Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 18 जनवरी 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
शुक्ल पक्ष · 07:48 तक
फिर प्रतिपदा · 09:24 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें पूर्णिमा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें18 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 18 जनवरी
- 04:30–05:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:09 से
- 10:30–11:57लाभ चौघड़िया
- 11:34–11:57अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:57–13:24अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:51–16:18शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:45 के बाद
- 19:18–20:51लाभ चौघड़िया
- 22:24–22:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:32–23:57शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:57–01:30 बुधअमृत चौघड़िया
-
02:15–03:59 बुधअमृत कालपुष्य में
- 04:30–05:20 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:09–07:36रोगअशुभ
- 07:36–09:03उद्वेगअशुभ
- 09:03–10:30चरसामान्य
- 10:30–11:57लाभशुभ
- 11:57–13:24अमृतगुलिक काल में
- 13:24–14:51कालअशुभ
- 14:51–16:18शुभराहु काल में
- 16:18–17:45रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:45–19:18कालअशुभ
- 19:18–20:51लाभशुभ
- 20:51–22:24उद्वेगअशुभ
- 22:24–23:57शुभ
- 23:57–01:30 बुधअमृतशुभ
- 01:30–03:03 बुधचरसामान्य
- 03:03–04:36 बुधरोगअशुभ
- 04:36–06:09 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 18 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:20, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:09–07:36
- उद्वेग, अशुभ, 07:36–09:03
- चर, सामान्य, 09:03–10:30
- लाभ, शुभ, 10:30–11:57
- अमृत, शुभ, 11:57–13:24
- काल, अशुभ, 13:24–14:51
- शुभ, 14:51–16:18
- रोग, अशुभ, 16:18–17:45
- काल, अशुभ, 17:45–19:18
- लाभ, शुभ, 19:18–20:51
- उद्वेग, अशुभ, 20:51–22:24
- शुभ, 22:24–23:57
- अमृत, शुभ, 23:57–01:30 बुध
- चर, सामान्य, 01:30–03:03 बुध
- रोग, अशुभ, 03:03–04:36 बुध
- काल, अशुभ, 04:36–06:09 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:28–09:15, अशुभ
- यमगण्ड, 09:03–10:30, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:34–12:20, शुभ
- गुलिक काल, 11:57–13:24, अशुभ
- राहु काल, 14:51–16:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:43–23:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:20 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 18 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.2° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। चतुर्दशी उससे पहले 05:48 सोम पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 07:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 3 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
पूर्णिमा यहाँ सोम 17 और मंगल 18 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 05:48 सोम को, सूर्योदय 06:09 सोम से पहले, शुरू हुई और 07:48 को, अगले सूर्योदय 06:09 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Codcod में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:14, पूर्णिमा की समाप्ति 05:18 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 06:09, पूर्णिमा की समाप्ति 07:48 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
मंगल 18 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:20।
सोम 17 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:44 सोम से सूर्योदय 06:09 तक थी, 12 घं 25 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 18 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:34–12:20
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:34–12:20।
मंगल 18 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:28–09:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:28–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:43–23:32।
मंगल 18 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 22:43–23:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:28–09:15, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:43–23:32।
यहाँ दिन, 06:09 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:28–09:15 और 22:43–23:32।
मंगल 18 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:09–07:36 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:09 से 17:45, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:45 से 06:09 बुध, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 18 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:51–16:18
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:51–16:18।
मंगल 18 जनवरी को यमगंड कब है? 09:03–10:30
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:03–10:30।
मंगल 18 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:57–13:24
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:24।
यहाँ दिन 06:09 से 17:45 तक है, 11 घं 36 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 18 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 36 मि का दिन।
मंगल 18 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 92.8° पर था: पुनर्वसु, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:07 को निकलेगा, पुष्य में।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 366.4° थे, एक चक्कर और 6.4°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 273.6° + 92.8° = 366.4°, एक पूरा चक्कर और 6.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 18:37 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.2° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 18:51 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 07:48 तक है।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:09 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 3 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 1 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
मंगल 18 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943
विक्रम संवत 2078 12 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2021, 10:30 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 275.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 18 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:03
चंद्रमा यहाँ 18:03 पर उदय होता है।
मंगल 18 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:17
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:17 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:03 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:17 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:03 पर उदय होगा।