Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 11 अगस्त 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
त्योहार
रक्षा बंधन
रक्षा बंधन गुरु 11 अगस्त को है, भद्रा समाप्त होने (23:21) के बाद। गुरु 11 अगस्त क्यों?
रक्षा बंधन: Codcod में हर तारीख़11 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 11 अगस्त
- 04:05–04:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:37 से
- 05:37–07:11शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:27–12:17अभिजीत मुहूर्त
- 11:52–13:26लाभ चौघड़िया
- 13:26–14:59अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:33–18:07शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:07 के बाद
- 18:07–19:33अमृत चौघड़िया
-
21:25–22:50अमृत कालश्रवण में
- 23:52–01:18 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:44–04:11 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:11–05:37 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:05–04:51 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:37–07:11शुभयमगण्ड में
- 07:11–08:44रोगअशुभ
- 08:44–10:18उद्वेगअशुभ
- 10:18–11:52चरसामान्य
- 11:52–13:26लाभशुभ
- 13:26–14:59अमृतराहु काल में
- 14:59–16:33कालअशुभ
- 16:33–18:07शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:07–19:33अमृतशुभ
- 19:33–21:00चरसामान्य
- 21:00–22:26रोगअशुभ
- 22:26–23:52कालअशुभ
- 23:52–01:18 शुक्रलाभशुभ
- 01:18–02:44 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:44–04:11 शुक्रशुभ
- 04:11–05:37 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 11 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:51, शुभ
- शुभ, 05:37–07:11
- रोग, अशुभ, 07:11–08:44
- उद्वेग, अशुभ, 08:44–10:18
- चर, सामान्य, 10:18–11:52
- लाभ, शुभ, 11:52–13:26
- अमृत, शुभ, 13:26–14:59
- काल, अशुभ, 14:59–16:33
- शुभ, 16:33–18:07
- अमृत, शुभ, 18:07–19:33
- चर, सामान्य, 19:33–21:00
- रोग, अशुभ, 21:00–22:26
- काल, अशुभ, 22:26–23:52
- लाभ, शुभ, 23:52–01:18 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:18–02:44 शुक्र
- शुभ, 02:44–04:11 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:11–05:37 शुक्र
- यमगण्ड, 05:37–07:11, अशुभ
- गुलिक काल, 08:44–10:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:47–10:37, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:17, शुभ
- राहु काल, 13:26–14:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:47–15:37, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:51 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में रक्षा बंधन गुरु 11 अगस्त को क्यों है?
रक्षा बंधन गुरु 11 अगस्त को है, भद्रा समाप्त होने (23:21) के बाद।
राखी अपराह्न में, भद्रा के बाहर, बाँधी जाती है: दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। पूर्णिमा गुरु 11 अगस्त को 13:09 से शुक्र 12 अगस्त को 09:35 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के अपराह्न (13:07–15:37) को छूती है। भद्रा 23:21 तक है, और धर्मसिंधु विधि भद्रा में नहीं करवाता: यह 23:21 से होती है।
रक्षा बंधन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 23:21 पर।
गुरु 11 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 163.6° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:37। त्रयोदशी उससे पहले 16:46 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 13:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 29 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 11 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:51।
बुध 10 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:07 बुध से सूर्योदय 05:37 तक थी, 11 घं 30 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 11 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:17।
गुरु 11 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:47–10:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:47–10:37 और 14:47–15:37।
गुरु 11 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 14:47–15:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:47–10:37 और 14:47–15:37।
यहाँ दिन, 05:37 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:47–10:37 और 14:47–15:37।
गुरु 11 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:37–07:11 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:37 से 18:07, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:07 से 05:37 शुक्र, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 11 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:26–14:59
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:26–14:59।
गुरु 11 अगस्त को यमगंड कब है? 05:37–07:11
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:37–07:11।
गुरु 11 अगस्त को गुलिक काल कब है? 08:44–10:18
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:44–10:18।
यहाँ दिन 05:37 से 18:07 तक है, 12 घं 30 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 11 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 30 मि का दिन।
गुरु 11 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 277.6° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:22 को निकलेगा, श्रवण में।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 391.7° थे, एक चक्कर और 31.7°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 114.1° + 277.6° = 391.7°, एक पूरा चक्कर और 31.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 18:01 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 163.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 02:57 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 13:09 तक है।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:37, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:37 से 05:37 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 29 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
गुरु 11 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 14:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 126.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 11 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:39
चंद्रमा यहाँ 17:39 पर उदय होता है।
गुरु 11 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:32 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:39 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:32 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:39 पर उदय हुआ; वह फिर 05:32 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।