Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग बुध 13 सितंबर 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 13 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। बुध 13 सितंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Codcod में हर तारीख़13 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 सितंबर
- 04:02–04:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:37 से
- 05:37–07:08लाभ चौघड़िया
- 07:08–08:40अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:11–11:43शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:17–17:49लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:49 के बाद
- 19:17–20:46शुभ चौघड़िया
- 20:46–22:14अमृत चौघड़िया
-
01:49–03:37 गुरुअमृत कालमघा में
- 02:40–04:08 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:02–04:49 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:37–07:08लाभशुभ
- 07:08–08:40अमृतयमगण्ड में
- 08:40–10:11कालअशुभ
- 10:11–11:43शुभगुलिक काल में
- 11:43–13:14रोगअशुभ
- 13:14–14:46उद्वेगअशुभ
- 14:46–16:17चरसामान्य
- 16:17–17:49लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:49–19:17उद्वेगअशुभ
- 19:17–20:46शुभ
- 20:46–22:14अमृतशुभ
- 22:14–23:43चरसामान्य
- 23:43–01:11 गुरुरोगअशुभ
- 01:11–02:40 गुरुकालअशुभ
- 02:40–04:08 गुरुलाभशुभ
- 04:08–05:36 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:49, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:37–07:08
- अमृत, शुभ, 07:08–08:40
- काल, अशुभ, 08:40–10:11
- शुभ, 10:11–11:43
- रोग, अशुभ, 11:43–13:14
- उद्वेग, अशुभ, 13:14–14:46
- चर, सामान्य, 14:46–16:17
- लाभ, शुभ, 16:17–17:49
- उद्वेग, अशुभ, 17:49–19:17
- शुभ, 19:17–20:46
- अमृत, शुभ, 20:46–22:14
- चर, सामान्य, 22:14–23:43
- रोग, अशुभ, 23:43–01:11 गुरु
- काल, अशुभ, 01:11–02:40 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:40–04:08 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:08–05:36 गुरु
- यमगण्ड, 07:08–08:40, अशुभ
- गुलिक काल, 10:11–11:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:18–12:07, अशुभ
- राहु काल, 11:43–13:14, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:49 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में मासिक शिवरात्रि बुध 13 सितंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 13 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 13 सितंबर को 04:51 से गुरु 14 सितंबर को 07:19 तक है, इसलिए केवल बुधवार की रात का निशीथ काल (23:19–00:06 गुरु) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 13 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 336.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:37। त्रयोदशी उससे पहले 04:51 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:19 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्दशी यहाँ बुध 13 और गुरु 14 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 04:51 को, सूर्योदय 05:37 से पहले, शुरू हुई और 07:19 गुरु को, अगले सूर्योदय 05:36 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्दशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
बुध 13 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:02–04:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:02–04:49।
मंगल 12 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:50 मंगल से सूर्योदय 05:37 तक थी, 11 घं 47 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 13 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:18–12:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:18–12:07।
यहाँ दिन, 05:37 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:18–12:07: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 13 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:37–07:08 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:37 से 17:49, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:49 से 05:36 गुरु, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 13 सितंबर को राहुकाल कब है? 11:43–13:14
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:43–13:14।
बुध 13 सितंबर को यमगंड कब है? 07:08–08:40
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:08–08:40।
बुध 13 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:11–11:43
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:11–11:43।
यहाँ दिन 05:37 से 17:49 तक है, 12 घं 12 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 13 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 17:49, 12 घं 12 मि का दिन।
बुध 13 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 17:49, 12 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 13 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 122° पर था: मघा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 120° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:31 गुरु को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
बुध 13 सितंबर को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 267.7° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 145.7° + 122° = 267.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 04:37 गुरु को समाप्त होता है, फिर साध्य।
बुध 13 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 336.3° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:06 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 07:19 गुरु तक।
बुध 13 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:37, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:37 से 05:36 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 13 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 16 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 15 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 13 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
बुध 13 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 22 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2023, 01:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 169.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 13 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:51 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:51 गुरु पर उदय होता है।
बुध 13 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:50
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:51 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:51 गुरु पर उदय होगा।