Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग रवि 14 जून 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत रवि 14 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। रवि 14 जून क्यों?
प्रदोष व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि रवि 14 जून को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। रवि 14 जून क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Codcod में हर तारीख़14 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 14 जून
- 03:55–04:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:25 से
- 08:36–10:11लाभ चौघड़िया
- 10:11–11:47अमृत चौघड़िया
- 11:21–11:47अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:22–14:58शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 18:09–19:33शुभ चौघड़िया
- 19:33–20:58अमृत चौघड़िया
- 01:11–02:36 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:00–05:25 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:55–04:40 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:25–07:00उद्वेगअशुभ
- 07:00–08:36चरसामान्य
- 08:36–10:11लाभशुभ
- 10:11–11:47अमृतशुभ
- 11:47–13:22कालअशुभ
- 13:22–14:58शुभ
- 14:58–16:33रोगअशुभ
- 16:33–18:09उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:33शुभ
- 19:33–20:58अमृतशुभ
- 20:58–22:22चरसामान्य
- 22:22–23:47रोगअशुभ
- 23:47–01:11 सोमकालअशुभ
- 01:11–02:36 सोमलाभशुभ
- 02:36–04:00 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:00–05:25 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 14 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:55–04:40, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:25–07:00
- चर, सामान्य, 07:00–08:36
- लाभ, शुभ, 08:36–10:11
- अमृत, शुभ, 10:11–11:47
- काल, अशुभ, 11:47–13:22
- शुभ, 13:22–14:58
- रोग, अशुभ, 14:58–16:33
- उद्वेग, अशुभ, 16:33–18:09
- शुभ, 18:09–19:33
- अमृत, शुभ, 19:33–20:58
- चर, सामान्य, 20:58–22:22
- रोग, अशुभ, 22:22–23:47
- काल, अशुभ, 23:47–01:11 सोम
- लाभ, शुभ, 01:11–02:36 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:36–04:00 सोम
- शुभ, 04:00–05:25 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:21–12:12, शुभ
- यमगण्ड, 11:47–13:22, अशुभ
- गुलिक काल, 14:58–16:33, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:27–17:18, अशुभ
- राहु काल, 16:33–18:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:55–04:40 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में प्रदोष व्रत रवि 14 जून को क्यों है?
प्रदोष व्रत रवि 14 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 14 जून को 02:24 से सोम 15 जून को 00:39 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (18:09–20:24) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Codcod में मासिक शिवरात्रि रवि 14 जून को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि रवि 14 जून को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 15 जून को 00:39 से सोम 15 जून को 23:11 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: रवि 14 जून। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
रवि 14 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 325.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:25। द्वादशी उससे पहले 02:24 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 00:39 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 3 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 14 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:55–04:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:55–04:40।
शनि 13 जून की रात सूर्यास्त 18:09 शनि से सूर्योदय 05:25 तक थी, 11 घं 16 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 14 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:21–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:21–12:12।
रवि 14 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:27–17:18
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:27–17:18।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:27–17:18।
रवि 14 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:25–07:00 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:09, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 05:25 सोम, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 14 जून को राहुकाल कब है? 16:33–18:09
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:33–18:09।
रवि 14 जून को यमगंड कब है? 11:47–13:22
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:47–13:22।
रवि 14 जून को गुलिक काल कब है? 14:58–16:33
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:33।
यहाँ दिन 05:25 से 18:09 तक है, 12 घं 44 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 14 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 44 मि का दिन।
रवि 14 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 14 जून को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 24.1° पर था: भरणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:49 को निकलेगा, कृत्तिका में।
रवि 14 जून को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 82.6° थे: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 58.5° + 24.1° = 82.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 22:47 को समाप्त होता है, फिर धृति।
रवि 14 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 325.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 13:30 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 00:39 सोम तक।
रवि 14 जून को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:25, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:25 से 05:25 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 14 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 18 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 16 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
रवि 14 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
रवि 14 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 17:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 83.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 14 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:04 सोम
चंद्रमा यहाँ 04:04 सोम पर उदय होता है।
रवि 14 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:00
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:00 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:04 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:00 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:04 सोम पर उदय होगा।