tithika
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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 4 नवंबर 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

त्योहार

दीवाली · लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:04⁠–⁠19:49
प्रदोष काल 17:22⁠–⁠19:49

दीवाली · लक्ष्मी पूजा गुरु 4 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। गुरु 4 नवंबर क्यों?

दीवाली: Codcod में हर तारीख़

त्योहार

नरक चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान मुहूर्त
04:02⁠–⁠05:38
अरुणोदय 04:02⁠–⁠05:38

नरक चतुर्दशी गुरु 4 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 4 नवंबर क्यों?

नरक चतुर्दशी: Codcod में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या गुरु 4 नवंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। गुरु 4 नवंबर क्यों?

अमावस्या: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:00 05:38 17:22अगला सूर्योदय 05:39 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:38–07:06शुभयमगण्ड में
  • 07:06–08:34रोगअशुभ
  • 08:34–10:02उद्वेगअशुभ
  • 10:02–11:30चरसामान्य
  • 11:30–12:58लाभशुभ
  • 12:58–14:26अमृतराहु काल में
  • 14:26–15:54कालअशुभ
  • 15:54–17:22शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:22–18:54अमृतशुभ
  • 18:54–20:26चरसामान्य
  • 20:26–21:58रोगअशुभ
  • 21:58–23:30कालअशुभ
  • 23:30–01:02 शुक्रलाभशुभ
  • 01:02–02:34 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:34–04:07 शुक्रशुभ
  • 04:07–05:39 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:49, शुभ
  • शुभ, 05:38–07:06
  • रोग, अशुभ, 07:06–08:34
  • उद्वेग, अशुभ, 08:34–10:02
  • चर, सामान्य, 10:02–11:30
  • लाभ, शुभ, 11:30–12:58
  • अमृत, शुभ, 12:58–14:26
  • काल, अशुभ, 14:26–15:54
  • शुभ, 15:54–17:22
  • अमृत, शुभ, 17:22–18:54
  • चर, सामान्य, 18:54–20:26
  • रोग, अशुभ, 20:26–21:58
  • काल, अशुभ, 21:58–23:30
  • लाभ, शुभ, 23:30–01:02 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:02–02:34 शुक्र
  • शुभ, 02:34–04:07 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:07–05:39 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:38–07:06, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:34–10:02, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:33–10:20, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:07–11:54, शुभ
  • राहु काल, 12:58–14:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:14–15:01, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:50 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में दीवाली गुरु 4 नवंबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा गुरु 4 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।

अमावस्या 16:00 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 गुरु 4 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:22–19:49
अमावस्या 16:00 18:00 20:00 गुरु 4 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:22–19:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या गुरु 4 नवंबर को 08:33 से शुक्र 5 नवंबर को 05:14 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (17:22–19:49) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:22–19:49। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:04 से 19:49 तक उदित रहता है।

दीवाली: Codcod में हर तारीख़

Codcod में नरक चतुर्दशी गुरु 4 नवंबर को क्यों है?

नरक चतुर्दशी गुरु 4 नवंबर को है: उस सुबह पूरे अरुणोदय में चतुर्दशी है, और किसी सुबह नहीं।

त्रयोदशी 05:38 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 3 नवंबर अरुणोदय 04:02–05:38
त्रयोदशी 05:38 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 3 नवंबर अरुणोदय 04:02–05:38
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी बुध 3 नवंबर को 11:32 से गुरु 4 नवंबर को 08:33 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का अरुणोदय (04:02–05:38) उसके भीतर है। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।

नरक चतुर्दशी: Codcod में हर तारीख़

Codcod में अमावस्या गुरु 4 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या गुरु 4 नवंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 4 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:38
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 4 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:38
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 4 नवंबर को 08:33 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शुक्र 5 नवंबर को 05:14 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 4 नवंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Codcod में हर तारीख़

गुरु 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 346.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 346.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:38। त्रयोदशी उससे पहले 11:32 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 08:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 20 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या क्षय क्यों है?

अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा गुरु 4 नवंबर सुबह शुक्र 5 नवंबर सुबह Codcod UTC+8 08:33 05:14 05:38 चतुर्दशी 05:39 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा गुरु 4 नवंबर सुबह शुक्र 5 नवंबर सुबह Codcod UTC+8 08:33 05:14 05:38 चतुर्दशी 05:39 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 08:33 को शुरू हुई और 05:14 शुक्र को समाप्त, 05:38 और 05:39 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को चतुर्दशी है और शुक्रवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Codcod में चतुर्दशी।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा गुरु 4 नवंबर सुबह शुक्र 5 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 06:03 08:33 02:44 05:14 06:35 अमावस्या 06:36 प्रतिपदा 05:38 चतुर्दशी 05:39 प्रतिपदा
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा गुरु 4 नवंबर सुबह शुक्र 5 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 06:03 08:33 02:44 05:14 06:35 अमावस्या 06:36 प्रतिपदा 05:38 चतुर्दशी 05:39 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:35, चतुर्दशी की समाप्ति 06:03 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:38, चतुर्दशी की समाप्ति 08:33 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 05:14 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।

गुरु 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:49

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:49।

सूर्यास्त 17:22 बुध सूर्योदय 05:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 3 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:22 बुध सूर्योदय 05:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 3 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:22 बुध से सूर्योदय 05:38 तक थी, 12 घं 16 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:07–11:54

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:07–11:54।

गुरु 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:33–10:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:33–10:20 और 14:14–15:01।

गुरु 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:14–15:01

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:33–10:20 और 14:14–15:01।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:38 से 17:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:33–10:20 और 14:14–15:01।

गुरु 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:38–07:06 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:38 से 17:22, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:22 से 05:39 शुक्र, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:58–14:26

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:58–14:26।

गुरु 4 नवंबर को यमगंड कब है? 05:38–07:06

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:38–07:06।

गुरु 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:34–10:02

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:02।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:38 से 17:22 तक है, 11 घं 44 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:22, 11 घं 44 मि का दिन।

गुरु 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:22, 11 घं 44 मि का दिन।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:57
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:57
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 183.9° पर था: चित्रा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.9° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 183.9° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:12 को निकलेगा, स्वाती में।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.4° थे, एक चक्कर और 21.4°: प्रीति।

सूर्य 197.5° + चंद्रमा 183.9° = 381.4° एक चक्कर + 21.4° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 197.5° + चंद्रमा 183.9° = 381.4° एक चक्कर + 21.4° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197.5° + 183.9° = 381.4°, एक पूरा चक्कर और 21.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 13:39 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 346.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 346.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 346.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 22:06 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 08:33 तक है।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:38, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:38 से 05:39 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 6 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 5 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 4 नवंबर अमावस्या 6 अक्टू॰ पूर्णिमा 20 अक्टू॰ अमावस्या 5 नव॰ पूर्णिमा 19 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 4 नवंबर अमावस्या 6 अक्टू॰ पूर्णिमा 20 अक्टू॰ अमावस्या 5 नव॰ पूर्णिमा 19 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

गुरु 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943

विक्रम संवत 2078 12 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 2021 10:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 4 नवंबर सूर्य 197.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 2021 10:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 4 नवंबर सूर्य 197.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2021, 10:30 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 199.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:57

चंद्रमा यहाँ 16:57 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:57
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:22 सूर्योदय 05:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:57
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 16:57 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।