Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 7 मार्च 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 06:44 तक
फिर द्वादशी · 03:50 शुक्र तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं कारण जानेंव्रत
विजया एकादशी
विजया एकादशी गुरु 7 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 7 मार्च क्यों?
विजया एकादशी: Codcod में हर तारीख़7 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 मार्च
- 04:22–05:10ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 05:58–07:28शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
10:46–11:06अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तराषाढा में
- 11:34–12:22अभिजीत मुहूर्त
- 11:58–13:28लाभ चौघड़िया
- 13:28–14:58अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:27–17:57शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 17:57–19:27अमृत चौघड़िया
- 23:57–01:28 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:58–04:28 शुक्रशुभ चौघड़िया
-
03:48–05:15 शुक्रअमृत कालश्रवण में
- 04:28–05:58 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:22–05:10 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:28शुभयमगण्ड में
- 07:28–08:58रोगअशुभ
- 08:58–10:28उद्वेगअशुभ
- 10:28–11:58चरसामान्य
- 11:58–13:28लाभशुभ
- 13:28–14:58अमृतराहु काल में
- 14:58–16:27कालअशुभ
- 16:27–17:57शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:27अमृतशुभ
- 19:27–20:57चरसामान्य
- 20:57–22:27रोगअशुभ
- 22:27–23:57कालअशुभ
- 23:57–01:28 शुक्रलाभशुभ
- 01:28–02:58 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:58–04:28 शुक्रशुभ
- 04:28–05:58 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:10, शुभ
- शुभ, 05:58–07:28
- रोग, अशुभ, 07:28–08:58
- उद्वेग, अशुभ, 08:58–10:28
- चर, सामान्य, 10:28–11:58
- लाभ, शुभ, 11:58–13:28
- अमृत, शुभ, 13:28–14:58
- काल, अशुभ, 14:58–16:27
- शुभ, 16:27–17:57
- अमृत, शुभ, 17:57–19:27
- चर, सामान्य, 19:27–20:57
- रोग, अशुभ, 20:57–22:27
- काल, अशुभ, 22:27–23:57
- लाभ, शुभ, 23:57–01:28 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:28–02:58 शुक्र
- शुभ, 02:58–04:28 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:28–05:58 शुक्र
- यमगण्ड, 05:58–07:28, अशुभ
- गुलिक काल, 08:58–10:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:58–10:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:34–12:22, शुभ
- राहु काल, 13:28–14:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:46–15:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:10 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में विजया एकादशी गुरु 7 मार्च को क्यों है?
विजया एकादशी गुरु 7 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 7 मार्च को सूर्योदय पर है, 05:58: गुरु 7 मार्च। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:01 बुध पर, उससे (04:22–05:58) पहले, समाप्त हुई।
गुरु 7 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। दशमी उससे पहले 09:01 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 06:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 24 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वादशी क्षय क्यों है?
द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 06:44 को शुरू हुई और 03:50 शुक्र को समाप्त, 05:58 और 05:58 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को एकादशी है और शुक्रवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Codcod में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:39, एकादशी की समाप्ति 04:14 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:58, एकादशी की समाप्ति 06:44 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है। द्वादशी अगले सूर्योदय से पहले, 03:50 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता: वह क्षय है।
गुरु 7 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:22–05:10
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:22–05:10।
बुध 6 मार्च की रात सूर्यास्त 17:57 बुध से सूर्योदय 05:58 तक थी, 12 घं 1 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 7 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:34–12:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:34–12:22।
गुरु 7 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 09:58–10:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:58–10:46 और 14:46–15:33।
गुरु 7 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:46–15:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:58–10:46 और 14:46–15:33।
यहाँ दिन, 05:58 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:58–10:46 और 14:46–15:33।
गुरु 7 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:28 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 17:57, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 05:58 शुक्र, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 7 मार्च को राहुकाल कब है? 13:28–14:58
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:28–14:58।
गुरु 7 मार्च को यमगंड कब है? 05:58–07:28
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:58–07:28।
गुरु 7 मार्च को गुलिक काल कब है? 08:58–10:28
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:58–10:28।
यहाँ दिन 05:58 से 17:57 तक है, 11 घं 59 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 7 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 59 मि का दिन।
गुरु 7 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 7 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 274.2° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:33 को निकलेगा, श्रवण में।
गुरु 7 मार्च को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 596.8° थे, एक चक्कर और 236.8°: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 322.6° + 274.2° = 596.8°, एक पूरा चक्कर और 236.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 10:53 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
गुरु 7 मार्च को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.6° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 19:57 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:44 तक है।
गुरु 7 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 7 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 10 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 10 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
गुरु 7 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
गुरु 7 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 22 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2023, 01:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 346° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 7 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:03 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 04:03 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 7 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:55
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:55 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:03 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:55 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:03 शुक्र पर उदय होगा।