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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 2 नवंबर 2019

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

षष्ठी

शुक्ल पक्ष · 04:01 रवि तक

फिर सप्तमी · 05:26 सोम तक

त्योहार

छठ · संध्या अर्घ्य

संध्या अर्घ्य
17:23
सूर्यास्त 17:23
उषा अर्घ्य
05:38 रवि

छठ · संध्या अर्घ्य शनि 2 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है। शनि 2 नवंबर क्यों?

छठ: Codcod में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:00 05:38 17:23अगला सूर्योदय 05:38 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:38–07:06कालअशुभ
  • 07:06–08:34शुभ
  • 08:34–10:02रोगअशुभ
  • 10:02–11:30उद्वेगअशुभ
  • 11:30–12:58चरसामान्य
  • 12:58–14:26लाभयमगण्ड में
  • 14:26–15:55अमृतशुभ
  • 15:55–17:23कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:23–18:55लाभशुभ
  • 18:55–20:26उद्वेगअशुभ
  • 20:26–21:58शुभ
  • 21:58–23:30अमृतशुभ
  • 23:30–01:02 रविचरसामान्य
  • 01:02–02:34 रविरोगअशुभ
  • 02:34–04:06 रविकालअशुभ
  • 04:06–05:38 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 2 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:49, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:38–07:06
  • शुभ, 07:06–08:34
  • रोग, अशुभ, 08:34–10:02
  • उद्वेग, अशुभ, 10:02–11:30
  • चर, सामान्य, 11:30–12:58
  • लाभ, शुभ, 12:58–14:26
  • अमृत, शुभ, 14:26–15:55
  • काल, अशुभ, 15:55–17:23
  • लाभ, शुभ, 17:23–18:55
  • उद्वेग, अशुभ, 18:55–20:26
  • शुभ, 20:26–21:58
  • अमृत, शुभ, 21:58–23:30
  • चर, सामान्य, 23:30–01:02 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:02–02:34 रवि
  • काल, अशुभ, 02:34–04:06 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:06–05:38 रवि
  • गुलिक काल, 05:38–07:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:38–06:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:25–07:12, अशुभ
  • राहु काल, 08:34–10:02, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:07–11:54, शुभ
  • यमगण्ड, 12:58–14:26, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:49 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Codcod में छठ शनि 2 नवंबर को क्यों है?

छठ · संध्या अर्घ्य शनि 2 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है।

पञ्चमी 16:00 17:00 18:00 19:00 शुक्र 1 नवंबर सूर्यास्त 17:23
पञ्चमी 16:00 17:00 18:00 19:00 शुक्र 1 नवंबर सूर्यास्त 17:23
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्यास्त। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संध्या अर्घ्य सूर्यास्त पर दिया जाता है। षष्ठी शनि 2 नवंबर को 03:21 से रवि 3 नवंबर को 04:01 तक है, इसलिए सूर्यास्त पर वह केवल शनि 2 नवंबर को है, 17:23 पर। छठ · संध्या अर्घ्य का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्यास्त Tithika की परिपाटी है।

छठ: Codcod में हर तारीख़

शनि 2 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 61.1° आगे था: शुक्ल षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 61.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 61.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:38। पञ्चमी उससे पहले 03:21 पर समाप्त हुई। षष्ठी 04:01 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 28 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 2 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:49

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:49।

सूर्यास्त 17:23 शुक्र सूर्योदय 05:38 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 1 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:23 शुक्र सूर्योदय 05:38 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 1 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 1 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:23 शुक्र से सूर्योदय 05:38 तक थी, 12 घं 15 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 2 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:07–11:54

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:07–11:54।

शनि 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:38–06:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:38–06:25 और 06:25–07:12।

शनि 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:25–07:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:38–06:25 और 06:25–07:12।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:38 से 17:23, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:38–06:25 और 06:25–07:12।

शनि 2 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:38–07:06 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:38 से 17:23, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:23 से 05:38 रवि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 2 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:34–10:02

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:02।

शनि 2 नवंबर को यमगंड कब है? 12:58–14:26

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:58–14:26।

शनि 2 नवंबर को गुलिक काल कब है? 05:38–07:06

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:38–07:06।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:38 से 17:23 तक है, 11 घं 45 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 2 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:23, 11 घं 45 मि का दिन।

शनि 2 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:23, 11 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:05 चंद्रोदय 10:17
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:05 चंद्रोदय 10:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 256.2° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 256.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 256.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:31 रवि को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

शनि 2 नवंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 451.2° थे, एक चक्कर और 91.2°: सुकर्मा।

सूर्य 195.0° + चंद्रमा 256.2° = 451.2° एक चक्कर + 91.2° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 195.0° + चंद्रमा 256.2° = 451.2° एक चक्कर + 91.2° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 195° + 256.2° = 451.2°, एक पूरा चक्कर और 91.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 09:20 को समाप्त होता है, फिर धृति।

शनि 2 नवंबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 61.1° थी: षष्ठी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 61.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° कौलव 60°–66° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 61.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° कौलव 60°–66° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 15:35 तक है, जब बढ़त 66° होगी; तैतिल 04:01 रवि तक।

शनि 2 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:38, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:38 से 05:38 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 28 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 17 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 26 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 2 नवंबर पूर्णिमा 14 अक्टू॰ अमावस्या 28 अक्टू॰ पूर्णिमा 12 नव॰ अमावस्या 26 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 2 नवंबर पूर्णिमा 14 अक्टू॰ अमावस्या 28 अक्टू॰ पूर्णिमा 12 नव॰ अमावस्या 26 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941

विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 2019 16:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 2 नवंबर सूर्य 195.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 2019 16:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 2 नवंबर सूर्य 195.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 16:50 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 203.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 2 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:17

चंद्रमा यहाँ 10:17 पर उदय होता है।

शनि 2 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:05

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:05 चंद्रोदय 10:17
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 05:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:05 चंद्रोदय 10:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:17 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:05 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:17 पर उदय हुआ; वह फिर 22:05 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।