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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 4 जनवरी 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:26 06:06 17:38अगला सूर्योदय 06:06 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:06–07:32कालअशुभ
  • 07:32–08:59शुभ
  • 08:59–10:25रोगअशुभ
  • 10:25–11:52उद्वेगअशुभ
  • 11:52–13:18चरसामान्य
  • 13:18–14:45लाभयमगण्ड में
  • 14:45–16:11अमृतशुभ
  • 16:11–17:38कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:38–19:11लाभशुभ
  • 19:11–20:45उद्वेगअशुभ
  • 20:45–22:18शुभ
  • 22:18–23:52अमृतशुभ
  • 23:52–01:25 रविचरसामान्य
  • 01:25–02:59 रविरोगअशुभ
  • 02:59–04:32 रविकालअशुभ
  • 04:32–06:06 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 4 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:16, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:06–07:32
  • शुभ, 07:32–08:59
  • रोग, अशुभ, 08:59–10:25
  • उद्वेग, अशुभ, 10:25–11:52
  • चर, सामान्य, 11:52–13:18
  • लाभ, शुभ, 13:18–14:45
  • अमृत, शुभ, 14:45–16:11
  • काल, अशुभ, 16:11–17:38
  • लाभ, शुभ, 17:38–19:11
  • उद्वेग, अशुभ, 19:11–20:45
  • शुभ, 20:45–22:18
  • अमृत, शुभ, 22:18–23:52
  • चर, सामान्य, 23:52–01:25 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:25–02:59 रवि
  • काल, अशुभ, 02:59–04:32 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:32–06:06 रवि
  • गुलिक काल, 06:06–07:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:06–06:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:52–07:38, अशुभ
  • राहु काल, 08:59–10:25, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:29–12:15, शुभ
  • यमगण्ड, 13:18–14:45, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:16 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 4 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 50.1° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 50.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 50.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। चतुर्थी उससे पहले 02:10 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 00:31 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 31 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 4 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:16

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:16।

सूर्यास्त 17:37 शुक्र सूर्योदय 06:06 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 3 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:37 शुक्र सूर्योदय 06:06 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 3 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 3 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:37 शुक्र से सूर्योदय 06:06 तक थी, 12 घं 29 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 4 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:29–12:15

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:29–12:15।

शनि 4 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:06–06:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:06–06:52 और 06:52–07:38।

शनि 4 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:52–07:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:06–06:52 और 06:52–07:38।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:06 से 17:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:06–06:52 और 06:52–07:38।

शनि 4 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:06–07:32 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:06 से 17:38, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:38 से 06:06 रवि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 4 जनवरी को राहुकाल कब है? 08:59–10:25

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:59–10:25।

शनि 4 जनवरी को यमगंड कब है? 13:18–14:45

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:18–14:45।

शनि 4 जनवरी को गुलिक काल कब है? 06:06–07:32

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:06–07:32।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:06 से 17:38 तक है, 11 घं 32 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 4 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 17:38, 11 घं 32 मि का दिन।

शनि 4 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 17:38, 11 घं 32 मि का दिन।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:42 चंद्रोदय 09:34
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:42 चंद्रोदय 09:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 4 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 309.7° पर था: शतभिषा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 309.7° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 309.7° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 306°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:53 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

शनि 4 जनवरी को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 569.3° थे, एक चक्कर और 209.3°: सिद्धि।

सूर्य 259.6° + चंद्रमा 309.7° = 569.3° एक चक्कर + 209.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 259.6° + चंद्रमा 309.7° = 569.3° एक चक्कर + 209.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 259.6° + 309.7° = 569.3°, एक पूरा चक्कर और 209.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 12:38 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

शनि 4 जनवरी को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 50.1° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 50.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बव 48°–54° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 50.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बव 48°–54° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 13:21 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 00:31 रवि तक।

शनि 4 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:06 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 4 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 31 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

शनि 4 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शनि 4 जनवरी पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 31 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰ अमावस्या 29 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शनि 4 जनवरी पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 31 दिस॰ पूर्णिमा 14 जन॰ अमावस्या 29 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

शनि 4 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 9 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 02:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 4 जनवरी सूर्य 259.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2024 02:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 4 जनवरी सूर्य 259.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2024, 02:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 264.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 4 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:34

चंद्रमा यहाँ 09:34 पर उदय होता है।

शनि 4 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:42

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:42 चंद्रोदय 09:34
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:42 चंद्रोदय 09:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:34 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:42 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:34 पर उदय हुआ; वह फिर 21:42 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।