Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 21 अक्टूबर 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
त्योहार
दीवाली · लक्ष्मी पूजा
निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 21 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है। मंगल 21 अक्टूबर क्यों?
दीवाली: Codcod में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 21 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 21 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Codcod में हर तारीख़21 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 अक्टूबर
- 03:59–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:36 से
- 10:02–11:31लाभ चौघड़िया
- 11:08–11:31अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:31–13:00अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:29–15:58शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:27 के बाद
-
18:21–20:08अमृत कालचित्रा में
- 18:58–20:29लाभ चौघड़िया
- 22:00–22:18शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:07–23:31शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:31–01:03 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:59–04:47 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:36–07:05रोगअशुभ
- 07:05–08:34उद्वेगअशुभ
- 08:34–10:02चरसामान्य
- 10:02–11:31लाभशुभ
- 11:31–13:00अमृतगुलिक काल में
- 13:00–14:29कालअशुभ
- 14:29–15:58शुभराहु काल में
- 15:58–17:27रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:27–18:58कालअशुभ
- 18:58–20:29लाभशुभ
- 20:29–22:00उद्वेगअशुभ
- 22:00–23:31शुभ
- 23:31–01:03 बुधअमृतशुभ
- 01:03–02:34 बुधचरसामान्य
- 02:34–04:05 बुधरोगअशुभ
- 04:05–05:36 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:36–07:05
- उद्वेग, अशुभ, 07:05–08:34
- चर, सामान्य, 08:34–10:02
- लाभ, शुभ, 10:02–11:31
- अमृत, शुभ, 11:31–13:00
- काल, अशुभ, 13:00–14:29
- शुभ, 14:29–15:58
- रोग, अशुभ, 15:58–17:27
- काल, अशुभ, 17:27–18:58
- लाभ, शुभ, 18:58–20:29
- उद्वेग, अशुभ, 20:29–22:00
- शुभ, 22:00–23:31
- अमृत, शुभ, 23:31–01:03 बुध
- चर, सामान्य, 01:03–02:34 बुध
- रोग, अशुभ, 02:34–04:05 बुध
- काल, अशुभ, 04:05–05:36 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:58–08:45, अशुभ
- यमगण्ड, 08:34–10:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:08–11:55, शुभ
- गुलिक काल, 11:31–13:00, अशुभ
- राहु काल, 14:29–15:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:18–23:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:47 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में दीवाली मंगल 21 अक्टूबर को क्यों है?
निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा मंगल 21 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या सोम 20 अक्टूबर को 18:15 से मंगल 21 अक्टूबर को 20:25 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: मंगल 21 अक्टूबर। हर मत यही दिन लेता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:27–19:53। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:59 से 19:53 तक उदित रहता है।
Codcod में अमावस्या मंगल 21 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 21 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 20 अक्टूबर को 18:15 से मंगल 21 अक्टूबर को 20:25 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 21 अक्टूबर के सूर्योदय (05:36) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 353.2° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:36। चतुर्दशी उससे पहले 18:15 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 20:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 7 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 21 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:59–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:59–04:47।
सोम 20 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:27 सोम से सूर्योदय 05:36 तक थी, 12 घं 9 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 21 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:08–11:55
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:08–11:55।
मंगल 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:58–08:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:58–08:45, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:18–23:07।
मंगल 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:18–23:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:58–08:45, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:18–23:07।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:58–08:45 और 22:18–23:07।
मंगल 21 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:36–07:05 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:36 से 17:27, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:27 से 05:36 बुध, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 21 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:29–15:58
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:29–15:58।
मंगल 21 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:34–10:02
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:02।
मंगल 21 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:31–13:00
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:31–13:00।
यहाँ दिन 05:36 से 17:27 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 21 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:27, 11 घं 51 मि का दिन।
मंगल 21 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:27
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 17:27, 11 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 176.8° पर था: चित्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 01:28 बुध को निकलेगा, स्वाती में।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 360.3° थे, एक चक्कर और 0.3°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 183.5° + 176.8° = 360.3°, एक पूरा चक्कर और 0.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 05:46 बुध को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 353.2° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 07:18 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 20:25 तक।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:36, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:36 से 05:36 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 22 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 18:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 198.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 21 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:10
चंद्रमा यहाँ 17:10 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:10 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।