Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 31 मार्च 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
31 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 31 मार्च
- 04:10–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:45 से
- 10:19–11:51लाभ चौघड़िया
-
11:18–11:51अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 11:27–11:51अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:51–13:23अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:54–16:26शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 19:26–20:54लाभ चौघड़िया
- 22:22–22:40शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:27–23:51शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:51–01:19 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:10–04:57 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:45–07:16रोगअशुभ
- 07:16–08:48उद्वेगअशुभ
- 08:48–10:19चरसामान्य
- 10:19–11:51लाभशुभ
- 11:51–13:23अमृतगुलिक काल में
- 13:23–14:54कालअशुभ
- 14:54–16:26शुभराहु काल में
- 16:26–17:57रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:26कालअशुभ
- 19:26–20:54लाभशुभ
- 20:54–22:22उद्वेगअशुभ
- 22:22–23:51शुभ
- 23:51–01:19 बुधअमृतशुभ
- 01:19–02:47 बुधचरसामान्य
- 02:47–04:16 बुधरोगअशुभ
- 04:16–05:44 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 31 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:57, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:45–07:16
- उद्वेग, अशुभ, 07:16–08:48
- चर, सामान्य, 08:48–10:19
- लाभ, शुभ, 10:19–11:51
- अमृत, शुभ, 11:51–13:23
- काल, अशुभ, 13:23–14:54
- शुभ, 14:54–16:26
- रोग, अशुभ, 16:26–17:57
- काल, अशुभ, 17:57–19:26
- लाभ, शुभ, 19:26–20:54
- उद्वेग, अशुभ, 20:54–22:22
- शुभ, 22:22–23:51
- अमृत, शुभ, 23:51–01:19 बुध
- चर, सामान्य, 01:19–02:47 बुध
- रोग, अशुभ, 02:47–04:16 बुध
- काल, अशुभ, 04:16–05:44 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:11–09:00, अशुभ
- यमगण्ड, 08:48–10:19, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:15, शुभ
- गुलिक काल, 11:51–13:23, अशुभ
- राहु काल, 14:54–16:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:40–23:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:57 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 31 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 154.2° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:45। द्वादशी उससे पहले 09:40 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 09:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 19 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 31 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:10–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:10–04:57।
सोम 30 मार्च की रात सूर्यास्त 17:57 सोम से सूर्योदय 05:45 तक थी, 11 घं 48 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 31 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:15।
मंगल 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:11–09:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:40–23:27।
मंगल 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 22:40–23:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:40–23:27।
यहाँ दिन, 05:45 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:11–09:00 और 22:40–23:27।
मंगल 31 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:45–07:16 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:45 से 17:57, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 05:44 बुध, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 31 मार्च को राहुकाल कब है? 14:54–16:26
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:54–16:26।
मंगल 31 मार्च को यमगंड कब है? 08:48–10:19
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:48–10:19।
मंगल 31 मार्च को गुलिक काल कब है? 11:51–13:23
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:51–13:23।
यहाँ दिन 05:45 से 17:57 तक है, 12 घं 12 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 31 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 12 मि का दिन।
मंगल 31 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 31 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 140.1° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:51 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
मंगल 31 मार्च को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 486.1° थे, एक चक्कर और 126.1°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 346° + 140.1° = 486.1°, एक पूरा चक्कर और 126.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 18:11 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
मंगल 31 मार्च को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 154.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:30 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 09:26 तक है।
मंगल 31 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:45, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:45 से 05:44 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 19 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
मंगल 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
मंगल 31 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 09:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 11.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 31 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:32
चंद्रमा यहाँ 16:32 पर उदय होता है।
मंगल 31 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:55 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:55 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:32 पर उदय हुआ; वह फिर 04:55 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।