Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग रवि 27 अप्रैल 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 07:20 तक
फिर अमावस्या · 03:31 सोम तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं कारण जानेंव्रत
अमावस्या
अमावस्या रवि 27 अप्रैल को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। रवि 27 अप्रैल क्यों?
अमावस्या: Codcod में हर तारीख़27 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 27 अप्रैल
- 03:58–04:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:30 से
- 08:37–10:11लाभ चौघड़िया
- 10:11–11:44अमृत चौघड़िया
- 11:19–11:44अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:18–14:51शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:58 के बाद
- 17:58–19:25शुभ चौघड़िया
- 19:25–20:51अमृत चौघड़िया
-
20:50–22:14अमृत कालअश्विनी में
- 01:11–02:37 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:04–05:30 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:58–04:44 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:30–07:04उद्वेगअशुभ
- 07:04–08:37चरसामान्य
- 08:37–10:11लाभशुभ
- 10:11–11:44अमृतशुभ
- 11:44–13:18कालअशुभ
- 13:18–14:51शुभ
- 14:51–16:25रोगअशुभ
- 16:25–17:58उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:58–19:25शुभ
- 19:25–20:51अमृतशुभ
- 20:51–22:18चरसामान्य
- 22:18–23:44रोगअशुभ
- 23:44–01:11 सोमकालअशुभ
- 01:11–02:37 सोमलाभशुभ
- 02:37–04:04 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:04–05:30 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 27 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 03:58–04:44, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:30–07:04
- चर, सामान्य, 07:04–08:37
- लाभ, शुभ, 08:37–10:11
- अमृत, शुभ, 10:11–11:44
- काल, अशुभ, 11:44–13:18
- शुभ, 13:18–14:51
- रोग, अशुभ, 14:51–16:25
- उद्वेग, अशुभ, 16:25–17:58
- शुभ, 17:58–19:25
- अमृत, शुभ, 19:25–20:51
- चर, सामान्य, 20:51–22:18
- रोग, अशुभ, 22:18–23:44
- काल, अशुभ, 23:44–01:11 सोम
- लाभ, शुभ, 01:11–02:37 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:37–04:04 सोम
- शुभ, 04:04–05:30 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:19–12:09, शुभ
- यमगण्ड, 11:44–13:18, अशुभ
- गुलिक काल, 14:51–16:25, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:19–17:09, अशुभ
- राहु काल, 16:25–17:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:58–04:44 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में अमावस्या रवि 27 अप्रैल को क्यों है?
अमावस्या रवि 27 अप्रैल को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 27 अप्रैल को 07:20 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और सोम 28 अप्रैल को 03:31 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: रवि 27 अप्रैल। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 27 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.9° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:30। त्रयोदशी उससे पहले 10:58 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 13 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 07:20 को शुरू हुई और 03:31 सोम को समाप्त, 05:30 और 05:30 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को चतुर्दशी है और सोमवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Codcod में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:44, चतुर्दशी की समाप्ति 04:50 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:30, चतुर्दशी की समाप्ति 07:20 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 03:31 सोम को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।
रवि 27 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:58–04:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:58–04:44।
शनि 26 अप्रैल की रात सूर्यास्त 17:58 शनि से सूर्योदय 05:30 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 27 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:19–12:09
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:19–12:09।
रवि 27 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:19–17:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:19–17:09।
यहाँ दिन, 05:30 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:19–17:09।
रवि 27 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:30–07:04 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:30 से 17:58, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:58 से 05:30 सोम, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 27 अप्रैल को राहुकाल कब है? 16:25–17:58
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:25–17:58।
रवि 27 अप्रैल को यमगंड कब है? 11:44–13:18
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:44–13:18।
रवि 27 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 14:51–16:25
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:51–16:25।
यहाँ दिन 05:30 से 17:58 तक है, 12 घं 28 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 27 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 28 मि का दिन।
रवि 27 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 17:58, 12 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 359.6° पर था: रेवती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:08 को निकलेगा, अश्विनी में।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 372.3° थे, एक चक्कर और 12.3°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 12.7° + 359.6° = 372.3°, एक पूरा चक्कर और 12.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 07:05 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 21:11 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:20 तक है।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:30, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:30 से 05:30 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 29 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 28 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
रवि 27 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 18:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 27.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 27 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:27
चंद्रमा यहाँ 17:27 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:27 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।