावित्री व्रत: Codcod में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या शुक्र 4 जून को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शुक्र 4 जून क्यों?

अमावस्या: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:53 05:24 18:06अगला सूर्योदय 05:24 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:24–06:59चरसामान्य
  • 06:59–08:34लाभगुलिक काल में
  • 08:34–10:10अमृतशुभ
  • 10:10–11:45कालअशुभ
  • 11:45–13:20शुभ
  • 13:20–14:56रोगअशुभ
  • 14:56–16:31उद्वेगअशुभ
  • 16:31–18:06चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:06–19:31रोगअशुभ
  • 19:31–20:56कालअशुभ
  • 20:56–22:20लाभशुभ
  • 22:20–23:45उद्वेगअशुभ
  • 23:45–01:10 शनिशुभ
  • 01:10–02:34 शनिअमृतशुभ
  • 02:34–03:59 शनिचरसामान्य
  • 03:59–05:24 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 4 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:39, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:24–06:59
  • लाभ, शुभ, 06:59–08:34
  • अमृत, शुभ, 08:34–10:10
  • काल, अशुभ, 10:10–11:45
  • शुभ, 11:45–13:20
  • रोग, अशुभ, 13:20–14:56
  • उद्वेग, अशुभ, 14:56–16:31
  • चर, सामान्य, 16:31–18:06
  • रोग, अशुभ, 18:06–19:31
  • काल, अशुभ, 19:31–20:56
  • लाभ, शुभ, 20:56–22:20
  • उद्वेग, अशुभ, 22:20–23:45
  • शुभ, 23:45–01:10 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:10–02:34 शनि
  • चर, सामान्य, 02:34–03:59 शनि
  • रोग, अशुभ, 03:59–05:24 शनि
  • गुलिक काल, 06:59–08:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:56–08:47, अशुभ
  • राहु काल, 10:10–11:45, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:20–12:10, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:10–13:01, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:56–16:31, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:39 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में वट सावित्री व्रत शुक्र 4 जून को क्यों है?

वट सावित्री व्रत शुक्र 4 जून को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 06:35 03:00 04:00 05:00 06:00 शुक्र 4 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:24 अमावस्या 06:35 से
चतुर्दशी 06:35 03:00 04:00 05:00 शुक्र 4 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:24 अमावस्या 06:35 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 4 जून को 06:35 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शनि 5 जून को 03:40 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शुक्र 4 जून। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

वट सावित्री व्रत: Codcod में हर तारीख़

Codcod में अमावस्या शुक्र 4 जून को क्यों है?

अमावस्या शुक्र 4 जून को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 06:35 03:00 04:00 05:00 06:00 शुक्र 4 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:24 अमावस्या 06:35 से
चतुर्दशी 06:35 03:00 04:00 05:00 शुक्र 4 जून स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:24 अमावस्या 06:35 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 4 जून को 06:35 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शनि 5 जून को 03:40 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शुक्र 4 जून। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Codcod में हर तारीख़

शुक्र 4 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 347.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:24। त्रयोदशी उससे पहले 09:05 गुरु पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 20 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या क्षय क्यों है?

अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शुक्र 4 जून सुबह शनि 5 जून सुबह Codcod UTC+8 06:35 03:40 05:24 चतुर्दशी 05:24 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शुक्र 4 जून सुबह शनि 5 जून सुबह Codcod UTC+8 06:35 03:40 05:24 चतुर्दशी 05:24 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 06:35 को शुरू हुई और 03:40 शनि को समाप्त, 05:24 और 05:24 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को चतुर्दशी है और शनिवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Codcod में चतुर्दशी।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शुक्र 4 जून सुबह शनि 5 जून सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 04:05 06:35 01:10 03:40 05:23 अमावस्या 05:23 प्रतिपदा 05:24 चतुर्दशी 05:24 प्रतिपदा
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा शुक्र 4 जून सुबह शनि 5 जून सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 04:05 06:35 01:10 03:40 05:23 अमावस्या 05:23 प्रतिपदा 05:24 चतुर्दशी 05:24 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, चतुर्दशी की समाप्ति 04:05 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:24, चतुर्दशी की समाप्ति 06:35 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 03:40 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।

शुक्र 4 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:53–04:39

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:53–04:39।

सूर्यास्त 18:06 गुरु सूर्योदय 05:24 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 3 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:06 गुरु सूर्योदय 05:24 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 3 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 3 जून की रात सूर्यास्त 18:06 गुरु से सूर्योदय 05:24 तक थी, 11 घं 18 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 4 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:20–12:10

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:20–12:10।

शुक्र 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:56–08:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:56–08:47 और 12:10–13:01।

शुक्र 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:10–13:01

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:56–08:47 और 12:10–13:01।

सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:24 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:56–08:47 और 12:10–13:01।

शुक्र 4 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:24–06:59 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:24 से 18:06, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:06 से 05:24 शनि, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 4 जून को राहुकाल कब है? 10:10–11:45

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:10–11:45।

शुक्र 4 जून को यमगंड कब है? 14:56–16:31

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:56–16:31।

शुक्र 4 जून को गुलिक काल कब है? 06:59–08:34

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:59–08:34।

सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:24 से 18:06 तक है, 12 घं 42 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 4 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 42 मि का दिन।

शुक्र 4 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 42 मि का दिन।

सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:37
सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 4 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 36.2° पर था: कृत्तिका, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 36.2° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 36.2° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:44 को निकलेगा, रोहिणी में।

शुक्र 4 जून को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 85° थे: सुकर्मा।

सूर्य 48.8° + चंद्रमा 36.2° = 85.0° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 48.8° + चंद्रमा 36.2° = 85.0° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 48.8° + 36.2° = 85°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 18:16 को समाप्त होता है, फिर धृति।

शुक्र 4 जून को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 347.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 347.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 19:54 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 06:35 तक है।

शुक्र 4 जून को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:24, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:24 से 05:24 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

शुक्र 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल शुक्र 4 जून अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 19 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल शुक्र 4 जून अमावस्या 6 मई पूर्णिमा 20 मई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 19 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

शुक्र 4 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 07:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 4 जून सूर्य 48.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 07:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 4 जून सूर्य 48.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 07:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 56.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 4 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:37

चंद्रमा यहाँ 17:37 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:37
सूर्योदय 05:24 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 05:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:37 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।