Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग सोम 22 मार्च 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
त्योहार
होलिका दहन
होलिका दहन सोम 22 मार्च को है: उस शाम पूर्णिमा प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। सोम 22 मार्च क्यों?
होलिका दहन: Codcod में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 22 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 22 मार्च क्यों?
पूर्णिमा: Codcod में हर तारीख़22 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 22 मार्च
- 04:15–05:03ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:50 से
- 05:50–07:21अमृत चौघड़िया
- 08:52–10:23शुभ चौघड़िया
- 11:54–12:18अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:32–16:27लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:27–17:58अमृत चौघड़िया
-
16:28–17:59अमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- सूर्यास्त 17:58 के बाद
- 22:25–23:54लाभ चौघड़िया
- 01:23–02:52 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:52–04:21 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:15–05:02 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:50–07:21अमृतशुभ
- 07:21–08:52कालअशुभ
- 08:52–10:23शुभ
- 10:23–11:54रोगअशुभ
- 11:54–13:25उद्वेगअशुभ
- 13:25–14:56चरसामान्य
- 14:56–16:27लाभशुभ
- 16:27–17:58अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:58–19:27चरसामान्य
- 19:27–20:56रोगअशुभ
- 20:56–22:25कालअशुभ
- 22:25–23:54लाभशुभ
- 23:54–01:23 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:23–02:52 मंगलशुभ
- 02:52–04:21 मंगलअमृतशुभ
- 04:21–05:50 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 22 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–05:03, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:50–07:21
- काल, अशुभ, 07:21–08:52
- शुभ, 08:52–10:23
- रोग, अशुभ, 10:23–11:54
- उद्वेग, अशुभ, 11:54–13:25
- चर, सामान्य, 13:25–14:56
- लाभ, शुभ, 14:56–16:27
- अमृत, शुभ, 16:27–17:58
- चर, सामान्य, 17:58–19:27
- रोग, अशुभ, 19:27–20:56
- काल, अशुभ, 20:56–22:25
- लाभ, शुभ, 22:25–23:54
- उद्वेग, अशुभ, 23:54–01:23 मंगल
- शुभ, 01:23–02:52 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:52–04:21 मंगल
- चर, सामान्य, 04:21–05:50 मंगल
- राहु काल, 07:21–08:52, अशुभ
- यमगण्ड, 10:23–11:54, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:30–12:18, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:18–13:07, अशुभ
- गुलिक काल, 13:25–14:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:44–15:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–05:02 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में होलिका दहन सोम 22 मार्च को क्यों है?
होलिका दहन सोम 22 मार्च को है: उस शाम पूर्णिमा प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा रवि 21 मार्च को 20:52 से सोम 22 मार्च को 18:43 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार के प्रदोष काल (17:58–20:20) को छूती है।
Codcod में पूर्णिमा सोम 22 मार्च को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 22 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 21 मार्च को 20:52 से सोम 22 मार्च को 18:43 तक है, इसलिए वह केवल सोम 22 मार्च के सूर्योदय (05:50) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 22 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 172.9° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। चतुर्दशी उससे पहले 20:52 रवि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 18:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 8 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 22 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:15–05:03
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:15–05:03।
रवि 21 मार्च की रात सूर्यास्त 17:58 रवि से सूर्योदय 05:50 तक थी, 11 घं 52 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 22 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:30–12:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:30–12:18।
सोम 22 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:18–13:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:18–13:07 और 14:44–15:32।
सोम 22 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:44–15:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:18–13:07 और 14:44–15:32।
यहाँ दिन, 05:50 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:18–13:07 और 14:44–15:32।
सोम 22 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:50–07:21 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:50 से 17:58, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:58 से 05:50 मंगल, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 22 मार्च को राहुकाल कब है? 07:21–08:52
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:21–08:52।
सोम 22 मार्च को यमगंड कब है? 10:23–11:54
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:23–11:54।
सोम 22 मार्च को गुलिक काल कब है? 13:25–14:56
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:25–14:56।
यहाँ दिन 05:50 से 17:58 तक है, 12 घं 8 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 22 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 8 मि का दिन।
सोम 22 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 22 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 149.8° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 146°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:16 को निकलेगा, हस्त में।
सोम 22 मार्च को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 486.6° थे, एक चक्कर और 126.6°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 336.8° + 149.8° = 486.6°, एक पूरा चक्कर और 126.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 16:34 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
सोम 22 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 172.9° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 07:45 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 18:43 तक।
सोम 22 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:50 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 22 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 8 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
सोम 22 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
सोम 22 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 09:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 362.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 22 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:50
चंद्रमा यहाँ 17:50 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:50 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।