Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग रवि 26 फ़रवरी 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
26 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 26 फ़रवरी
- 04:26–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:03 से
- 09:01–10:31लाभ चौघड़िया
- 10:31–12:00अमृत चौघड़िया
- 11:36–12:00अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:29–14:58शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 17:57–19:27शुभ चौघड़िया
- 19:27–20:58अमृत चौघड़िया
- 01:30–03:01 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:32–06:02 सोमशुभ चौघड़िया
-
05:16–06:58 सोमअमृत कालकृत्तिका में
- 04:26–05:14 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:03–07:32उद्वेगअशुभ
- 07:32–09:01चरसामान्य
- 09:01–10:31लाभशुभ
- 10:31–12:00अमृतशुभ
- 12:00–13:29कालअशुभ
- 13:29–14:58शुभ
- 14:58–16:27रोगअशुभ
- 16:27–17:57उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:27शुभ
- 19:27–20:58अमृतशुभ
- 20:58–22:29चरसामान्य
- 22:29–23:59रोगअशुभ
- 23:59–01:30 सोमकालअशुभ
- 01:30–03:01 सोमलाभशुभ
- 03:01–04:32 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:32–06:02 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 26 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:14, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:03–07:32
- चर, सामान्य, 07:32–09:01
- लाभ, शुभ, 09:01–10:31
- अमृत, शुभ, 10:31–12:00
- काल, अशुभ, 12:00–13:29
- शुभ, 13:29–14:58
- रोग, अशुभ, 14:58–16:27
- उद्वेग, अशुभ, 16:27–17:57
- शुभ, 17:57–19:27
- अमृत, शुभ, 19:27–20:58
- चर, सामान्य, 20:58–22:29
- रोग, अशुभ, 22:29–23:59
- काल, अशुभ, 23:59–01:30 सोम
- लाभ, शुभ, 01:30–03:01 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:01–04:32 सोम
- शुभ, 04:32–06:02 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:24, शुभ
- यमगण्ड, 12:00–13:29, अशुभ
- गुलिक काल, 14:58–16:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:21–17:09, अशुभ
- राहु काल, 16:27–17:57, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:14 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 26 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 73.6° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:03। षष्ठी उससे पहले 02:50 पर समाप्त हुई। सप्तमी 03:29 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 20 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 26 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:14।
शनि 25 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:56 शनि से सूर्योदय 06:03 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 26 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:24।
रवि 26 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:21–17:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:21–17:09।
यहाँ दिन, 06:03 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:21–17:09।
रवि 26 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:03–07:32 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:03 से 17:57, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:02 सोम, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 26 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 16:27–17:57
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:27–17:57।
रवि 26 फ़रवरी को यमगंड कब है? 12:00–13:29
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:00–13:29।
रवि 26 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 14:58–16:27
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:27।
यहाँ दिन 06:03 से 17:57 तक है, 11 घं 54 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 26 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 54 मि का दिन।
रवि 26 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 54 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 26.4° पर था: भरणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:28 को निकलेगा, कृत्तिका में।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 339.3° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 312.9° + 26.4° = 339.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 18:56 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 73.6° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 15:03 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 03:29 सोम तक।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:03, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:03 से 06:02 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 20 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 22 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
रवि 26 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 14:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 325.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 26 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:30
चंद्रमा यहाँ 10:30 पर उदय होता है।
रवि 26 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:27
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:30 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:27 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:30 पर उदय हुआ; वह फिर 23:27 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।