Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग रवि 1 जुलाई 2012
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत रवि 1 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। रवि 1 जुलाई क्यों?
प्रदोष व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत का पारण
देवशयनी एकादशी
1 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 1 जुलाई
- 03:59–04:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:29 से
- 08:40–10:15लाभ चौघड़िया
- 10:15–11:51अमृत चौघड़िया
- 11:25–11:51अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:26–15:02शुभ चौघड़िया
-
14:04–15:02अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · अनुराधा में
- सूर्यास्त 18:12 के बाद
- 18:12–19:37शुभ चौघड़िया
- 19:37–21:02अमृत चौघड़िया
- 01:15–02:40 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:04–05:29 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:59–04:44 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:29–07:04उद्वेगअशुभ
- 07:04–08:40चरसामान्य
- 08:40–10:15लाभशुभ
- 10:15–11:51अमृतशुभ
- 11:51–13:26कालअशुभ
- 13:26–15:02शुभ
- 15:02–16:37रोगअशुभ
- 16:37–18:12उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:12–19:37शुभ
- 19:37–21:02अमृतशुभ
- 21:02–22:26चरसामान्य
- 22:26–23:51रोगअशुभ
- 23:51–01:15 सोमकालअशुभ
- 01:15–02:40 सोमलाभशुभ
- 02:40–04:04 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:04–05:29 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:44, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:29–07:04
- चर, सामान्य, 07:04–08:40
- लाभ, शुभ, 08:40–10:15
- अमृत, शुभ, 10:15–11:51
- काल, अशुभ, 11:51–13:26
- शुभ, 13:26–15:02
- रोग, अशुभ, 15:02–16:37
- उद्वेग, अशुभ, 16:37–18:12
- शुभ, 18:12–19:37
- अमृत, शुभ, 19:37–21:02
- चर, सामान्य, 21:02–22:26
- रोग, अशुभ, 22:26–23:51
- काल, अशुभ, 23:51–01:15 सोम
- लाभ, शुभ, 01:15–02:40 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:40–04:04 सोम
- शुभ, 04:04–05:29 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:25–12:16, शुभ
- यमगण्ड, 11:51–13:26, अशुभ
- गुलिक काल, 15:02–16:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:31–17:22, अशुभ
- राहु काल, 16:37–18:12, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:44 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में प्रदोष व्रत रवि 1 जुलाई को क्यों है?
प्रदोष व्रत रवि 1 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 1 जुलाई को 12:08 से सोम 2 जुलाई को 09:00 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (18:12–20:28) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
रवि 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 140.2° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। एकादशी उससे पहले 15:10 शनि पर समाप्त हुई। द्वादशी 12:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 19 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:59–04:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:59–04:44।
शनि 30 जून की रात सूर्यास्त 18:12 शनि से सूर्योदय 05:29 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:25–12:16
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:25–12:16।
रवि 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:31–17:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:31–17:22।
यहाँ दिन, 05:29 से 18:12, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:31–17:22।
रवि 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:29–07:04 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:29 से 18:12, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:12 से 05:29 सोम, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 16:37–18:12
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:37–18:12।
रवि 1 जुलाई को यमगंड कब है? 11:51–13:26
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:51–13:26।
रवि 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 15:02–16:37
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:02–16:37।
यहाँ दिन 05:29 से 18:12 तक है, 12 घं 43 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:12, 12 घं 43 मि का दिन।
रवि 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:12, 12 घं 43 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 215.6° पर था: अनुराधा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 213°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:28 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
रवि 1 जुलाई को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 291° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75.4° + 215.6° = 291°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 08:59 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
रवि 1 जुलाई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 140.2° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 01:41 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 12:08 तक है।
रवि 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 19 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 19 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
रवि 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934
विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 22:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 97.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:41
चंद्रमा यहाँ 15:41 पर उदय होता है।
रवि 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:36 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:36 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:41 पर उदय हुआ; वह फिर 03:36 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।