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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 4 अगस्त 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

षष्ठी

शुक्ल पक्ष · 08:11 तक

फिर सप्तमी · 07:36 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:05 05:36 18:10अगला सूर्योदय 05:36 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:36–07:10शुभयमगण्ड में
  • 07:10–08:44रोगअशुभ
  • 08:44–10:19उद्वेगअशुभ
  • 10:19–11:53चरसामान्य
  • 11:53–13:27लाभशुभ
  • 13:27–15:01अमृतराहु काल में
  • 15:01–16:35कालअशुभ
  • 16:35–18:10शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:10–19:35अमृतशुभ
  • 19:35–21:01चरसामान्य
  • 21:01–22:27रोगअशुभ
  • 22:27–23:53कालअशुभ
  • 23:53–01:19 शुक्रलाभशुभ
  • 01:19–02:45 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:45–04:10 शुक्रशुभ
  • 04:10–05:36 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 4 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:50, शुभ
  • शुभ, 05:36–07:10
  • रोग, अशुभ, 07:10–08:44
  • उद्वेग, अशुभ, 08:44–10:19
  • चर, सामान्य, 10:19–11:53
  • लाभ, शुभ, 11:53–13:27
  • अमृत, शुभ, 13:27–15:01
  • काल, अशुभ, 15:01–16:35
  • शुभ, 16:35–18:10
  • अमृत, शुभ, 18:10–19:35
  • चर, सामान्य, 19:35–21:01
  • रोग, अशुभ, 21:01–22:27
  • काल, अशुभ, 22:27–23:53
  • लाभ, शुभ, 23:53–01:19 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:19–02:45 शुक्र
  • शुभ, 02:45–04:10 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:10–05:36 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:36–07:10, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:44–10:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:47–10:37, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:18, शुभ
  • राहु काल, 13:27–15:01, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:49–15:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:50 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 4 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 70.7° आगे था: शुक्ल षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 70.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 70.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:36। पञ्चमी उससे पहले 08:12 बुध पर समाप्त हुई। षष्ठी 08:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 29 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?

नई दिल्ली में सप्तमी है, Codcod में षष्ठी।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी गुरु 4 अगस्त सुबह शुक्र 5 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 05:41 08:11 05:06 07:36 05:44 सप्तमी 05:44 अष्टमी 05:36 षष्ठी 05:36 सप्तमी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी गुरु 4 अगस्त सुबह शुक्र 5 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 05:41 08:11 05:06 07:36 05:44 सप्तमी 05:44 अष्टमी 05:36 षष्ठी 05:36 सप्तमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:44, षष्ठी की समाप्ति 05:41 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:36, षष्ठी की समाप्ति 08:11 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।

गुरु 4 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:50

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:50।

सूर्यास्त 18:10 बुध सूर्योदय 05:36 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 3 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:10 बुध सूर्योदय 05:36 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 3 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 3 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:10 बुध से सूर्योदय 05:36 तक थी, 11 घं 26 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 4 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:18

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:18।

गुरु 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:47–10:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:47–10:37 और 14:49–15:39।

गुरु 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:47–10:37 और 14:49–15:39।

सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:36 से 18:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:47–10:37 और 14:49–15:39।

गुरु 4 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:36–07:10 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:36 से 18:10, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:10 से 05:36 शुक्र, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 4 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:27–15:01

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:27–15:01।

गुरु 4 अगस्त को यमगंड कब है? 05:36–07:10

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:36–07:10।

गुरु 4 अगस्त को गुलिक काल कब है? 08:44–10:19

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:44–10:19।

सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:36 से 18:10 तक है, 12 घं 34 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 4 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 18:10, 12 घं 34 मि का दिन।

गुरु 4 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 18:10, 12 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:46 चंद्रोदय 10:38
सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:46 चंद्रोदय 10:38
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 178.1° पर था: चित्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 178.1° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 178.1° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:17 को निकलेगा, स्वाती में।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 285.5° थे: साध्य।

सूर्य 107.4° + चंद्रमा 178.1° = 285.5° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 107.4° + चंद्रमा 178.1° = 285.5° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 107.4° + 178.1° = 285.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 19:03 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 70.7° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 70.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° तैतिल 66°–72° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 70.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° तैतिल 66°–72° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 20:15 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 66° हुई; तैतिल 08:11 तक है।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:36, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:36 से 05:36 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 29 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 4 अगस्त पूर्णिमा 14 जुल॰ अमावस्या 29 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰ अमावस्या 27 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 4 अगस्त पूर्णिमा 14 जुल॰ अमावस्या 29 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰ अमावस्या 27 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

गुरु 4 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 14:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 4 अगस्त सूर्य 107.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 14:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 4 अगस्त सूर्य 107.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 14:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 120.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 4 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:38

चंद्रमा यहाँ 10:38 पर उदय होता है।

गुरु 4 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:46

सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:46 चंद्रोदय 10:38
सूर्योदय 05:36 सूर्यास्त 18:10 सूर्योदय 05:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:46 चंद्रोदय 10:38
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:38 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:46 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:38 पर उदय हुआ; वह फिर 22:46 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।