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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग मंगल 27 मार्च 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:12 05:47 17:57अगला सूर्योदय 05:46 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:47–07:18रोगअशुभ
  • 07:18–08:49उद्वेगअशुभ
  • 08:49–10:21चरसामान्य
  • 10:21–11:52लाभशुभ
  • 11:52–13:23अमृतगुलिक काल में
  • 13:23–14:55कालअशुभ
  • 14:55–16:26शुभराहु काल में
  • 16:26–17:57रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:57–19:26कालअशुभ
  • 19:26–20:55लाभशुभ
  • 20:55–22:23उद्वेगअशुभ
  • 22:23–23:52शुभ
  • 23:52–01:20 बुधअमृतशुभ
  • 01:20–02:49 बुधचरसामान्य
  • 02:49–04:18 बुधरोगअशुभ
  • 04:18–05:46 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 27 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:59, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:47–07:18
  • उद्वेग, अशुभ, 07:18–08:49
  • चर, सामान्य, 08:49–10:21
  • लाभ, शुभ, 10:21–11:52
  • अमृत, शुभ, 11:52–13:23
  • काल, अशुभ, 13:23–14:55
  • शुभ, 14:55–16:26
  • रोग, अशुभ, 16:26–17:57
  • काल, अशुभ, 17:57–19:26
  • लाभ, शुभ, 19:26–20:55
  • उद्वेग, अशुभ, 20:55–22:23
  • शुभ, 22:23–23:52
  • अमृत, शुभ, 23:52–01:20 बुध
  • चर, सामान्य, 01:20–02:49 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:49–04:18 बुध
  • काल, अशुभ, 04:18–05:46 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:13–09:02, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:49–10:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:16, शुभ
  • गुलिक काल, 11:52–13:23, अशुभ
  • राहु काल, 14:55–16:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:41–23:28, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:59 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 27 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 47.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:47। तृतीया उससे पहले 05:17 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:58 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 22 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

चतुर्थी यहाँ सोम 26 और मंगल 27 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी सोम 26 मार्च सुबह मंगल 27 मार्च सुबह Codcod UTC+8 05:17 07:58 05:47 चतुर्थी 05:47 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी सोम 26 मार्च सुबह मंगल 27 मार्च सुबह Codcod UTC+8 05:17 07:58 05:47 चतुर्थी 05:47 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:17 सोम को, सूर्योदय 05:47 सोम से पहले, शुरू हुई और 07:58 को, अगले सूर्योदय 05:47 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?

नई दिल्ली में पञ्चमी है, Codcod में चतुर्थी।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 27 मार्च सुबह बुध 28 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 05:28 07:58 08:07 10:37 06:16 पञ्चमी 06:15 पञ्चमी 05:47 चतुर्थी 05:46 पञ्चमी
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी मंगल 27 मार्च सुबह बुध 28 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Codcod UTC+8 05:28 07:58 08:07 10:37 06:16 पञ्चमी 06:15 पञ्चमी 05:47 चतुर्थी 05:46 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:16, चतुर्थी की समाप्ति 05:28 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

Codcod · UTC+8

यहाँ सूर्योदय, 05:47, चतुर्थी की समाप्ति 07:58 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

मंगल 27 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:59

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:59।

सूर्यास्त 17:57 सोम सूर्योदय 05:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 26 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:57 सोम सूर्योदय 05:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 26 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 26 मार्च की रात सूर्यास्त 17:57 सोम से सूर्योदय 05:47 तक थी, 11 घं 50 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 27 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:16।

मंगल 27 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:13–09:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:13–09:02, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:41–23:28।

मंगल 27 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 22:41–23:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:13–09:02, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:41–23:28।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:47 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:13–09:02 और 22:41–23:28।

मंगल 27 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:47–07:18 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:47 से 17:57, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:57 से 05:46 बुध, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 27 मार्च को राहुकाल कब है? 14:55–16:26

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:55–16:26।

मंगल 27 मार्च को यमगंड कब है? 08:49–10:21

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:21।

मंगल 27 मार्च को गुलिक काल कब है? 11:52–13:23

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:52–13:23।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:47 से 17:57 तक है, 12 घं 10 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 27 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 10 मि का दिन।

मंगल 27 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 17:57, 12 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:38 चंद्रोदय 08:42
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:38 चंद्रोदय 08:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 27 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 29.6° पर था: कृत्तिका, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 29.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 29.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:55 बुध को निकलेगा, रोहिणी में।

मंगल 27 मार्च को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 372.2° थे, एक चक्कर और 12.2°: विष्कम्भ।

सूर्य 342.6° + चंद्रमा 29.6° = 372.2° एक चक्कर + 12.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 342.6° + चंद्रमा 29.6° = 372.2° एक चक्कर + 12.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 342.6° + 29.6° = 372.2°, एक पूरा चक्कर और 12.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 07:52 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

मंगल 27 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 47° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 47.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:37 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 07:58 तक है।

मंगल 27 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:47, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:47 से 05:46 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 27 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 22 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

मंगल 27 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल मंगल 27 मार्च पूर्णिमा 8 मार्च अमावस्या 22 मार्च पूर्णिमा 7 अप्रैल अमावस्या 21 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल मंगल 27 मार्च पूर्णिमा 8 मार्च अमावस्या 22 मार्च पूर्णिमा 7 अप्रैल अमावस्या 21 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

मंगल 27 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934

विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 22:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 27 मार्च सूर्य 342.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 22:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 27 मार्च सूर्य 342.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 22:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 4.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 27 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:42

चंद्रमा यहाँ 08:42 पर उदय होता है।

मंगल 27 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:38

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:38 चंद्रोदय 08:42
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:57 सूर्योदय 05:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:38 चंद्रोदय 08:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:38 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:42 पर उदय हुआ; वह फिर 21:38 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।