Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग रवि 21 फ़रवरी 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
शुक्ल पक्ष · 07:23 तक
फिर प्रतिपदा · 04:33 सोम तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानेंव्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 21 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 21 फ़रवरी क्यों?
पूर्णिमा: Codcod में हर तारीख़21 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 21 फ़रवरी
- 04:28–05:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:05 से
- 09:03–10:32लाभ चौघड़िया
- 10:32–12:00अमृत चौघड़िया
- 11:37–12:00अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:29–14:58शुभ चौघड़िया
-
14:10–14:58अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · मघा में
- सूर्यास्त 17:56 के बाद
- 17:56–19:27शुभ चौघड़िया
- 19:27–20:58अमृत चौघड़िया
- 01:31–03:02 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:34–06:05 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:27–05:16 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:05–07:34उद्वेगअशुभ
- 07:34–09:03चरसामान्य
- 09:03–10:32लाभशुभ
- 10:32–12:00अमृतशुभ
- 12:00–13:29कालअशुभ
- 13:29–14:58शुभ
- 14:58–16:27रोगअशुभ
- 16:27–17:56उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:56–19:27शुभ
- 19:27–20:58अमृतशुभ
- 20:58–22:29चरसामान्य
- 22:29–00:00 सोमरोगअशुभ
- 00:00–01:31 सोमकालअशुभ
- 01:31–03:02 सोमलाभशुभ
- 03:02–04:34 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:34–06:05 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 21 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:16, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:05–07:34
- चर, सामान्य, 07:34–09:03
- लाभ, शुभ, 09:03–10:32
- अमृत, शुभ, 10:32–12:00
- काल, अशुभ, 12:00–13:29
- शुभ, 13:29–14:58
- रोग, अशुभ, 14:58–16:27
- उद्वेग, अशुभ, 16:27–17:56
- शुभ, 17:56–19:27
- अमृत, शुभ, 19:27–20:58
- चर, सामान्य, 20:58–22:29
- रोग, अशुभ, 22:29–00:00 सोम
- काल, अशुभ, 00:00–01:31 सोम
- लाभ, शुभ, 01:31–03:02 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:02–04:34 सोम
- शुभ, 04:34–06:05 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:24, शुभ
- यमगण्ड, 12:00–13:29, अशुभ
- गुलिक काल, 14:58–16:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:21–17:08, अशुभ
- राहु काल, 16:27–17:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:16 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में पूर्णिमा रवि 21 फ़रवरी को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 21 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 20 फ़रवरी को 10:30 से रवि 21 फ़रवरी को 07:23 तक है, इसलिए वह केवल रवि 21 फ़रवरी के सूर्योदय (06:05) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.3° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:05। चतुर्दशी उससे पहले 10:30 शनि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 07:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 6 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 07:23 को शुरू हुई और 04:33 सोम को समाप्त, 06:05 और 06:05 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को पूर्णिमा है और सोमवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Codcod में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:54, पूर्णिमा की समाप्ति 04:53 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 06:05, पूर्णिमा की समाप्ति 07:23 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 04:33 सोम को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।
रवि 21 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:16।
शनि 20 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:56 शनि से सूर्योदय 06:05 तक थी, 12 घं 9 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 21 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:24।
रवि 21 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:21–17:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:21–17:08।
यहाँ दिन, 06:05 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:21–17:08।
रवि 21 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:05–07:34 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:05 से 17:56, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:56 से 06:05 सोम, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 21 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 16:27–17:56
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:27–17:56।
रवि 21 फ़रवरी को यमगंड कब है? 12:00–13:29
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:00–13:29।
रवि 21 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 14:58–16:27
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:27।
यहाँ दिन 06:05 से 17:56 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 21 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 51 मि का दिन।
रवि 21 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 127.1° पर था: मघा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:21 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 434.9° थे, एक चक्कर और 74.9°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 307.8° + 127.1° = 434.9°, एक पूरा चक्कर और 74.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 13:57 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.3° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:55 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 07:23 तक है।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:05, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:05 से 06:05 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 6 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 8 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
रवि 21 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 09:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 333.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 21 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:17
चंद्रमा यहाँ 18:17 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:17 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।