Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शुक्र 26 फ़रवरी 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी शुक्र 26 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शुक्र 26 फ़रवरी क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Codcod में हर तारीख़26 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 26 फ़रवरी
- 04:26–05:15ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:03 से
- 07:32–09:01लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:13–10:31अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:00–12:24अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:00–12:24शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
12:00–12:24अमृत कालराहु काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · हस्त में
- 13:11–13:29शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:56 के बाद
- 20:58–22:29लाभ चौघड़िया
- 00:00–01:30 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:30–03:01 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:26–05:14 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:03–07:32चरसामान्य
- 07:32–09:01लाभगुलिक काल में
- 09:01–10:31अमृतशुभ
- 10:31–12:00कालअशुभ
- 12:00–13:29शुभ
- 13:29–14:58रोगअशुभ
- 14:58–16:27उद्वेगअशुभ
- 16:27–17:56चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:56–19:27रोगअशुभ
- 19:27–20:58कालअशुभ
- 20:58–22:29लाभशुभ
- 22:29–00:00 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:00–01:30 शनिशुभ
- 01:30–03:01 शनिअमृतशुभ
- 03:01–04:32 शनिचरसामान्य
- 04:32–06:03 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 26 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:15, शुभ
- चर, सामान्य, 06:03–07:32
- लाभ, शुभ, 07:32–09:01
- अमृत, शुभ, 09:01–10:31
- काल, अशुभ, 10:31–12:00
- शुभ, 12:00–13:29
- रोग, अशुभ, 13:29–14:58
- उद्वेग, अशुभ, 14:58–16:27
- चर, सामान्य, 16:27–17:56
- रोग, अशुभ, 17:56–19:27
- काल, अशुभ, 19:27–20:58
- लाभ, शुभ, 20:58–22:29
- उद्वेग, अशुभ, 22:29–00:00 शनि
- शुभ, 00:00–01:30 शनि
- अमृत, शुभ, 01:30–03:01 शनि
- चर, सामान्य, 03:01–04:32 शनि
- रोग, अशुभ, 04:32–06:03 शनि
- गुलिक काल, 07:32–09:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:26–09:13, अशुभ
- राहु काल, 10:31–12:00, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:24, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:24–13:11, अशुभ
- यमगण्ड, 14:58–16:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:14 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में संकष्टी चतुर्थी शुक्र 26 फ़रवरी को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी शुक्र 26 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 26 फ़रवरी को 08:35 से शनि 27 फ़रवरी को 11:12 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 26 फ़रवरी को है, 20:41 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 214.9° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:03। द्वितीया उससे पहले 06:09 गुरु पर समाप्त हुई। तृतीया 08:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 23 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Codcod में तृतीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:50, तृतीया की समाप्ति 06:05 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 06:03, तृतीया की समाप्ति 08:35 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
शुक्र 26 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:15
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:15।
गुरु 25 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:56 गुरु से सूर्योदय 06:03 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 26 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:24।
शुक्र 26 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:26–09:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:26–09:13 और 12:24–13:11।
शुक्र 26 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:24–13:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:26–09:13 और 12:24–13:11।
यहाँ दिन, 06:03 से 17:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:26–09:13 और 12:24–13:11।
शुक्र 26 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:03–07:32 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:03 से 17:56, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:56 से 06:03 शनि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 26 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 10:31–12:00
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:31–12:00।
शुक्र 26 फ़रवरी को यमगंड कब है? 14:58–16:27
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:27।
शुक्र 26 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 07:32–09:01
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:32–09:01।
यहाँ दिन 06:03 से 17:56 तक है, 11 घं 53 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 26 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 53 मि का दिन।
शुक्र 26 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:56, 11 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 167.5° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:51 को निकलेगा, चित्रा में।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 480.2° थे, एक चक्कर और 120.2°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 312.7° + 167.5° = 480.2°, एक पूरा चक्कर और 120.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 06:41 शनि को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 214.9° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:20 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 08:35 तक है।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:03, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:03 से 06:03 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 8 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 9 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
शुक्र 26 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 17:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 337.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 26 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:41
चंद्रमा यहाँ 20:41 पर उदय होता है।
शुक्र 26 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:12
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:12 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:41 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:12 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:41 पर उदय होगा।