Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 31 मई 2003
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत शनि 31 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 31 मई क्यों?
वट सावित्री व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 31 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 31 मई क्यों?
अमावस्या: Codcod में हर तारीख़31 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 31 मई
- 03:53–04:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:24 से
- 07:05–08:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:19–12:10अभिजीत मुहूर्त
- 13:19–14:55लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:55–16:30अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:05 के बाद
- 18:05–19:30लाभ चौघड़िया
- 20:55–22:19शुभ चौघड़िया
- 22:19–23:44अमृत चौघड़िया
-
00:35–02:22 रविअमृत कालरोहिणी में
- 03:59–05:24 रविलाभ चौघड़िया
- 03:53–04:38 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:24–06:59कालअशुभ
- 06:59–08:34शुभ
- 08:34–10:09रोगअशुभ
- 10:09–11:44उद्वेगअशुभ
- 11:44–13:19चरसामान्य
- 13:19–14:55लाभयमगण्ड में
- 14:55–16:30अमृतशुभ
- 16:30–18:05कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:05–19:30लाभशुभ
- 19:30–20:55उद्वेगअशुभ
- 20:55–22:19शुभ
- 22:19–23:44अमृतशुभ
- 23:44–01:09 रविचरसामान्य
- 01:09–02:34 रविरोगअशुभ
- 02:34–03:59 रविकालअशुभ
- 03:59–05:24 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 31 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:38, शुभ
- काल, अशुभ, 05:24–06:59
- शुभ, 06:59–08:34
- रोग, अशुभ, 08:34–10:09
- उद्वेग, अशुभ, 10:09–11:44
- चर, सामान्य, 11:44–13:19
- लाभ, शुभ, 13:19–14:55
- अमृत, शुभ, 14:55–16:30
- काल, अशुभ, 16:30–18:05
- लाभ, शुभ, 18:05–19:30
- उद्वेग, अशुभ, 19:30–20:55
- शुभ, 20:55–22:19
- अमृत, शुभ, 22:19–23:44
- चर, सामान्य, 23:44–01:09 रवि
- रोग, अशुभ, 01:09–02:34 रवि
- काल, अशुभ, 02:34–03:59 रवि
- लाभ, शुभ, 03:59–05:24 रवि
- गुलिक काल, 05:24–06:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:24–06:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:14–07:05, अशुभ
- राहु काल, 08:34–10:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:19–12:10, शुभ
- यमगण्ड, 13:19–14:55, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:38 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में वट सावित्री व्रत शनि 31 मई को क्यों है?
वट सावित्री व्रत शनि 31 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 30 मई को 09:59 से शनि 31 मई को 12:19 तक है, इसलिए वह केवल शनि 31 मई के सूर्योदय (05:24) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Codcod में अमावस्या शनि 31 मई को क्यों है?
अमावस्या शनि 31 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 30 मई को 09:59 से शनि 31 मई को 12:19 तक है, इसलिए वह केवल शनि 31 मई के सूर्योदय (05:24) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 31 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 356.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:24। चतुर्दशी उससे पहले 09:59 शुक्र पर समाप्त हुई। अमावस्या 12:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 16 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 31 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:53–04:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:53–04:38।
शुक्र 30 मई की रात सूर्यास्त 18:05 शुक्र से सूर्योदय 05:24 तक थी, 11 घं 19 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 31 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:19–12:10
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:19–12:10।
शनि 31 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:24–06:14
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:24–06:14 और 06:14–07:05।
शनि 31 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:14–07:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:24–06:14 और 06:14–07:05।
यहाँ दिन, 05:24 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:24–06:14 और 06:14–07:05।
शनि 31 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:24–06:59 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:24 से 18:05, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:05 से 05:24 रवि, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 31 मई को राहुकाल कब है? 08:34–10:09
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:09।
शनि 31 मई को यमगंड कब है? 13:19–14:55
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:19–14:55।
शनि 31 मई को गुलिक काल कब है? 05:24–06:59
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:24–06:59।
यहाँ दिन 05:24 से 18:05 तक है, 12 घं 41 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 31 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:05, 12 घं 41 मि का दिन।
शनि 31 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:05, 12 घं 41 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 31 मई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 42° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:09 रवि को निकलेगा, मृगशिरा में।
शनि 31 मई को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 87.2° थे: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 45.2° + 42° = 87.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 16:55 को समाप्त होता है, फिर धृति।
शनि 31 मई को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 356.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 23:11 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 12:19 तक है।
शनि 31 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:24, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:24 से 05:24 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 31 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 1 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 31 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 31 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
शनि 31 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925
विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 03:18 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 57.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 31 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:13
चंद्रमा यहाँ 18:13 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:13 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।