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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग गुरु 26 नवंबर 2020

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

व्रत

देवउठनी एकादशी

पारण समय
05:47⁠–⁠10:16 शुक्र
शुक्र 27 नवंबर
व्रत आरंभ
05:47

देवउठनी एकादशी गुरु 26 नवंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। गुरु 26 नवंबर क्यों?

देवउठनी एकादशी: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:07 05:47 17:21अगला सूर्योदय 05:47 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:47–07:13शुभयमगण्ड में
  • 07:13–08:40रोगअशुभ
  • 08:40–10:07उद्वेगअशुभ
  • 10:07–11:34चरसामान्य
  • 11:34–13:01लाभशुभ
  • 13:01–14:28अमृतराहु काल में
  • 14:28–15:55कालअशुभ
  • 15:55–17:21शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:21–18:55अमृतशुभ
  • 18:55–20:28चरसामान्य
  • 20:28–22:01रोगअशुभ
  • 22:01–23:34कालअशुभ
  • 23:34–01:07 शुक्रलाभशुभ
  • 01:07–02:41 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:41–04:14 शुक्रशुभ
  • 04:14–05:47 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 26 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:57, शुभ
  • शुभ, 05:47–07:13
  • रोग, अशुभ, 07:13–08:40
  • उद्वेग, अशुभ, 08:40–10:07
  • चर, सामान्य, 10:07–11:34
  • लाभ, शुभ, 11:34–13:01
  • अमृत, शुभ, 13:01–14:28
  • काल, अशुभ, 14:28–15:55
  • शुभ, 15:55–17:21
  • अमृत, शुभ, 17:21–18:55
  • चर, सामान्य, 18:55–20:28
  • रोग, अशुभ, 20:28–22:01
  • काल, अशुभ, 22:01–23:34
  • लाभ, शुभ, 23:34–01:07 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:07–02:41 शुक्र
  • शुभ, 02:41–04:14 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:14–05:47 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:47–07:13, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:40–10:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:38–10:25, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:11–11:57, शुभ
  • राहु काल, 13:01–14:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:16–15:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:57 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में देवउठनी एकादशी गुरु 26 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी गुरु 26 नवंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी एकादशी 05:46 05:12 03:00 04:00 06:00 07:00 08:00 बुध 25 नवंबर अरुणोदय 04:10–05:46
दशमी एकादशी 05:46 05:12 03:00 07:00 बुध 25 नवंबर अरुणोदय 04:10–05:46
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 25 नवंबर को 05:46 और गुरु 26 नवंबर को 05:47। एकादशी (बुध 25 नवंबर 05:12 से गुरु 26 नवंबर 07:40 तक) और द्वादशी (गुरु 26 नवंबर 07:40 से शुक्र 27 नवंबर 10:16 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: गुरु 26 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: बुध 25 नवंबर को दशमी 05:12 तक है, उसके भीतर (04:10–05:46); गुरु 26 नवंबर को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

देवउठनी एकादशी: Codcod में हर तारीख़

गुरु 26 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 131.1° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 131.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:47। दशमी उससे पहले 05:12 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 07:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 15 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ बुध 25 और गुरु 26 नवंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 25 नवंबर सुबह गुरु 26 नवंबर सुबह Codcod UTC+8 05:12 07:40 05:46 एकादशी 05:47 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 25 नवंबर सुबह गुरु 26 नवंबर सुबह Codcod UTC+8 05:12 07:40 05:46 एकादशी 05:47 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 05:12 बुध को, सूर्योदय 05:46 बुध से पहले, शुरू हुई और 07:40 को, अगले सूर्योदय 05:47 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Codcod में एकादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी गुरु 26 नवंबर सुबह शुक्र 27 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 05:10 07:40 07:46 10:16 06:52 द्वादशी 06:53 द्वादशी 05:47 एकादशी 05:47 द्वादशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी गुरु 26 नवंबर सुबह शुक्र 27 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 05:10 07:40 07:46 10:16 06:52 द्वादशी 06:53 द्वादशी 05:47 एकादशी 05:47 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:52, एकादशी की समाप्ति 05:10 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:47, एकादशी की समाप्ति 07:40 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।

गुरु 26 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:07–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:07–04:57।

सूर्यास्त 17:21 बुध सूर्योदय 05:47 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 25 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:21 बुध सूर्योदय 05:47 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 25 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 25 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:21 बुध से सूर्योदय 05:47 तक थी, 12 घं 26 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 26 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:11–11:57

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:11–11:57।

गुरु 26 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:38–10:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:38–10:25 और 14:16–15:02।

गुरु 26 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:16–15:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:38–10:25 और 14:16–15:02।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:47 से 17:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:38–10:25 और 14:16–15:02।

गुरु 26 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:47–07:13 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:47 से 17:21, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:21 से 05:47 शुक्र, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 26 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:01–14:28

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:01–14:28।

गुरु 26 नवंबर को यमगंड कब है? 05:47–07:13

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:47–07:13।

गुरु 26 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:40–10:07

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:40–10:07।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:47 से 17:21 तक है, 11 घं 34 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 26 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 17:21, 11 घं 34 मि का दिन।

गुरु 26 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 17:21, 11 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:08 शुक्र चंद्रोदय 14:41
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:08 शुक्र चंद्रोदय 14:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 351.1° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 351.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 351.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 23:50 को निकलेगा, अश्विनी में।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 571° थे, एक चक्कर और 211°: सिद्धि।

सूर्य 219.9° + चंद्रमा 351.1° = 571.0° एक चक्कर + 211.0° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 219.9° + चंद्रमा 351.1° = 571.0° एक चक्कर + 211.0° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 219.9° + 351.1° = 571°, एक पूरा चक्कर और 211°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 10:04 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 131.1° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 131.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:25 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 07:40 तक है।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:47, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:47 से 05:47 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 15 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 15 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 26 नवंबर पूर्णिमा 31 अक्टू॰ अमावस्या 15 नव॰ पूर्णिमा 30 नव॰ अमावस्या 15 दिस॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 26 नवंबर पूर्णिमा 31 अक्टू॰ अमावस्या 15 नव॰ पूर्णिमा 30 नव॰ अमावस्या 15 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

गुरु 26 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942

विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 17:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 26 नवंबर सूर्य 219.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 17:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 26 नवंबर सूर्य 219.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 17:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 239.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 26 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:41

चंद्रमा यहाँ 14:41 पर उदय होता है।

गुरु 26 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:08 शुक्र

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:08 शुक्र चंद्रोदय 14:41
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:21 सूर्योदय 05:47 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:08 शुक्र चंद्रोदय 14:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:08 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:41 पर उदय हुआ; वह फिर 03:08 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।